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उत्तर प्रदेश के वन्यजीव संरक्षण, पक्षी विहारों और संरक्षित क्षेत्रों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. उत्तर प्रदेश का सबसे पहला और सबसे पुराना वन्यजीव विहार 'हस्तिनापुर वन्यजीव विहार' है, जिसकी स्थापना वर्ष 1986 में मेरठ, मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद, हापुड़ और बिजनौर जिलों के विस्तृत क्षेत्र में की गई थी।
- 2. 'चंद्रप्रभा वन्यजीव विहार' चंदौली जिले में स्थित उत्तर प्रदेश का पहला वन्यजीव अभ्यारण्य है, जिसे वर्ष 1957 में एशियाई शेरों (Asiatic Lions) के पुनरुत्पादन और संरक्षण के उद्देश्य से स्थापित किया गया था।
- 3. राज्य का सबसे बड़ा पक्षी विहार 'लाख बहोसी पक्षी विहार' कन्नौज जिले में स्थित है, जबकि सबसे छोटा पक्षी विहार 'पटना पक्षी विहार' एटा जिले में स्थित है।
- 4. दुधवा राष्ट्रीय उद्यान (Dudhwa National Park), जो लखीमपुर खीरी और बहराइच जिलों की सीमा पर फैला हुआ है, वर्ष 1977 में इसे राष्ट्रीय उद्यान का दर्जा दिया गया था और यह प्रोजेक्ट टाइगर के अंतर्गत भी शामिल है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 असत्य है क्योंकि उत्तर प्रदेश का सबसे पुराना वन्यजीव विहार 'चंद्रप्रभा वन्यजीव विहार' है, जिसकी स्थापना 1957 में हुई थी, न कि हस्तिनापुर वन्यजीव विहार (हस्तिनापुर राज्य का क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे बड़ा वन्यजीव विहार है जिसकी स्थापना 1986 में हुई थी)। कथन 2 सत्य है, चंद्रप्रभा वन्यजीव विहार चंदौली में स्थित है और इसकी स्थापना शेरों के संरक्षण हेतु 1957 में हुई थी। कथन 3 सत्य है, लाख बहोसी पक्षी विहार (कन्नौज) उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा पक्षी विहार है और पटना पक्षी विहार (एटा) सबसे छोटा पक्षी विहार है। कथन 4 सत्य है, दुधवा राष्ट्रीय उद्यान लखीमपुर खीरी-बहराइच क्षेत्र में स्थित है, जिसे 1977 में नेशनल पार्क घोषित किया गया था और 1987-88 में इसे टाइगर रिजर्व बनाया गया।
Related Questions
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उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक इतिहास, लोकायुक्त संस्था और राज्य के प्रमुख आयोगों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश राज्य में 'लोकायुक्त' अधिनियम वर्ष 1975 में पारित किया गया था, और विशंभर दयाल (Justice Vishambhar Dayal) राज्य के पहले लोकायुक्त थे, जिनका कार्यकाल सबसे लंबा रहा है।
2. उत्तर प्रदेश मानवाधिकार आयोग (UP State Human Rights Commission) का गठन मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम 1993 के प्रावधानों के तहत वर्ष 2002 में किया गया था, जिसका मुख्य उद्देश्य राज्य में मानवाधिकारों के उल्लंघन की शिकायतों की जांच करना है।
3. राज्य में महिलाओं के अधिकारों की रक्षा और उनके विरुद्ध होने वाले अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए 'उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग' का विधिवत गठन वर्ष 2004 में एक वैधानिक निकाय के रूप में किया गया था।
