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बुद्ध के उपदेशों, उनके जीवनकाल की घटनाओं और उत्तर प्रदेश में स्थित बौद्ध स्थलों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. महात्मा बुद्ध ने अपने जीवन का सर्वाधिक वर्षावास (स्रावस्ती में) बिताया था, और यहीं पर अंगुलिमाल नामक प्रसिद्ध डाकू उनके संपर्क में आकर उनका अनुयायी बना था।
  2. 2. उत्तर प्रदेश के कुशीनगर (मल्लगणराज्य की राजधानी) में बुद्ध को महापरिनिर्वाण प्राप्त हुआ था, और यहीं हिरणवती नदी के तट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया था।
  3. 3. वाराणसी के निकट सारनाथ (ऋषिपतनम / मृगदाव) में बुद्ध ने अपना पहला उपदेश 'धर्मचक्रप्रवर्तन' दिया था, जिसमें उनके पाँच संन्यासी शिष्य शामिल थे।
  4. 4. कौशाम्बी में स्थित 'घोषाराम विहार' वह प्रसिद्ध बौद्ध मठ था जहाँ बुद्ध ने कभी भी प्रवास नहीं किया था, क्योंकि वहाँ के व्यापारी उनके विचारों के विरुद्ध थे।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है: महात्मा बुद्ध ने अपने जीवन के अधिकांश वर्षाकाल (वर्षावास) श्रावस्ती (कोशाल महाजनपद की राजधानी) में बिताए थे। यहीं पर प्रसिद्ध अंगुलिमाल घटना हुई थी। कथन 2 सही है: कुशीनगर (मल्लों की राजधानी) में 80 वर्ष की आयु में बुद्ध को महापरिनिर्वाण प्राप्त हुआ था और हिरणवती (छोटकी गंडक) नदी के तट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया था। कथन 3 सही है: सारनाथ (ऋषिपतनम) में बुद्ध ने अपने पाँच ब्राह्मण शिष्यों को प्रथम उपदेश दिया था, जिसे बौद्ध ग्रंथों में 'धर्मचक्रप्रवर्तन' कहा गया है। कथन 4 गलत है: कौशाम्बी का 'घोषाराम विहार' वह प्रमुख स्थल था जहाँ महात्मा बुद्ध ने कई बार प्रवास किया था और वहाँ के श्रेष्ठि (व्यापारी) घोष ने इस विहार को बुद्ध को दान में दिया था। अत: विकल्प (a) सही है।
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