गॉर्डन ऑलपोर्ट (Gordon Allport) द्वारा प्रतिपादित व्यक्तित्व के शील गुण सिद्धांत (Trait Theory) के अंतर्गत 'केंद्रीय शील गुण' (Central Traits), 'प्रमुख शील गुण' (Cardinal Traits) तथा 'द्वितीयक शील गुण' (Secondary Traits) का वर्गीकरण किया गया है। इन तीनों श्रेणियों का गहन मनोवैज्ञानिक विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन ऑलपोर्ट के इन शील गुणों के वास्तविक तात्विक और कार्यात्मक स्वरूप को सर्वाधिक सटीक रूप से स्पष्ट करता है?
Detailed Explanation
📌 मुख्य संकल्पना / सिद्धांत:
गॉर्डन ऑलपोर्ट (Gordon Allport) को आधुनिक व्यक्तित्व मनोविज्ञान और शील गुण सिद्धांत (Trait Theory) का जनक माना जाता है। ऑलपोर्ट ने अपने शील गुण उपागम में व्यक्तिगत शील गुणों (Individual Traits) को तीन श्रेणियों में विभाजित किया है: प्रमुख शील गुण (Cardinal Traits), केंद्रीय शील गुण (Central Traits), और द्वितीयक शील गुण (Secondary Traits)। 'प्रमुख शील गुण' वे अत्यधिक शक्तिशाली और सर्वव्यापी विशेषताएँ हैं जो व्यक्ति के संपूर्ण जीवन, दर्शन और व्यवहार को निर्देशित करती हैं (जैसे नेपोलियन का सत्तालोलुप होना या गांधीजी का अहिंसावादी होना)। ये बहुत कम लोगों में पाए जाते हैं। इसके विपरीत, 'केंद्रीय शील गुण' (Central Traits) हमारे व्यक्तित्व के वे बुनियादी और सामान्य स्तंभ होते हैं जो हमारे दैनिक आचरण, आदतों और सामाजिक अंतःक्रियाओं का निर्माण करते हैं, जैसे ईमानदारी, मिलनसारिता या बुद्धिमत्ता। अतः विकल्प (a) इन गुणों के तात्विक और कार्यात्मक स्वरूप को एकदम सही ढंग से परिभाषित करता है।
📊 परीक्षा उपयोगी मुख्य बिंदु:
- प्रमुख शील गुण (Cardinal Traits): ये अत्यंत दुर्लभ होते हैं, संपूर्ण जीवन पर हावी होते हैं और व्यक्ति की पहचान बन जाते हैं।
- केंद्रीय शील गुण (Central Traits): ये सामान्य विशेषताएँ हैं (आमतौर पर 5 से 10 होती हैं) जो अधिकांश व्यक्तियों के दैनिक जीवन का आधार बनती हैं।
- द्वितीयक शील गुण (Secondary Traits): ये विशिष्ट परिस्थितियों या प्राथमिकताओं से जुड़े होते हैं (जैसे भोजन पसंद या वस्त्र पहनने का ढंग)।
- विकल्प विश्लेषण: विकल्प (b), (c) और (d) ऑलपोर्ट के शील गुण वर्गीकरण के वैज्ञानिक तथ्यों के विपरीत हैं, अतः वे असत्य हैं।
📖 सैद्धांतिक संदर्भ: ऑलपोर्ट का शील गुण सिद्धांत व्यक्तित्व के आंतरिक और अद्वितीय पक्षों पर जोर देता है। अधिक जानकारी के लिए व्यक्तित्व के सिद्धांत और बाल विकास एवं व्यक्तित्व के अन्य अनुभागों का अध्ययन करें।
🎯 परीक्षा दृष्टिकोण: CTET / UPTET / BPSC TRE हेतु महत्वपूर्ण विस्तृत हल ➔
गहन विश्लेषण एवं परीक्षा उपयोगी रणनीतियाँ:
शिक्षक पात्रता परीक्षाओं (CTET, UPTET, KVS, DSSSB) में व्यक्तित्व (Personality) के मनोवैज्ञानिक सिद्धांतों से अक्सर प्रश्न पूछे जाते हैं। गॉर्डन ऑलपोर्ट का आइडोग्राफिक (Ideographic) दृष्टिकोण इस बात पर बल देता है कि प्रत्येक व्यक्ति का व्यक्तित्व अद्वितीय होता है। यहाँ 'Cardinal' शब्द का अर्थ है 'मुख्य या सर्वोच्च', 'Central' का अर्थ है 'केंद्रीय या आधारभूत', और 'Secondary' का अर्थ है 'गौण या द्वितीयक'। छात्रों को इन तीनों के बीच के पदानुक्रम (Hierarchy) को समझना चाहिए। परीक्षा में अक्सर भ्रमित करने वाले विकल्प दिए जाते हैं, जैसे द्वितीयक गुणों को जैविक बताना या प्रमुख गुणों को सामान्य बताना, जिनसे परीक्षार्थियों को सतर्क रहना चाहिए। ऑलपोर्ट के अनुसार, शील गुण तंत्रिका-मनोवैज्ञानिक संरचनाएँ हैं जो उत्तेजनाओं को कार्यात्मक रूप से समतुल्य बनाने की क्षमता रखती हैं।