निदानात्मक एवं उपचारात्मक शिक्षण
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शैक्षणिक मूल्यांकन की प्रक्रिया में 'सतत एवं व्यापक मूल्यांकन' (CCE) प्रणाली के अंतर्गत 'निदानात्मक आकलन' (Diagnostic Assessment) और 'उपचारात्मक शिक्षण' (Remedial Teaching) के तात्विक एवं व्यावहारिक स्वरूप का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन दोनों के मध्य के अंतर्संबंध और उनके वैज्ञानिक उद्देश्यों को सर्वाधिक सटीक रूप से परिभाषित करता है?
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Detailed Explanation
सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (CCE) के अंतर्गत 'निदानात्मक आकलन' (Diagnostic Assessment) का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों की अधिगम प्रक्रिया में आ रही कठिनाइयों, कमजोरियों और विशिष्ट त्रुटियों के मूल कारणों (Root Causes) का सटीक पता लगाना है। इसके पश्चात, 'उपचारात्मक शिक्षण' (Remedial Teaching) के माध्यम से उन कमियों और कठिनाइयों को दूर करने के लिए उपयुक्त शिक्षण विधियों एवं रणनीतियों का प्रयोग किया जाता है। इस संदर्भ में विकिपीडिया संदर्भ देखा जा सकता है, जो शैक्षिक सुधार और मूल्यांकन की इन प्रक्रियाओं के महत्व को स्पष्ट करता है।
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शैक्षिक मनोविज्ञान और विद्यालयी मूल्यांकन प्रणालियों के अंतर्गत 'सतत एवं…
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शैक्षणिक मूल्यांकन के परिप्रेक्ष्य में 'सतत एवं व्यापक…
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