थॉर्नडाइक: प्रयास एवं त्रुटि
Asked 1 month ago · Viewed 11 times
अधिगम मनोविज्ञान के अंतर्गत एडवर्ड थार्नडाइक द्वारा प्रतिपादित 'मुख्य नियमों' (Primary Laws of Learning) — तत्परता का नियम (Law of Readiness), अभ्यास का नियम (Law of Exercise), और प्रभाव का नियम (Law of Effect) — का सूक्ष्म विश्लेषणात्मक अध्ययन करने पर, यदि कोई शिक्षक कक्षा में छात्र द्वारा सही उत्तर देने पर तुरंत उसकी प्रशंसा करता है और उसे पुरस्कृत करता है, जिससे छात्र भविष्य में उस अनुक्रिया को बार-बार दोहराने के लिए प्रेरित होता है, तो थार्नडाइक का कौन-सा नियम इस परिस्थिति में सर्वाधिक रूप से सक्रिय है और इसका मुख्य मनोवैज्ञानिक आधार क्या है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
थार्नडाइक के 'प्रभाव के नियम' (Law of Effect) के अनुसार, जिन कार्यों को करने से प्राणी को सुखद या संतोषजनक परिणाम मिलते हैं, उन कार्यों या अनुक्रियाओं को वह बार-बार दोहराता है; इसके विपरीत जिन कार्यों से असंतोष या दंड मिलता है, उन्हें वह छोड़ देता है। यह सिद्धांत आगे चलकर बी.एफ. स्किनर के क्रियाप्रसूत अनुबंधन (Operant Conditioning) और पुनर्बलन (Reinforcement) के सिद्धांत का आधार बना। इस विषय में अधिक जानकारी के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
अगला प्रश्न →
थार्नडाइक के सीखने के सिद्धांत (Connectionism Theory) और शिक्षा में इसके…
← पिछला प्रश्न
बुद्धि के बहु-कारक सिद्धांत (Multi-Factor Theory of…
Related Questions
→
एडवर्ड थार्नडाइक द्वारा प्रतिपादित अधिगम के मुख्य नियमों (Primary Laws of Learning) में से 'प्रभाव का नियम' (Law of Effect) इस बात पर जोर देता है कि संतोषजनक परिणाम किसी अनुक्रिया को मजबूत करते हैं और असंतोषजनक परिणाम उसे कमजोर करते हैं। इस नियम की प्रत्यक्ष रूप से मनोवैज्ञानिक व सैद्धांतिक आलोचना करते हुए स्किनर के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन' (Operant Conditioning) और पावलव के 'शास्त्रीय अनुबंधन' (Classical Conditioning) के परिप्रेक्ष्य में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सबसे अधिक विश्लेषणात्मक रूप से सही है?
→
एडवर्ड थार्नडाइक के 'प्रयास एवं त्रुटि सिद्धांत' (Trial and Error Theory) के प्रमुख नियमों—विशेषकर 'अभ्यास का नियम' (Law of Use and Disuse) तथा 'प्रभाव का नियम' (Law of Effect)—का गहन मनोवैज्ञानिक विश्लेषण करने पर, बी.एफ. स्किनर के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन' (Operant Conditioning) और इवान पावलव के 'शास्त्रीय अनुबंधन' (Classical Conditioning) से इसकी तात्विक भिन्नता को दर्शाने वाला सर्वाधिक सटीक कथन कौन-सा है?
→
अधिगम के सिद्धांतों के संदर्भ में, एडवर्ड थार्नडाइक के 'प्रयत्न एवं भूल सिद्धांत' (Trial and Error Theory), इवान पावलव के 'शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धांत' (Classical Conditioning) तथा बी.एफ. स्किनर के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांत' (Operant Conditioning) के तात्विक, क्रियात्मक और प्रेरक स्वरूप का सूक्ष्म विश्लेषण करते समय, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन तीनों सिद्धांतों के बीच के वास्तविक और वैज्ञानिक अंतर को सबसे सटीक रूप से परिभाषित करता है?
→
अधिगम के मनोविज्ञान के अंतर्गत एडवर्ड थार्नडाइक के 'संबंधवाद' (Connectionism), इवान पावलव के 'शास्त्रीय अनुबंधन' (Classical Conditioning) तथा बी.एफ. स्किनर के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन' (Operant Conditioning) के सिद्धांतों की तात्विक और संरचनात्मक गतिकी का गहन विश्लेषण करने पर, इन तीनों व्यवहारवादी सिद्धांतों के उद्दीपन (Stimulus), अनुक्रिया (Response) और पुनर्बलन (Reinforcement) के संचालन तंत्र के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
→
थार्नडाइक के अधिगम के सिद्धांत में 'तत्परता का नियम' (Law of Readiness) मुख्य रूप से किससे संबंधित है?
→
थार्नडाइक के अधिगम के सिद्धांत में 'तत्परता का नियम' किससे संबंधित है?
→
थार्नडाइक के 'प्रयास एवं त्रुटि का सिद्धांत' (Trial and Error Theory) तथा पावलव के 'शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धांत' (Classical Conditioning Theory) के बीच के तात्विक एवं क्रियात्मक अंतरों का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन दोनों अधिगम प्रणालियों के मूलभूत स्वरूप को सबसे सटीक रूप से परिभाषित करता है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.