हावर्ड गार्डनर के बहु-बुद्धि सिद्धांत के विपरीत, रॉबर्ट स्टर्नबर्ग द्वारा प्रतिपादित 'बुद्धि के त्रितंत्र सिद्धांत' (Triarchic Theory of Intelligence) के तीन घटकों—घटकीय/विश्लेषणात्मक (Componential/Analytical), आनुभविक/सृजनात्मक (Experiential/Creative), और सांदर्भिक/व्यावहारिक (Contextual/Practical)—का सूक्ष्म विश्लेषणात्मक अध्ययन करने पर, स्टर्नबर्ग के अनुसार 'व्यावहारिक बुद्धि' (Practical Intelligence) या 'व्यावहारिक ज्ञान' (Tacit Knowledge) की सबसे विशिष्ट, मौलिक और वास्तविक जीवन से जुड़ी प्रकृति को निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक सटीक रूप से रेखांकित करता है?
Detailed Explanation
📌 मुख्य संकल्पना / सिद्धांत:
रॉबर्ट स्टर्नबर्ग (Robert Sternberg) द्वारा प्रतिपादित 'बुद्धि का त्रितंत्र सिद्धांत' (Triarchic Theory of Intelligence) के अनुसार, बुद्धि तीन प्रमुख घटकों में विभाजित होती है: घटकीय या विश्लेषणात्मक बुद्धि, आनुभविक या सृजनात्मक बुद्धि, और सांदर्भिक या व्यावहारिक बुद्धि। यहाँ विकल्प (b) सबसे सटीक है क्योंकि व्यावहारिक बुद्धि (Practical Intelligence) को 'टैसिट नॉलेज' (Tacit Knowledge) या 'स्ट्रीट स्मार्टनेस' भी कहा जाता है। यह उन व्यक्तियों में पाई जाती है जो वास्तविक जीवन की समस्याओं को सुलझाने, अपने पर्यावरण के अनुकूल ढलने, चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों को अपने पक्ष में आकार देने तथा अपने दैनिक जीवन के लक्ष्यों को प्राप्त करने में अत्यधिक कुशल होते हैं। यह केवलता किताबी या अकादमिक ज्ञान तक सीमित न रहकर व्यावहारिक सूझ-बूझ और पर्यावरण के साथ प्रभावी अंतःक्रिया पर बल देती है।
📊 परीक्षा उपयोगी मुख्य बिंदु:
- विश्लेषणात्मक बुद्धि (Analytical Intelligence): यह पारंपरिक आईक्यू परीक्षणों, अमूर्त समस्याओं को हल करने और अकादमिक उत्कृष्टता से संबंधित है (विकल्प 'a' इसी से संबंधित है)।
- सृजनात्मक बुद्धि (Creative Intelligence): यह नवीन परिस्थितियों में पूर्व अनुभवों का उपयोग करने और मौलिक विचार उत्पन्न करने से जुड़ी है (विकल्प 'c' इसका आंशिक वर्णन करता है)।
- व्यावहारिक बुद्धि (Practical Intelligence): यह पर्यावरण के साथ अनुकूलन (Adaptation), पर्यावरण का निर्माण (Shaping), और चयन (Selection) करने की क्षमता है। इसे 'स्ट्रीट स्मार्टनेस' भी कहा जाता है।
- विकल्प (d) गलत है क्योंकि व्यावहारिक बुद्धि पूरी तरह जैविक या वंशानुगत नहीं होती, बल्कि यह सामाजिक-सांस्कृतिक और व्यावहारिक अनुभवों से निरंतर विकसित होती है।
📖 सैद्धांतिक संदर्भ: बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र में स्टर्नबर्ग का त्रितंत्र सिद्धांत और गार्डनर का बहु-बुद्धि सिद्धांत बुद्धि के बहुआयामी स्वरूप को समझने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। बुद्धि के सिद्धांत एवं मापन का यह आयाम पारंपरिक बौद्धिक परीक्षणों की सीमाओं को पार करते हुए वास्तविक जीवन की योग्यताओं पर प्रकाश डालता है।
🎯 परीक्षा दृष्टिकोण: CTET / UPTET / BPSC TRE हेतु महत्वपूर्ण विस्तृत हल ➔
गहन विश्लेषण एवं परीक्षा उपयोगी रणनीतियाँ:
सीटेट (CTET) और अन्य शिक्षक पात्रता परीक्षाओं में स्टर्नबर्ग के त्रितंत्र सिद्धांत से अक्सर व्यावहारिक अनुप्रयोग आधारित प्रश्न पूछे जाते हैं। शिक्षकों को यह समझना आवश्यक है कि कक्षा कक्ष में केवल अकादमिक रूप से मेधावी छात्रों (विश्लेषणात्मक बुद्धि वाले) को ही नहीं, बल्कि उन छात्रों को भी प्रोत्साहित किया जाना चाहिए जो व्यावहारिक रूप से दक्ष या सृजनात्मक हैं। 'स्ट्रीट स्मार्टनेस' या व्यावहारिक ज्ञान व्यक्ति को वास्तविक दुनिया की जटिलताओं से निपटने की शक्ति देता है। बहुविकल्पीय प्रश्नों को हल करते समय शब्दों के सूक्ष्म अंतर जैसे 'अमूर्त समस्याएं' (विश्लेषणात्मक) और 'पर्यावरण के अनुकूल होना' (व्यावहारिक) को पहचानना सफलता की कुंजी है।