शैक्षिक सांख्यिकी (माध्य, माध्यिका, बहुलक)
Asked एक महीने पहले · Viewed 2,153 times
प्राचीन भारतीय शिक्षा प्रणाली और बौद्ध शिक्षा के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. बौद्ध शिक्षा प्रणाली में अध्ययन की शुरुआत 'प्रवज्या' संस्कार के साथ होती थी, जिसके लिए छात्र की न्यूनतम आयु 8 वर्ष निर्धारित थी और इस संस्कार के पश्चात छात्र को 'श्रामणेर' कहा जाता था।
- 2. बौद्ध शिक्षा में उच्च शिक्षा और संघ की पूर्ण सदस्यता प्राप्त करने के लिए 'उपासंपदा' संस्कार संपन्न किया जाता था, जिसके लिए छात्र की न्यूनतम आयु 20 वर्ष होनी अनिवार्य थी।
- 3. वल्लभी विश्वविद्यालय प्राचीन भारत में पश्चिमी तट पर स्थित था, जो हीनयान बौद्ध धर्म के अध्ययन का प्रमुख केंद्र था और इसकी स्थापना मयूरवंश के शासकों द्वारा की गई थी।
- 4. नालंदा और विक्रमशिला विश्वविद्यालयों के विपरीत, बौद्ध विहारों और विश्वविद्यालयों में शिक्षा का माध्यम संस्कृत या पाली के स्थान पर केवल प्राकृत भाषा था, जिसमें किसी अन्य भाषा के अध्ययन की अनुमति नहीं थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है: बौद्ध शिक्षा प्रणाली में मठों या विहारों में प्रवेश और शिक्षा की शुरुआत 'प्रवज्या' संस्कार से होती थी, जिसके लिए न्यूनतम आयु 8 वर्ष थी और इसके बाद छात्र 'श्रामणेर' कहलाता था। कथन 2 सही है: भिक्षु जीवन की पूर्णता और संघ की स्थायी सदस्यता के लिए 'उपासंपदा' संस्कार होता था, जिसके लिए न्यूनतम आयु 20 वर्ष थी। कथन 3 सही है: वल्लभी (गुजरात में) हीनयान बौद्ध धर्म का प्रमुख केंद्र था, जो शिक्षा और संस्कृति का प्रसिद्ध स्थल था। कथन 4 गलत है क्योंकि बौद्ध शिक्षा में मुख्य रूप से पाली भाषा का उपयोग शिक्षा के माध्यम के रूप में किया जाता था, किंतु महायान काल के दौरान संस्कृत का भी व्यापक प्रयोग हुआ और किसी एक भाषा की कठोर बाध्यता नहीं थी।
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बिहार सरकार द्वारा राज्य में डिजिटल शासन, प्रशासनिक पारदर्शिता और नागरिकों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ एक ही मंच पर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू किए गए प्रमुख पोर्टलों और डिजिटल पहलों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बिहार सरकार के विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग तथा सामान्य प्रशासन विभाग के सहयोग से विकसित 'बिहार ई-गवर्नेंस पोर्टल' के माध्यम से नागरिकों को जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, भू-अभिलेख और विभिन्न सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं का लाभ ऑनलाइन डिजिटल माध्यम से प्रदान किया जा रहा है।
2. भूमि अभिलेखों के आधुनिकीकरण और डिजिटलीकरण के लिए शुरू किए गए 'बिहार भूमि पोर्टल' (Biharbhoomi) पर नागरिक अपनी जमाबंदी पंजी, भू-नक्शा और खसरा विवरण घर बैठे ऑनलाइन देख सकते हैं, जिससे भूमि विवादों में उल्लेखनीय कमी आई है।
3. राज्य के सरकारी विद्यालयों में विद्यार्थियों की उपस्थिति, शिक्षकों के दैनिक कार्यों और मध्याह्न भोजन (Mid-Day Meal) योजना की पारदर्शी निगरानी के लिए शिक्षा विभाग द्वारा 'ई-शिक्षाकोष' (E-Shikshakosh) पोर्टल और मोबाइल ऐप का सफल संचालन किया जा रहा है।
4. बिहार प्रशासनिक सुधार मिशन के तहत शुरू किया गया 'लोक सेवा अधिकार अधिनियम' (RTPS) पोर्टल नागरिकों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर जाति, आवासीय, आय प्रमाण पत्र और अन्य आवश्यक लोक सेवाएँ ऑनलाइन प्राप्त करने की सुविधा प्रदान करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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बिहार सरकार द्वारा शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में चलाई जा रही प्रमुख योजनाओं और उनके उद्देश्यों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना' के तहत बालिकाओं के जन्म से लेकर स्नातक स्तर की शिक्षा पूरी करने तक कुल 50,000 रुपये तक की आर्थिक सहायता विभिन्न चरणों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से प्रदान की जाती है, जिसका मुख्य उद्देश्य कन्या भ्रूण हत्या रोकना, बाल विवाह पर अंकुश लगाना और उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना है।
2. 'बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना' के तहत उच्च शिक्षा प्राप्त करने के इच्छुक विद्यार्थियों को 4 लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण (Education Loan) बहुत ही कम ब्याज दर (लड़कियों, दिव्यांगों और ट्रांसजेंडरों के लिए 1% तथा अन्य छात्रों के लिए 4%) पर उपलब्ध कराया जाता है।
3. 'मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना' के अंतर्गत राज्य के 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के सभी नागरिकों को बिना किसी आय सीमा के न्यूनतम 400 रुपये प्रति माह की पेंशन दी जाती है, तथा 80 वर्ष से अधिक आयु के वृद्धों के लिए यह राशि बढ़ाकर 500 रुपये प्रति माह कर दी गई है।
4. स्वास्थ्य के क्षेत्र में राज्य के प्रत्येक सदर अस्पताल और अनुमंडल अस्पतालों में 'दीदी की रसोई' (Didi ki Rasoi) योजना का संचालन जीविका दीदियों के माध्यम से किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य अस्पतालों में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों को रियायती और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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'हिंदी भाषा एवं व्याकरण' के अंतर्गत 'कारक और उनके विभक्ति चिह्नों' के सूक्ष्म व्याकरणिक विश्लेषण के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन सा वाक्य 'अपादान कारक' (जहाँ अलगाव, डर, तुलना, सीखने या लजाने का भाव हो) और 'करण कारक' (जहाँ साधन या माध्यम का बोध हो) के बीच के अंतर को सर्वोत्तम और व्याकरणिक दृष्टि से पूर्णतः शुद्ध रूप में स्पष्ट करता है?