4. उत्तर प्रदेश लोक सेवा अधिकरण (UP Public Services Tribunal), जो राज्य सरकार के कर्मचारियों के सेवा मामलों और विवादों का त्वरित निपटारा करता है, उसकी मुख्य पीठ लखनऊ में स्थित है और इसकी कोई अन्य क्षेत्रीय पीठ प्रदेश में नहीं है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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पर्यावरण अध्ययन (EVS) के शिक्षण में 'रचनावादी उपागम' (Constructivist Approach) के अंतर्गत निम्नलिखित में से किस शिक्षण रणनीति को प्राथमिक स्तर के विद्यार्थियों में वैज्ञानिक साक्षरता और पर्यावरण के प्रति समझ विकसित करने के लिए सबसे अधिक प्रभावी माना जाता है?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, पियाजे द्वारा प्रतिपादित 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage: अमूर्त तर्क और परिकल्पनात्मक-निगमनात्मक चिंतन) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डorsolateral Prefrontal Cortex' (DLPFC - अमूर्त तर्क, कार्यशील स्मृति और कार्यकारी योजना), 'पैरिएटल कॉर्टेक्स' (Parietal Cortex - जटिल स्थानिक और तार्किक एकीकरण), और 'पूर्वकाल सिंगुलेट कॉर्टेक्स' (Anterior Cingulate Cortex - संज्ञानात्मक नियंत्रण और त्रुटि संसूचन) के बीच माइलिनेशन प्रक्रिया, सिनेप्टिक प्रूनिंग, और मेटाकॉग्निटिव नेटवर्क (Metacognitive Network) की सक्रियण गतिकी, तथा लेव वायगोत्स्की के 'संज्ञानात्मक विकास के सामाजिक-सांस्कृतिक परिप्रेक्ष्य' के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-पियाजेन ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Piagetian Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में परिकल्पनात्मक समस्या-समाधान, तार्किक लचीलेपन व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश के लोक नृत्यों, लोकगीतों और मेलों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'ख्याल नृत्य' उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र का एक प्रसिद्ध लोक नृत्य है, जिसे पुत्र जन्मोत्सव के अवसर पर रंग-बिरंगे कागजों और बांसों से मंदिरनुमा आकृति बनाकर सिर पर रखकर किया जाता है, जबकि 'राई नृत्य' भी इसी क्षेत्र की महिलाओं द्वारा भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर मयूर की भांति नृत्य करके किया जाता है।
2. मिर्जापुर और सोनभद्र क्षेत्र में गाया जाने वाला 'कजरी' लोकगीत मुख्य रूप से वर्षा ऋतु (सावन के महीने) में गाया जाता है, जिसमें राधा-कृष्ण के प्रेम और प्रकृति का सुंदर वर्णन होता है, तथा इसके गायन के लिए मिर्जापुर घराना विशेष रूप से प्रसिद्ध है।
3. उत्तर प्रदेश में लगने वाला 'बटेश्वर मेला' आगरा जिले में यमुना नदी के तट पर आयोजित होने वाला एक प्रसिद्ध ऊँट और पशु मेला है, जिसे राज्य के सबसे बड़े पशु मेलों में गिना जाता है, तथा इसका आयोजन प्रतिवर्ष कार्तिक मास में होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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प्राचीन भारतीय इतिहास एवं उत्तर प्रदेश के पुरातत्व स्थलों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'महीदपुर' (Mahidpur) और 'सोनितपुर' जैसे पुरातात्विक स्थल उत्तर प्रदेश के संभल और बरेली क्षेत्र में स्थित हैं, जहाँ से महापाषाण काल (Megalithic Period) के साक्ष्य प्राप्त हुए हैं।
2. 'कौशंबी' (Kaushambi) प्राचीन काल में वत्स महाजनपद की राजधानी थी, और यहाँ की गई पुरातात्विक खुदाइयों से 'घोषाराम विहार' (Ghoshitarama Vihara) के अवशेष मिले हैं, जहाँ महात्मा बुद्ध ने कई बार प्रवास किया था।
3. 'अत्रंजीखेड़ा' (Atranjikhera) एटा जिले में स्थित एक प्रमुख पुरातात्विक स्थल है, जहाँ से उत्तर भारत में सबसे पहले लोहे के प्रयोग (Iron Age) के साक्ष्य प्राप्त हुए हैं, जो लगभग 1000 ईसा पूर्व के माने जाते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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