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History of India
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किस इतिहासकार ने लोदी काल को "मध्यकालीन भारत का पुनर्जागरण काल" कहा है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
डॉ. के. एस. लाल ने लोदी काल को यह संज्ञा दी है।
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बिहार में 1857 के महान विद्रोह के दौरान वीर कुंवर सिंह और उनके भाई अमर सिंह के नेतृत्व, सैन्य रणनीतियों तथा संघर्ष के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. वीर कुंवर सिंह ने आरा पर अधिकार करने के पश्चात अंग्रेजी सेना के विरुद्ध परंपरागत युद्धशैली का त्याग कर छापामार (गोरिल्ला) युद्ध प्रणाली को अपनाया और गंगा नदी पार करते समय ब्रिटिश सेनापति डगलस की गोलियों का सामना करते हुए अपने बाएं हाथ को काटकर गंगा में अर्पित कर दिया था।
2. अमर सिंह ने वीर कुंवर सिंह की मृत्यु के उपरांत जगदीशपुर के जंगलों, कैमूर की पहाड़ियों और रोहतास के क्षेत्रों से ब्रिटिश सेना के विरुद्ध सशस्त्र संघर्ष का नेतृत्व जारी रखा और ब्रिटिश सत्ता को चुनौती देते हुए अपनी स्वतंत्र सरकार स्थापित कर ली थी।
3. अमर सिंह द्वारा संचालित इस समानांतर प्रशासन और सैन्य अभियानों का दमन करने के लिए ब्रिटिश सरकार ने मेजर जनरल डगलस और विंसेंट आयर को विशेष रूप से नियुक्त किया था, जिन्होंने कैमूर की पहाड़ियों में कड़े संघर्ष के बाद इस विद्रोह को पूरी तरह कुचला।
4. वर्ष 1858 के अंत में नेपाल के तराई क्षेत्रों में ब्रिटिश सेना के साथ हुई एक अंतिम झड़प में अमर सिंह वीरगति को प्राप्त हुए थे, जिसके साथ ही बिहार में 1857 के विद्रोह की अंतिम संगठित ज्वाला समाप्त हो गई थी.
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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सिंधु घाटी सभ्यता की अर्थव्यवस्था, व्यापारिक गतिविधियों और समकालीन सभ्यताओं के साथ संबंधों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हड़प्पा सभ्यता के लोगों का मेसोपोटामिया के साथ घनिष्ठ व्यापारिक संबंध था, जिसकी पुष्टि मेसोपोटामिया के अभिलेखों में प्रयुक्त 'मेलुहा' (Meluhha) शब्द से होती है, जिसे सामान्यतः सिंधु क्षेत्र के लिए ही प्रयोग किया जाता था।
2. लोथल और चहुंदड़ो जैसे पुरास्थलों से मनके बनाने के कारखाने (Bead-making factories) मिले हैं, जो यह दर्शाते हैं कि यहाँ कार्नेलियन, लापीस लाजुली और जैसपर जैसे कीमती पत्थरों से आभूषणों का बड़े पैमाने पर उत्पादन और निर्यात किया जाता था।
3. सिंधु घाटी सभ्यता के लोग लोहे और पारे (Mercury) धातु से पूरी तरह परिचित थे, और उन्होंने अपने दैनिक जीवन के औजारों एवं हथियारों के निर्माण में लोहे की बनी कुल्हाड़ियों का बड़े पैमाने पर उपयोग किया था।
4. इस सभ्यता के लोग व्यापार के लिए वस्तु-विनिमय (Barter System) के साथ-साथ बाटों और मापों की एक मानक प्रणाली का प्रयोग करते थे, जिसमें वजन की इकाइयाँ आमतौर पर द्विआधारी (Binary) और दशमलव प्रणालियों का अनुसरण करती थीं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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मौर्य साम्राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था और अशोक के धम्म तथा शिलालेखों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. कौटिल्य के 'अर्थशास्त्र' में राज्य के 'सप्तांग सिद्धांत' का प्रतिपादन किया गया है, जिसके अनुसार राजा (स्वामी) सर्वोच्च अंग है, तथा इसमें राज्य के सात अंगों — स्वामी, अमात्य, जनपद, दुर्ग, बलय, मित्र और कोश — का विस्तृत विवरण मिलता है।
2. अशोक के अधिकांश शिलालेखों और स्तंभ लेखों में प्राकृत भाषा तथा ब्राह्मी लिपि का प्रयोग किया गया है, किंतु उत्तर-पश्चिम भारत (वर्तमान पाकिस्तान क्षेत्र) से प्राप्त शाहबाजगढ़ी और मानसेहरा के अभिलेख खरोष्ठी लिपि में, जबकि कंधार (अफ़ग़ानिस्तान) से प्राप्त द्विभाषी अभिलेख यूक्रीनी (ग्रीक) और अरामइक् लिपि में उत्कीर्ण हैं।
3. अशोक के 'धम्म महामात्र' (Dhamhamahamatta) नामक अधिकारियों की नियुक्ति उनके राज्याभिषेक के चौदहवें वर्ष में की गई थी, जिनका मुख्य कार्य विभिन्न सामाजिक वर्गों के बीच धार्मिक सहिष्णुता का प्रचार करना, कल्याणकारी कार्य करना और कैदियों के रिहाई या उनकी सजा को कम करने की सिफारिश करना था।
4. मौर्य प्रशासन में प्रांतीय शासन व्यवस्था के तहत साम्राज्य चार प्रमुख प्रांतों में विभाजित था, जिनकी राजधानियाँ तक्षशिला, उज्जैन, सौराष्ट्र और सुवर्णगिरि थीं, तथा इन प्रांतों का प्रशासन 'कुमार' या 'आर्यपुत्र' नामक राजवंश के राजकुमारों द्वारा संचालित किया जाता था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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दीवान-ए-खास में कौन जाता था?
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मुगल काल में "दाम":
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