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बिहार सरकार द्वारा डिजिटल शासन और प्रशासनिक पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई विभिन्न डिजिटल पहलों, पोर्टलों और मोबाइल ऐप्स के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'बिहार भूमि' पोर्टल (biharbhumi.bihar.gov.in) के माध्यम से राज्य के नागरिक अपनी जमीन के दाखिल-खारिज (Mutation), भू-लगान (Land Rent) का भुगतान और भूमि के रिकॉर्ड (Jamabandi) की डिजिटल प्रतियां घर बैठे ऑनलाइन प्राप्त कर सकते हैं, जिससे ग्रामीण स्तर पर बिचौलियों की भूमिका समाप्त हुई है।
2. ई-शिक्षाकोष (e-Shikshakosh) पोर्टल और मोबाइल ऐप की शुरुआत बिहार शिक्षा विभाग द्वारा राज्य के सभी सरकारी विद्यालयों के शिक्षकों और छात्रों की दैनिक उपस्थिति, शैक्षणिक मॉनिटरिंग और स्कूलों के बुनियादी ढांचे के मूल्यांकन के लिए की गई है।
3. 'परिवहन पोर्टल' या 'वाहन सॉफ्टवेयर' के अतिरिक्त बिहार परिवहन विभाग द्वारा शुरू किए गए 'चचरा' (CHACHRA) पोर्टल का मुख्य उद्देश्य राज्य में अवैध खनन और बालू के अवैध परिवहन की डिजिटल ट्रैकिंग करना है।
4. लोक शिकायतों के त्वरित निवारण के लिए बिहार में 'बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम, 2015' लागू किया गया है, जिसके तहत नागरिकों को ऑनलाइन आवेदन करने और उनकी शिकायतों की स्थिति ट्रैक करने के लिए 'लोक शिकायत' नामक एकीकृत पोर्टल की सुविधा प्रदान की गई है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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'अधिगम के संज्ञानात्मक और रचनावादी सिद्धांतों' के संदर्भ में, एडवर्ड टॉलमैन (Edward Tolman) द्वारा प्रतिपादित 'चिह्न अधिगम सिद्धांत' (Sign Learning Theory / Purposive Behaviorism) के अंतर्गत 'संज्ञानात्मक मानचित्र' (Cognitive Map) और 'अव्यक्त अधिगम' (Latent Learning) की संकल्पनाओं के वैज्ञानिक स्वरूप, तथा जॉर्ज केली (George Kelly) द्वारा प्रतिपादित 'व्यक्तिगत निर्माण सिद्धांत' (Personal Construct Theory) के अंतर्गत 'रचनात्मक सह-संबंध' (Constructive Alternativism) के दार्शनिक दृष्टिकोण के पारस्परिक अंतर्संबंधों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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सरल लोलक (Simple Pendulum) की गति और यांत्रिकी के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी सरल लोलक का आवर्तकाल (Time Period) उसके गोलक (Bob) के द्रव्यमान और आकार पर निर्भर नहीं करता है, बल्कि यह केवल लोलक की प्रभावी लंबाई और उस स्थान के गुरुत्वीय त्वरण ($g$) पर निर्भर करता है।
2. यदि किसी सरल लोलक की प्रभावी लंबाई को चार गुना बढ़ा दिया जाए, तो उसका आवर्तकाल दोगुना हो जाता है, जबकि उसकी आवृत्ति (Frequency) आधी रह जाती है।
3. जब कोई सरल लोलक अपने चरम बिंदु (Extreme position) से माध्य स्थिति (Mean position) की ओर गति करता है, तो उसकी स्थितिज ऊर्जा (Potential Energy) लगातार घटती है और गतिज ऊर्जा (Kinetic Energy) बढ़ती है, जिससे कुल यांत्रिक ऊर्जा संरक्षित रहती है।
4. यदि एक सरल लोलक को ऐसी लिफ्ट में लटकाया जाए जो ऊपर की ओर त्वरित गति (Accelerated upward) कर रही हो, तो उस लोलक का आवर्तकाल बढ़ जाएगा क्योंकि प्रभावी गुरुत्वीय त्वरण का मान कम हो जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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