राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा (NCF)
Asked एक महीने पहले · Viewed 4,505 times
राष्ट्रीय पाठ्य रूपरेखा (NCF) 2005 के अनुसार, प्राथमिक स्तर पर पर्यावरण अध्ययन पाठ्यक्रम का मुख्य आधार क्या होना चाहिए?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
राष्ट्रीय पाठ्य रूपरेखा (NCF) 2005 के अनुसार, प्राथमिक स्तर पर पर्यावरण अध्ययन (EVS) को विभिन्न विषयों (विज्ञान, सामाजिक अध्ययन और पर्यावरण शिक्षा) को मिलाकर एक एकीकृत (Integrated) रूप में तथा बच्चों के वास्तविक जीवन के अनुभवों पर आधारित होना चाहिए।
अगला प्रश्न →
राष्ट्रीय पाठ्यक्रम रूपरेखा (NCF-2005) के अनुसार प्राथमिक स्तर पर पर्यावरण…
← पिछला प्रश्न
राष्ट्रीय पाठ्यक्रम रूपरेखा (NCF 2005) के अनुसार, प्राथमिक…
Related Questions
→
NCF 2005 सिफारिश करता है कि :
→
राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) तथा निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act 2009) के प्रावधानों में 'ज्ञान को स्कूल के बाहरी जीवन से जोड़ने', 'रटन प्रणाली से मुक्ति दिलाने' तथा 'कक्षा-कक्ष को लोकतांत्रिक एवं लचीला बनाने' के दार्शनिक आधारों का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई विद्यालय बाल-केंद्रित शिक्षाशास्त्र (Child-centric Pedagogy) को लागू करते हुए योगात्मक परीक्षा (Summative Assessment) के स्थान पर सतत और व्यापक मूल्यांकन (CCE) को अपनाता है तथा बच्चों की स्थानीय संस्कृति, मातृभाषा और उनकी अनुभवात्मक समझ को पाठ्यक्रम का मुख्य आधार बनाता है, तो इन दोनों नीतिगत एवं वैधानिक दस्तावेजों के अंतर्निहित दृष्टिकोण के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से सत्य है?
→
राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा 2005 (NCF 2005) के अनुसार प्राथमिक स्तर पर पर्यावरण अध्ययन का मुख्य उद्देश्य क्या होना चाहिए?
→
राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) के मार्गदर्शक सिद्धांतों और निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act 2009) की धाराओं के अंतर्संबंधों का सूक्ष्म शैक्षणिक एवं विधिक विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा प्रावधान NCF 2005 के इस मूल विचार—'ज्ञान को स्कूल के बाहरी जीवन से जोड़ना'—को RTE Act 2009 की किस विधिक धारा या बाध्यता के साथ सर्वाधिक प्रत्यक्ष रूप से संरेखित करता है?
→
राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF) 2005 के अनुसार प्राथमिक स्तर पर पर्यावरण अध्ययन शिक्षण का मुख्य उद्देश्य क्या होना चाहिए?
→
राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा 2005 (NCF 2005) के अनुसार गणित शिक्षण का मुख्य उद्देश्य क्या होना चाहिए?
→
राष्ट्रीय पाठ्यक्रम रूपरेखा 2005 (NCF 2005) के अनुसार, प्राथमिक स्तर पर पर्यावरण अध्ययन शिक्षण का मुख्य उद्देश्य क्या होना चाहिए?
→
प्राचीन भारतीय शिक्षा प्रणाली और गुरुकुल पद्धति के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. गुरुकुल शिक्षा प्रणाली में अध्ययन की शुरुआत 'उपनयन संस्कार' के साथ होती थी, जिसके बाद छात्र को 'द्विज' (दूसरा जन्म लेने वाला) कहा जाता था और उसे शिक्षा प्राप्त करने के लिए अनिवार्य रूप से गुरु के गृह (आश्रम) में निवास करना पड़ता था।
2. प्राचीन वैदिक शिक्षा में पाठ्यक्रम का मुख्य आधार चार वेद, वेदांग, ज्योतिष, कल्प, व्याकरण और निरुक्त थे, तथा उस समय शिक्षा का माध्यम संस्कृत भाषा थी, जिसे मौखिक रूप से कंठस्थ (श्रुति परंपरा) कराया जाता था।
3. गुरुकुल में शिक्षा पूरी होने के बाद छात्र 'समाप्रवर्तन संस्कार' (Diakshant Samaroh) के माध्यम से अपनी शिक्षा समाप्त करता था, जिसके उपरांत वह 'स्नातक' या 'गृहस्थ आश्रम' में प्रवेश करने का अधिकारी बनता था।
4. वैदिक काल और सूत्र काल में महिलाओं के लिए शिक्षा का पूर्ण प्रतिबंध था, और इतिहास में एक भी ऐसी विदुषी महिला का उल्लेख नहीं मिलता जिसने वेदों के मंत्रों की रचना की हो या गुरुकुल में उच्च शिक्षा प्राप्त की हो।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.