जीन पियाजे
Asked एक महीने पहले · Viewed 1,905 times
जीन पियाजे के अनुसार 'अमूर्त चिंतन' और 'परिकल्पनात्मक-निगमनात्मक तर्क' की क्षमता किस अवस्था में विकसित होती है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था (लगभग 11 वर्ष से ऊपर) में किशोरों में अमूर्त चिंतन और परिकल्पनात्मक-निगमनात्मक तर्क की क्षमता पूरी तरह विकसित हो जाती है।
अगला प्रश्न →
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, 'पूर्व-संक्रियात्मक…
← पिछला प्रश्न
जीन पियाजे के अनुसार 'वस्तु स्थायित्व' (Object Permanence)…
Related Questions
→
जीन पियाजे (Jean Piaget) के 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' (Theory of Cognitive Development) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'विकेंद्रण या डीसेंट्रेशन' (Decentration)—जिसे उस उन्नत संज्ञानात्मक क्षमता के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत बालक किसी वस्तु या परिस्थिति के केवल एक ही पहलू, आयाम या विशेषता पर अपना ध्यान केंद्रित करने (केंद्रण/Centration) के बजाय उसके एकाधिक पहलुओं या आयामों को एक साथ देखने, समझने और मानसिक रूप से समन्वित करने में सक्षम हो जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के बहुआयामी दृष्टिकोण, तार्किक संरक्षण (Conservation) और संज्ञानात्मक लचीलेपन के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत, 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) में प्रवेश करने वाले किशोरों में विकसित होने वाली 'परिकल्पित-निगमनात्मक तर्क' (Hypothetico-Deductive Reasoning) और 'संयोजनवादी विचार' (Combinatorial Thought) की क्षमताओं का सूक्ष्म विश्लेषण करते समय, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इस अवस्था की तात्विक एवं संज्ञानात्मक विशेषताओं को सबसे सटीक रूप से परिभाषित करता है?
→
पियाजे के अनुसार, संज्ञानात्मक विकास की किस अवस्था में बालक 'संरक्षण' (Conservation) की अवधारणा समझ जाता है?
→
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' की आयु अवधि क्या है?
→
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास सिद्धांत के अनुसार 'संरक्षण' (Conservation) का गुण किस अवस्था में विकसित होता है?
→
जीन पियाजे (Jean Piaget) के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पियाजे के अनुसार 'संरक्षण' (Conservation) की अवधारणा का विकास मुख्य रूप से 'पूर्व संक्रियात्मक अवस्था' (Pre-operational Stage) के दौरान हो जाता है, जिसमें बच्चा यह समझ लेता है कि किसी वस्तु के रूप या आकार में परिवर्तन होने पर भी उसकी मात्रा या द्रव्यमान अपरिवर्तित रहता है।
2. 'वस्तु स्थायित्व' (Object Permanence) का गुण 'संवेदी-गामक अवस्था' (Sensorimotor Stage) की एक अत्यंत महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जिसके विकसित होने पर बच्चा यह समझने लगता है कि वस्तुएं तब भी अस्तित्व में रहती हैं जब वे उसकी दृष्टि से ओझल हो जाती हैं।
3. 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) लगभग 11-12 वर्ष की आयु से शुरू होती है, जिसमें किशोरों में 'अमूर्त चिंतन' (Abstract Thinking) और 'परिकल्पनात्मक-निगमनात्मक तर्क' (Hypothetical-Deductive Reasoning) की क्षमता पूरी तरह विकसित हो जाती है।
4. पियाजे का मानना था कि बच्चे अपने ज्ञान का निर्माण स्वयं सक्रिय रूप से करते हैं, और उनके चिंतन का स्वरूप वयस्कों की तुलना में केवल मात्रात्मक (Quantitatively) रूप से भिन्न होता है, गुणात्मक (Qualitatively) रूप से नहीं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के संदर्भ में, जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत की 'पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था' (Pre-operational Stage: लगभग 2 से 7 वर्ष) की प्रमुख विशेषताओं और सीमाओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. इस अवस्था में बालक 'जीववाद' (Animism) का प्रदर्शन करता है, जिसके तहत वह निर्जीव वस्तुओं को भी सजीव मानकर उनमें मानवीय भावनाएं और चेतना का आरोपण करता है।
2. बालक में 'अकेन्द्रीयकरण' (Decentration) की पूर्ण क्षमता विकसित हो जाती है, जिससे वह किसी भी वस्तु या समस्या को एक ही समय में एक से अधिक आयामों या दृष्टिकोणों से देखने में सक्षम होता है।
3. इस चरण में बालकों की सोच में 'अपरिवर्तनीयता' (Irreversibility) पाई जाती है, अर्थात वे मानसिक रूप से किसी प्रक्रिया या क्रिया को उल्टा (Reverse) करके उसकी मूल स्थिति में वापस लाने में असमर्थ होते हैं।
4. इस अवस्था की एक अन्य मुख्य सीमा 'अहंकेन्द्रित सोच' (Egocentrism) है, जिसके कारण बालक यह मानता है कि दूसरे लोग भी दुनिया को ठीक उसी तरह देखते, महसूस करते और सोचते हैं जैसा कि वह स्वयं देखता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.