बाल-केंद्रित एवं सक्रिय शिक्षण
Asked 2 महीने पहले · Viewed 13 times
प्रगतिशील शिक्षा (Progressive Education) के संदर्भ में, जॉन डीवी (John Dewey) द्वारा प्रतिपादित 'करके सीखना' (Learning by Doing) के सिद्धांत और अनुभवात्मक अधिगम (Experiential Learning) के दृष्टिकोण का सूक्ष्म विश्लेषणात्मक अध्ययन करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इस शिक्षा प्रणाली की उस मौलिक विशेषता को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है जो पारंपरिक शिक्षक-केंद्रित शिक्षा से इसे स्पष्ट रूप से भिन्न करती है?
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Detailed Explanation
प्रगतिशील शिक्षा (Progressive Education) बाल-केंद्रित शिक्षा का एक प्रमुख रूप है जो जॉन डीवी के विचारों पर आधारित है। इसके अनुसार, विद्यालय केवल ज्ञान संचरण का केंद्र नहीं बल्कि एक सामाजिक प्रयोगशाला है, जहाँ बच्चे वास्तविक जीवन के अनुभवों, सहयोगात्मक समस्या-समाधान और लोकतांत्रिक सहभागिता के माध्यम से सीखते हैं। विकिपीडिया संदर्भ
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प्रगतिशील शिक्षा (Progressive Education) के संदर्भ में, जॉन डीवी (John Dewey) के 'लर्निंग बाय डूइंग' (Learning by Doing) और जॉन डीवी द्वारा स्थापित 'प्रयोगशाला विद्यालयों' (Laboratory Schools) के वैचारिक ढांचे का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन बाल-केंद्रित एवं प्रगतिशील शिक्षा की सबसे मौलिक, व्यावहारिक और दार्शनिक विशेषता को सर्वाधिक सटीक रूप से रेखांकित करता है?
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जॉन डीवी (John Dewey) के 'प्रगतिशील शिक्षा और अनुभवात्मक अधिगम' (Progressive Education and Experiential Learning) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'करके सीखना' (Learning by Doing)—जिसे उस व्यावहारिक और छात्र-केंद्रित शिक्षण दृष्टिकोण के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत बालक को केवल निष्क्रिय श्रोता के रूप में पाठ्यपुस्तकें रटने के बजाय, वास्तविक जीवन की परिस्थितियों, सामूहिक परियोजनाओं और समस्या-समाधान गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेकर प्रत्यक्ष अनुभव द्वारा ज्ञान का स्वयं निर्माण करने का अवसर दिया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के आलोचनात्मक चिंतन (Critical Thinking), लोकतांत्रिक मूल्यों और व्यावहारिक संज्ञान के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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प्रगतिशील शिक्षा (Progressive Education) के प्रणेता जॉन डीवी द्वारा प्रतिपादित 'लर्निंग बाय डूइंग' (Learning by Doing) और 'विद्यालय समाज का लघु रूप है' (School is a miniature society) के दार्शनिक सिद्धांतों का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, बाल-केंद्रित कक्षा-कक्ष की वास्तविक संरचना और शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से इसकी पुष्टि करता है?
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प्रगतिशील शिक्षा (Progressive Education) के प्रणेता जॉन डीवी के 'अनुभवात्मक अधिगम' (Experiential Learning) और 'प्रोजेक्ट मेथड' (Project Method) के दार्शनिक तथा मनोवैज्ञानिक सिद्धांतों का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इस शिक्षा प्रणाली के उस वास्तविक और व्यावहारिक स्वरूप को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है जो पारंपरिक शिक्षक-केंद्रित और पाठ्यपुस्तक-आधारित शिक्षा से पूरी तरह भिन्न है?
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जॉन डीवी (John Dewey) के 'प्रगतिशील शिक्षा और अनुभवात्मक अधिगम सिद्धांत' (Progressive Education and Experiential Learning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय शैक्षणिक अवधारणा—'करके सीखना' (Learning by Doing)—जिसे इस विचार के रूप में परिभाषित किया जाता है कि शिक्षा केवल निष्क्रिय रूप से ज्ञान को ग्रहण करने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह वास्तविक अनुभवों, व्यावहारिक समस्याओं के समाधान और सक्रिय सामाजिक सहभागिता के माध्यम से ज्ञान का निर्माण करती है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के आलोचनात्मक चिंतन, समस्या-समाधान क्षमताओं और लोकतांत्रिक जीवन मूल्यों के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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प्रगतिशील शिक्षा (Progressive Education) के जनक किसे माना जाता है?
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