मास्लो, रोजर्स एवं मानवतावाद
Asked 1 week ago · Viewed 3 times
अब्राहम मास्लो (Abraham Maslow) के 'मानवतावादी अभिप्रेरणा सिद्धांत' (Humanistic Theory of Motivation) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'आत्म-सिद्धि या स्व-यथार्थीकरण' (Self-Actualization)**—जिसे उस सर्वोच्च मनोवैज्ञानिक आवश्यकता के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत व्यक्ति अपनी समस्त आंतरिक क्षमताओं, योग्यताओं और सृजनात्मक संभावनाओं का पूर्ण विकास करते हुए 'वह सब कुछ बन जाता है जो वह बनने की क्षमता रखता है'—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के अंतर्निहित विकास, सृजनात्मकता के पोषण और सार्थक जीवन-मूल्यों के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) के दृष्टिकोण से अब्राहम मास्लो का 'आवश्यकताओं का पदानुक्रम सिद्धांत' (Hierarchy of Needs) बाल विकास और शिक्षाशास्त्र में अत्यधिक महत्वपूर्ण है। इस पदानुक्रम के शीर्ष पर 'आत्म-सिद्धि' (Self-Actualization) स्थित है। मनोवैज्ञानिक दृष्टि से, जब तक किसी शिक्षार्थी की शारीरिक, सुरक्षा, सामाजिक अपनेपन और आत्म-सम्मान जैसी न्यूनता संबंधी आवश्यकताएं (Deficiency Needs) संतोषजनक रूप से पूरी नहीं होतीं, तब तक वह अपनी सृजनात्मकता, बौद्धिक जिज्ञासा और आत्म-विकास जैसी वृद्धि संबंधी आवश्यकताओं (Growth Needs) की ओर अग्रसर नहीं हो सकता। कक्षा-कक्ष में एक सुरक्षित, लोकतांत्रिक और प्रेरणादायक वातावरण प्रदान करके ही शिक्षक विद्यार्थियों को उनकी इस सर्वोच्च क्षमता तक पहुँचने में सहायता कर सकते हैं। अतः विकल्प (c) सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है।
अगला प्रश्न →
अब्राहम मैस्लो (Abraham Maslow) के 'मानवतावादी आवश्यकता पदानुक्रम सिद्धांत'…
← पिछला प्रश्न
अब्राहम मास्लो (Abraham Maslow) के 'मानवतावादी अभिप्रेरणा…
Related Questions
→
अब्राहम मास्लो (Abraham Maslow) के 'मानवतावादी आवश्यकता पदानुक्रम सिद्धांत' (Hierarchy of Needs Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'आत्म-सिद्धि' (Self-Actualization) और 'सौंदर्यपरक आवश्यकताओं' (Aesthetic Needs) के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के समग्र विकास, आंतरिक अभिप्रेरण (Intrinsic Motivation) तथा मानसिक स्वास्थ्य के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
अब्राहम मास्लो (Abraham Maslow) के 'मानवतावादी मानवतावादी अभिप्रेरणा सिद्धांत' (Humanistic Theory of Motivation / Hierarchy of Needs) के अंतर्गत प्रतिपादित 'आवश्यकता पदानुक्रम' के शीर्ष पर स्थित 'आत्म-सिद्धि' (Self-Actualization) और उससे ठीक नीचे की आवश्यकता 'सम्मान की आवश्यकता' (Esteem Needs) के बीच के मनोवैज्ञानिक अंतर तथा कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों की 'अन्तर्निहित क्षमताओं के पूर्ण विकास' और 'सकारात्मक आत्म-धारणा' (Positive Self-Concept) के पोषण के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
अब्राहम मास्लो के आवश्यकता पदानुक्रम सिद्धांत (Hierarchy of Needs) और अभिप्रेरणा के प्रकार (Intrinsic vs Extrinsic Motivation) के बीच के अंतर्संबंध का गहन विश्लेषण करने पर, जब कोई व्यक्ति अपनी कमी संबंधी आवश्यकताओं (D-Needs) जैसे कि शारीरिक, सुरक्षा और अपनेपन की आवश्यकताओं से आगे बढ़कर विकास संबंधी आवश्यकताओं (B-Needs) के अंतर्गत बौद्धिक जिज्ञासा, सौंदर्य बोध और स्व-यथार्थीकरण की प्राप्ति के लिए आंतरिक रूप से प्रेरित होता है, तो मास्लो के इस सिद्धांत और अभिप्रेरणा के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक सटीक वैज्ञानिक विश्लेषण प्रस्तुत करता है?
