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विकास के क्षेत्र सभी देखें (969) शारीरिक एवं गामक विकास3 संज्ञानात्मक विकास429 सामाजिक विकास21 संवेगात्मक विकास109 भाषा विकास23 नैतिक एवं चारित्रिक विकास384
विकास के प्रमुख सिद्धांतकार सभी देखें (1928) जीन पियाजे519 लेव वाइगोत्स्की403 लॉरेंस कोहलबर्ग19 एरिक एरिक्सन37 जेरोम ब्रूनर76 अल्बर्ट बंडूरा134 सिगमंड फ्रायड278 मास्लो, रोजर्स एवं मानवतावाद406 अन्य सिद्धांतकार (गेसेल, ब्रोनफेनब्रेनर, हॉल, आदि)56
अधिगम (सीखना) सभी देखें (1410) अधिगम: अर्थ, प्रकृति एवं प्रकार21 शास्त्रीय अनुबंधन (पावलोव)90 क्रियाप्रसूत अनुबंधन (स्किनर)262 थॉर्नडाइक: प्रयास एवं त्रुटि191 गेस्टाल्ट एवं अंतर्दृष्टि अधिगम284 रचनावाद एवं अन्य अधिगम सिद्धांत44 अधिगम स्थानांतरण, वक्र एवं पठार266 स्मृति एवं विस्मृति123 ध्यान एवं रुचि5 अभिप्रेरणा एवं प्रेरक97 अधिगम शैलियाँ एवं रणनीतियाँ27
बुद्धि, व्यक्तित्व एवं सृजनशीलता सभी देखें (925) बुद्धि: अवधारणा एवं सिद्धांत212 गार्डनर: बहुबुद्धि301 संवेगात्मक बुद्धि (EQ)11 बुद्धि परीक्षण (IQ)65 व्यक्तित्व: सिद्धांत एवं प्रकार219 व्यक्तित्व मापन एवं परीक्षण24 सृजनशीलता (Creativity)92 अभिक्षमता, अभिवृत्ति एवं अभिरुचि1
वैयक्तिक भिन्नता एवं समावेशी शिक्षा सभी देखें (712) वैयक्तिक भिन्नताएँ30 समावेशी शिक्षा250 विशेष आवश्यकता वाले बालक (CWSN)63 अधिगम अक्षमता (डिस्लेक्सिया आदि)315 ADHD, ऑटिज़्म एवं न्यूरो-विकासात्मक स्थितियाँ22 प्रतिभाशाली एवं सृजनशील बालक9 वंचित, पिछड़े एवं लैंगिक समानता23
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गेस्टाल्ट एवं अंतर्दृष्टि अधिगम
Asked 2 महीने पहले · Viewed 2,253 times
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वोल्फगांग कोहलर द्वारा चिंपैंजी 'सुल्तान' पर किए गए प्रयोगों और गेस्टाल्टवादी अधिगम सिद्धांत के संदर्भ में, 'सूझ या अंतर्दृष्टि' (Insight) की उत्पत्ति को प्रभावित करने वाले कारकों तथा इसकी संज्ञानात्मक विशेषताओं का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इस सिद्धांत के मूल दर्शन को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है?

Detailed Explanation

📌 मुख्य संकल्पना / सिद्धांत:

वोल्फगांग कोहलर द्वारा प्रतिपादित 'सूझ या अंतर्दृष्टि का सिद्धांत' (Insight Theory of Learning) गेस्टाल्ट मनोविज्ञान पर आधारित है। गेस्टाल्टवादी (कोहलर, कोफ्का, वर्दीमर) इस बात पर जोर देते हैं कि अधिगम केवल यांत्रिक अभ्यास (Trial and Error) का परिणाम नहीं है, बल्कि यह किसी समस्या की संपूर्ण परिस्थिति का मानसिक रूप से विश्लेषण और समग्र पुनर्गठन (Restructuring of the Field) है। जब कोई प्राणी समस्या के विभिन्न पहलुओं को अलग-अलग देखने के बजाय उन्हें एक संपूर्ण इकाई के रूप में देखता है, तो उसके मन में अचानक समाधान उत्पन्न होता है जिसे 'अरे! मुझे समझ आ गया' (Aha! Experience) कहा जाता है। अतः विकल्प (b) इस सिद्धांत के मूल दर्शन को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है क्योंकि यह समग्रता और संज्ञानात्मक पुनर्गठन पर केंद्रित है।

📊 परीक्षा उपयोगी मुख्य बिंदु:

  • गेस्टाल्टवाद (Gestaltism): इसका अर्थ 'समग्र रूप' या 'आकृति' होता है, जो थार्नडाइक के यांत्रिक S-R बंधों का खंडन करता है।
  • सुल्तान पर प्रयोग: कोहलर ने 'सुल्तान' नामक चिंपैंजी पर छड़ी और बक्से के प्रयोग द्वारा यह सिद्ध किया कि जानवर भी यांत्रिक प्रयासों के बिना सूझबूझ से समस्या हल कर सकते हैं।
  • विकल्प (a) का खंडन: सूझ अचानक उत्पन्न होती है, लेकिन यह यांत्रिक अभ्यासों का परिणाम नहीं बल्कि संज्ञानात्मक संगठन का परिणाम है।
  • विकल्प (c) और (d) का खंडन: यह बाह्य पुरस्कारों पर निर्भर नहीं होती और यह पशुओं (विशेषकर उच्च स्तनधारियों) में भी पाई जाती है।

📖 सैद्धांतिक संदर्भ: शिक्षा मनोविज्ञान में गेस्टाल्टवादियों का मानना था कि मानसिक संरचना में अचानक परिवर्तन ही सूझ है। इसके विस्तृत अध्ययन हेतु जीन पियाजे का संज्ञानात्मक विकास सिद्धांत एवं कोहलर के अधिगम सिद्धांत की अवधारणाओं को समझना आवश्यक है।

🎯 परीक्षा दृष्टिकोण: CTET / UPTET / BPSC TRE हेतु महत्वपूर्णविस्तृत हल ➔
गहन विश्लेषण एवं परीक्षा उपयोगी रणनीतियाँ:

शिक्षक पात्रता परीक्षाओं (जैसे CTET, UPTET) में गेस्टाल्टवाद और कोहलर के 'सूझ के सिद्धांत' से अक्सर विश्लेषणात्मक प्रश्न पूछे जाते हैं। यहाँ यह समझना अनिवार्य है कि अंतर्दृष्टि (Insight) क्रमिक नहीं बल्कि आकस्मिक (Sudden) होती है। जब छात्र किसी गणितीय समस्या या विज्ञान के नियम को अचानक समझ जाते हैं, तो वह 'Aha! Experience' कहलाता है। शिक्षकों को कक्षा में रटने की प्रवृत्ति को हतोत्साहित करना चाहिए और विद्यार्थियों में समग्र चिंतन (Holistic Thinking) को बढ़ावा देना चाहिए ताकि वे समस्याओं को टुकड़ों में देखने के बजाय उनके संपूर्ण परिप्रेक्ष्य में हल कर सकें।

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