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हिंदी भाषा शिक्षण और व्याकरण के अंतर्गत 'प्रत्यय' (Suffix) और 'उपसर्ग' (Prefix) की संरचना तथा तद्धित व कृत प्रत्ययों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. कृत प्रत्यय (Primary Suffixes) वे प्रत्यय होते हैं जो धातु (क्रिया के मूल रूप) के अंत में जुड़कर नए शब्दों (कृदंत शब्दों) का निर्माण करते हैं, जैसे 'पढ्' धातु में 'आकू' प्रत्यय जुड़ने से 'पढ़ाकू' शब्द का बनना।
  2. 2. तद्धित प्रत्यय (Secondary Suffixes) संज्ञा, सर्वनाम और विशेषण शब्दों के अंत में जुड़कर नए शब्दों का निर्माण करते हैं, जैसे 'मानव' संज्ञा शब्द में 'ता' प्रत्यय जुड़ने से 'मानवता' भाववाचक संज्ञा का निर्माण होना।
  3. 3. हिंदी भाषा में ऐसे तत्सम शब्द भी प्रचुर मात्रा में मिलते हैं जिनमें एक ही समय पर उपसर्ग और प्रत्यय दोनों का एक साथ प्रयोग किया जाता है, किंतु संस्कृत व्याकरण के नियमों के अनुसार किसी भी मूल शब्द में एक साथ एक से अधिक उपसर्गों का प्रयोग करना सर्वथा वर्जित है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है क्योंकि कृत प्रत्यय हमेशा धातुओं (क्रिया के मूल रूपों) के साथ जुड़कर नए 'कृदंत' शब्दों की रचना करते हैं (जैसे 'पढ् + आकू = पढ़ाकू')। कथन 2 सही है क्योंकि तद्धित प्रत्यय संज्ञा, सर्वनाम और विशेषण शब्दों के पीछे लगकर नए शब्द बनाते हैं (जैसे 'मानव + ता = मानवता')। कथन 3 गलत है क्योंकि संस्कृत और हिंदी व्याकरण में एक ही मूल शब्द के आगे एक से अधिक उपसर्गों का एक साथ प्रयोग संभव है (उदाहरण के लिए: 'संस्कृत' शब्द में 'सम्' और 'आ' दो उपसर्ग लगे हैं; 'पर्यावरण' में 'परि' और 'आ' दो उपसर्ग हैं)। अतः केवल कथन 1 और 2 सही हैं।
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