→
अब्राहम मास्लो (Abraham Maslow) के 'मानवतावादी प्रेरणा सिद्धांत' (Humanistic Theory of Motivation) अथवा 'आवश्यकताओं के पदानुक्रम' (Hierarchy of Needs) के अंतर्गत सर्वोच्च स्तर पर प्रतिपादित 'आत्म-सिद्धि' (Self-Actualization) की अवधारणा—जिसके तहत व्यक्ति अपनी पूरी क्षमता का दोहन करने, सृजनात्मक होने, व्यक्तिगत विकास प्राप्त करने और अपनी आंतरिक संभावनाओं को पूर्ण रूप से साकार करने के लिए प्रेरित होता है (जो कि शारीरिक, सुरक्षा, अपनेपन और सम्मान की निम्न-स्तरीय आवश्यकताओं के संतोष के उपरांत ही सक्रिय होती है)—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, आंतरिक आकांक्षाओं, और सृजनात्मक अभिव्यक्ति के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
अब्राहम मास्लो (Abraham Maslow) के 'मानवीय आवश्यकताओं के पदानुक्रम सिद्धांत' (Hierarchy of Needs Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'आत्म-सिद्धि या आत्म-वास्तविकीकरण' (Self-Actualization)**—जिसे उस सर्वोच्च मनोवैज्ञानिक आवश्यकता के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत व्यक्ति अपनीिक क्षमताओं, प्रतिभाओं और सृजनात्मक संभावनाओं का पूर्णतम विकास और सदुपयोग करते हुए अपने जीवन के सर्वोच्च लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रेरित होता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के आंतरिक विकास, स्व-अन्वेषण और व्यक्तिगत दक्षता के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
अब्राहम मास्लो (Abraham Maslow) के 'मानवतावादी प्रेरणा के पदानुक्रम सिद्धांत' (Hierarchy of Needs Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'आत्म-सिद्धि या आत्म-वास्तविकीकरण' (Self-Actualization)**—जिसे उस सर्वोच्च मनोवैज्ञानिक आवश्यकता के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत व्यक्ति अपनी संपूर्ण आंतरिक क्षमताओं, विशिष्ट सृजनात्मक योग्यताओं और चरम मानवीय पोटेंशियल (Potential) को पूरी तरह से विकसित और अभिव्यक्त करने के लिए प्रेरित होता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के समग्र विकास, आंतरिक अभिप्रेरण (Intrinsic Motivation) और स्व-अभिज्ञता के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
कार्ल रोजर्स (Carl Rogers) के 'मानवतावादी अधिगम सिद्धांत' (Humanistic Learning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'अर्थपूर्ण अनुभवात्मक अधिगम' (Experiential Learning)**—जिसे उस सक्रिय और छात्र-केंद्रित अधिगम प्रक्रिया के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसमें शिक्षार्थी न केवल अमूर्त बौद्धिक ज्ञान अर्जित करता है, बल्कि वह अपनी व्यक्तिगत जिज्ञासा, भावनाओं, प्रत्यक्ष अनुभवों और वास्तविक जीवन की समस्याओं को जोड़कर ज्ञान को अपने स्व (Self) का हिस्सा बनाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों की स्वायत्तता, आत्म-निर्देशित अधिगम (Self-directed Learning) और संवेगात्मक संलग्नता के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
अब्राहम मास्लो (Abraham Maslow) के 'मानवतावादी आवश्यकता पदानुक्रम सिद्धांत' (Hierarchy of Needs Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'आत्म-सिद्धि या आत्म-वास्तविकरण' (Self-Actualization)**—जिसे उस सर्वोच्च मनोवैज्ञानिक आवश्यकता के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत व्यक्ति अपनीिक क्षमताओं, प्रतिभाओं और पोटेंशियल (Potential) को पूरी तरह से विकसित करने, रचनात्मकता की पराकाष्ठा तक पहुँचने और 'वह सब बनने की कोशिश करता है जो वह बनने में सक्षम है'—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के आंतरिक विकास, सार्थक अधिगम और सर्वांगीण व्यक्तित्व के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.