गार्डनर: बहुबुद्धि
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बुद्धि के त्रि-तंत्रीय सिद्धांत (Triarchic Theory of Intelligence) के प्रतिपादक रॉबर्ट स्टर्नबर्ग (Robert Sternberg) द्वारा बुद्धि के तीन घटकों—घटकीय/विश्लेषणात्मक (Componential/Analytical), अनुभवात्मक/सृजनात्मक (Experiential/Creative), और संदर्भगत/व्यावहारिक (Contextual/Practical)—का सूक्ष्म विश्लेषणात्मक अध्ययन करने पर, स्टर्नबर्ग के अनुसार 'संदर्भगत बुद्धि' (Contextual Intelligence) या व्यावहारिक बुद्धि की सबसे सटीक और मौलिक विशेषता निम्नलिखित में से कौन-सी है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
रॉबर्ट स्टर्नबर्ग द्वारा प्रतिपादित बुद्धि के त्रि-तंत्रीय सिद्धांत के अनुसार, 'संदर्भगत बुद्धि' (Contextual Intelligence) या व्यावहारिक बुद्धि उस क्षमता को इंगित करती है जिसके माध्यम से व्यक्ति अपने दैनिक जीवन के पर्यावरण के साथ अनुकूलन करता है, आवश्यकतानुसार पर्यावरण को बदलता है या एक नए पर्यावरण का चयन करता है ताकि जीवन में सफलता प्राप्त की जा सके। इस सिद्धांत के बारे में अधिक जानने के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ पढ़ सकते हैं।
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हावर्ड गार्डनर (Howard Gardner) के बहुबुद्धि सिद्धांत (Theory of Multiple…
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बुद्धि के त्रि-चापीय सिद्धांत (Triarchic Theory of…
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हावर्ड गार्डनर (Howard Gardner) के बहु-बुद्धि सिद्धांत (Theory of Multiple Intelligences) के अंतर्गत, 'प्राकृतिक बुद्धि' (Naturalistic Intelligence) और 'अस्तित्ववादी बुद्धि' (Existential Intelligence) के संप्रत्ययों का सूक्ष्म और विश्लेषणात्मक अध्ययन करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन दोनों बुद्धियों की सबसे विशिष्ट, मौलिक और व्यावहारिक प्रकृति को सर्वाधिक सटीक रूप से रेखांकित करता है?
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हावर्ड गार्डनर के बहु-बुद्धि सिद्धांत के विपरीत, रॉबर्ट स्टर्नबर्ग द्वारा प्रतिपादित 'बुद्धि के त्रितंत्र सिद्धांत' (Triarchic Theory of Intelligence) के तीन घटकों—घटकीय/विश्लेषणात्मक (Componential/Analytical), आनुभविक/सृजनात्मक (Experiential/Creative), और सांदर्भिक/व्यावहारिक (Contextual/Practical)—का सूक्ष्म विश्लेषणात्मक अध्ययन करने पर, स्टर्नबर्ग के अनुसार 'व्यावहारिक बुद्धि' (Practical Intelligence) या 'व्यावहारिक ज्ञान' (Tacit Knowledge) की सबसे विशिष्ट, मौलिक और वास्तविक जीवन से जुड़ी प्रकृति को निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक सटीक रूप से रेखांकित करता है?
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बुद्धि के त्रि-चापीय सिद्धांत (Triarchic Theory of Intelligence) के अंतर्गत रॉबर्ट स्टर्नबर्ग (Robert Sternberg) ने बुद्धि के तीन प्रमुख उप-सिद्धांतों — घटकीय (Componential/Analytical), अनुभवात्मक (Experiential/Creative), और संदर्भात्मक (Contextual/Practical) — का प्रतिपादन किया है। यदि कोई बालक अपनी अमूर्त चिंतन क्षमताओं और विश्लेषणात्मक कौशल के आधार पर कठिन सैद्धांतिक समस्याओं को आसानी से हल कर लेता है, परंतु नवीन परिस्थितियों में व्यावहारिक अनुकूलन स्थापित करने में कठिनाई महसूस करता है, तो स्टर्नबर्ग के इस मॉडल के अनुसार उसकी बौद्धिक संरचना में कौन-सा उप-सिद्धांत सर्वाधिक रूप से सक्रिय है, और यह व्यावहारिक बुद्धि (Practical Intelligence) से किस प्रकार भिन्न है?
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गार्डनर (Howard Gardner) के 'बहु-बुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) और स्पीयरमैन (Charles Spearman) के 'द्वि-कारक सिद्धांत' (Two-Factor Theory) के तुलनात्मक एवं विश्लेषणात्मक अध्ययन के आधार पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन गार्डनर के सिद्धांत की उस मूलभूत विशेषता को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है जो स्पीयरमैन की 'सामान्य बुद्धि (g-factor)' की अवधारणा से इसे पूरी तरह भिन्न बनाती है?
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हॉवर्ड गार्डनर (Howard Gardner) के 'बहु-बुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'अंतरा-वैयक्तिक बुद्धि' (Intrapersonal Intelligence)—जिसे उस उच्च-स्तरीय मानसिक क्षमता के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत व्यक्ति अपनी स्वयं की भावनाओं, प्रेरणाओं, आंतरिक अनुभूतियों, शक्तियों और कमजोरियों को गहराई से समझने, उनका सटीक आकलन करने और उनके आधार पर अपने जीवन व व्यवहार को निर्देशित व नियंत्रित करने में पूरी तरह सक्षम होता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के स्व-नियमन (Self-regulation), आत्म-प्रतिबिंब (Self-reflection) और metacognitive विकास के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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बुद्धि (Intelligence) के विभिन्न सिद्धांतों का गहन विश्लेषण करते समय, हावर्ड गार्डनर (Howard Gardner) के 'बहु-बुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) और चार्ल्स स्पीयरमैन (Charles Spearman) के 'द्वि-कारक सिद्धांत' (Two-Factor Theory) के वैचारिक ढांचे के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन दोनों सिद्धांतों के मध्य के तात्विक और मौलिक अंतर को सर्वाधिक सटीक रूप से रेखांकित करता है?
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