हेंस आइजेंक (Hans Eysenck) द्वारा प्रतिपादित 'व्यक्तित्व के त्रि-आयामी (PEN) मॉडल' के अंतर्गत, जिसमें 'साइकोटिकिज़्म' (Psychoticism), 'एक्स्ट्रावर्जन' (Extraversion), और 'न्यूरोटिसिज़्म' (Neuroticism) को शामिल किया गया है, इन तीनों आयामों का जैविक, आनुवंशिक और न्यूरोफिज़ियोलॉजिकल आधारों के संदर्भ में गहन मनोवैज्ञानिक विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन आयामों के कार्यप्रणाली और व्यक्तिगत विभिन्नताओं को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है?
Detailed Explanation
📌 मुख्य संकल्पना / सिद्धांत:
हेंस आइजेंक (Hans Eysenck) का 'त्रि-आयामी (PEN) मॉडल' व्यक्तित्व के जैविक और आनुवंशिक आधारों पर अत्यधिक बल देता है। इस मॉडल में एक्स्ट्रावर्जन (Extraversion) आयाम रेटिकुलार एक्टिवेटिंग सिस्टम (RAS) के कॉर्टिकल अरसॉसल (Cortical Arousal) के स्तर पर आधारित होता है। आइजेंक के अनुसार, अंतर्मुखी (Introverts) व्यक्तियों में कॉर्टिकल अरसॉसल का बेसलाइन स्तर अत्यधिक उच्च होता है, जिसके कारण वे बाहरी वातावरण की उत्तेजनाओं (Sensory Stimulation) से बहुत जल्दी संतृप्त या अति-उत्तेजित हो जाते हैं। इसके विपरीत, बहिर्मुखी (Extraverts) व्यक्तियों में यह आधारभूत स्तर कम होता है, और वे इसे बढ़ाने के लिए अधिक सामाजिक अंतःक्रिया और बाहरी रोमांच की तलाश करते हैं। यह जैविक निर्धारण आइजेंक के सिद्धांत की केंद्रीय विशेषता है।
📊 परीक्षा उपयोगी मुख्य बिंदु:
- एक्स्ट्रावर्जन (E): यह आरएएस (RAS) प्रणाली और कॉर्टिकल उत्तेజन से जुड़ा है, जहाँ अंतर्मुखी उच्च अरसॉसल और बहिर्मुखी निम्न अरसॉसल रखते हैं।
- न्यूरोटिसिज़्म (N): यह स्वायत्त तंत्रिका तंत्र (ANS) और लिम्बिक सिस्टम की भावनात्मक स्थिरता या अस्थिरता से संबंधित है। उच्च न्यूरोटिक व्यक्ति भावनात्मक रूप से संवेदनशील और तनावग्रस्त होते हैं, अतः विकल्प C गलत है क्योंकि उसमें उन्हें शांत बताया गया है।
- साइकोटिकिज़्म (P): यह टफ-माइन्डेडनेस, आक्रामकता और हार्मोनल असंतुलन से जुड़ा है; विकल्प A का विवरण आंशिक रूप से ठीक है लेकिन B अधिक स्पष्ट जैविक तंत्र को दर्शाता है।
- विकल्प D का खंडन: आइजेंक पर्यावरण के साथ-साथ आनुवंशिकता को सर्वोपरि मानते थे, अतः इसे केवल पर्यावरणीय मानना पूर्णतया गलत है।
📖 सैद्धांतिक संदर्भ: आइजेंक का यह मॉडल ट्रेउट (Trait) और बायोलॉजिकल परस्पेक्टिव का एक उत्कृष्ट समन्वय प्रस्तुत करता है, जो बाल विकास और मनोविज्ञान में व्यक्तिगत विभिन्नताओं (व्यक्तिगत विभिन्नताएं एवं व्यक्तित्व सिद्धांत) को समझने के लिए आधारशिला का कार्य करता है।
🎯 परीक्षा दृष्टिकोण: CTET / UPTET / BPSC TRE हेतु महत्वपूर्ण विस्तृत हल ➔
गहन विश्लेषण एवं परीक्षा उपयोगी रणनीतियाँ:
टीईटी परीक्षाओं में व्यक्तित्व के जैविक सिद्धांतों से अक्सर प्रश्न पूछे जाते हैं। आइजेंक का PEN मॉडल इस बात पर जोर देता है कि हमारे व्यक्तित्व के लक्षण केवल सामाजिक या पर्यावरणीय अनुभवों की उपज नहीं हैं, बल्कि उनका गहरा संबंध हमारे तंत्रिका तंत्र (Central and Autonomic Nervous System) और हार्मोन्स से है। कक्षा शिक्षण के दौरान एक शिक्षक को यह समझना आवश्यक है कि अंतर्मुखी बच्चे क्यों शांत वातावरण पसंद करते हैं और उन्हें जबरन अति-सामाजिक गतिविधियों में धकेलना उनके संवेदी तंत्र पर भारी पड़ सकता है। इसी प्रकार, न्यूरोटिसिज़्म से ग्रस्त बच्चों को सुरक्षित और तनाव-मुक्त वातावरण प्रदान करना समावेशी शिक्षा का एक अहम हिस्सा है। इस प्रकार के विश्लेषणात्मक प्रश्न वैचारिक स्पष्टता को परखने के लिए डिज़ाइन किए जाते हैं।