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उत्तर प्रदेश के वन्यजीव विहारों, राष्ट्रीय पार्कों और रामसर आर्द्रभूमि स्थलों (Ramsar Sites) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. 'दुधवा राष्ट्रीय पार्क' (Dudhwa National Park) को वर्ष 1977 में वन्यजीव अभयारण्य के रूप में स्थापित किया गया था और वर्ष 1988 में इसे 'प्रोजेक्ट टाइगर' के तहत बाघ रिजर्व (Tiger Reserve) घोषित किया गया, जो लखीमपुर खीरी और बहराइच जिलों की सीमा तक फैला हुआ है।
  2. 2. उत्तर प्रदेश में स्थित 'सandy पक्षी विहार' (Sandi Bird Sanctuary) हरदोई जिले में स्थित है और इसे वर्ष 2019 में रामसर साइट के रूप में मान्यता दी गई थी, जो प्रवासी पक्षियों के लिए एक प्रमुख संरक्षित आवास है।
  3. 3. राज्य के बहराइच जिले में स्थित 'कतर्नियाघाट वन्यजीव विहार' (Katerniaghat Wildlife Sanctuary) भारत-नेपाल सीमा के पास स्थित है और यह घड़ियाल (Gavialis gangeticus), डॉल्फ़िन और लुप्तप्राय बाघों का प्राकृतिक आवास स्थल है।
  4. 4. उत्तर प्रदेश का सबसे छोटा वन्यजीव विहार 'महावीर स्वामी वन्यजीव विहार' है, जिसकी स्थापना वर्ष 1977 में ललितपुर जिले में की गई थी।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

Detailed Explanation

दिए गए सभी कथन उत्तर प्रदेश के वन्यजीव संरक्षण, राष्ट्रीय उद्यानों और रामसर स्थलों के संदर्भ में बिल्कुल सही हैं। 1. दुधवा राष्ट्रीय पार्क लखीमपुर खीरी और बहराइच की सीमा पर स्थित है, जिसे 1977 में अभयारण्य और 1988 में टाइगर रिजर्व बनाया गया। 2. सांडी पक्षी विहार हरदोई जिले में है तथा इसे रामसर आर्द्रभूमि स्थल के रूप में मान्यता प्राप्त है। 3. कतर्नियाघाट वन्यजीव विहार बहराइच जिले में नेपाल सीमा के पास स्थित है जो घड़ियाल और बाघों के लिए प्रसिद्ध है। 4. महावीर स्वामी वन्यजीव विहार ललितपुर जिले में स्थित उत्तर प्रदेश का सबसे छोटा वन्यजीव विहार है।
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