भाषा अर्जन एवं भाषा अधिगम
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नॉम चोमस्की (Noam Chomsky) के 'भाषा विकास के सिद्धांत' (Theory of Language Development) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'भाषा अर्जन यंत्र' (Language Acquisition Device - LAD)—जिसे उस अंतर्जात जैविक क्षमता या प्रमस्तिष्क की सहजात संरचना के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके माध्यम से प्रत्येक मानव शिशु दुनिया की किसी भी जटिल प्राकृतिक भाषा के व्याकरणिक नियमों को न्यूनतम पर्यावरणीय प्रविष्टि (Poverty of the Stimulus) के बावजूद सहज रूप से आत्मसात कर लेता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों की बहुभाषी क्षमताओं, संज्ञानात्मक संरचनाओं और स्वाभाविक संप्रेषण कौशलों के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
नॉम चोमस्की के भाषा विकास के सिद्धांत के अनुसार, मानव बच्चों में एक जन्मजात संज्ञानात्मक संरचना होती है जिसे 'भाषा अर्जन यंत्र' (LAD) कहा जाता है। यह यंत्र सार्वभौमिक व्याकरण (Universal Grammar) के सिद्धांतों पर आधारित होता है, जिसके कारण बच्चे बिना किसी औपचारिक शिक्षण के अपने परिवेश से प्राप्त न्यूनतम भाषाई इनपुट के आधार पर भी भाषा के जटिल व्याकरणिक नियमों को सहज रूप से सीख लेते हैं। यह जैविक और सहजात दृष्टिकोण कक्षा-कक्षीय शिक्षण में बहुभाषी दृष्टिकोण को समझने और बच्चों की स्वाभाविक संप्रेषण क्षमताओं का सम्मान करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
Related Questions
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बच्चों में भाषा अर्जन (Language Acquisition) और भाषा विकास (Language Development) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. नॉम चोमस्की (Noam Chomsky) के अनुसार, बच्चों में भाषा सीखने की एक जन्मजात क्षमता होती है, जिसे 'भाषा अर्जन यंत्र' (Language Acquisition Device - LAD) कहा जाता है, और इसके समर्थन में वे 'सार्वव्यापक व्याकरण' (Universal Grammar) के सिद्धांत को प्रस्तुत करते हैं।
2. लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) का मानना था कि भाषा और विचार शुरुआत में दो स्वतंत्र गतिविधियाँ होती हैं, जो बाद में (लगभग दो वर्ष की आयु के आसपास) आपस में मिल जाती हैं, और सामाजिक अंतःक्रिया भाषा विकास का सबसे मुख्य आधार है।
3. बी.एफ. स्किनर (B.F. Skinner) के अनुसार बच्चे भाषा अनुकरण (Imitation), पुनर्बलन (Reinforcement) और अभ्यास (Practice) के माध्यम से सीखते हैं, न कि किसी जन्मजात आंतरिक नियम प्रणाली के द्वारा।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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बच्चों के भाषा विकास और संज्ञानात्मक विकास के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) के अनुसार भाषा केवल विचारों को व्यक्त करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह संज्ञानात्मक विकास को आकार देने वाला एक अत्यंत महत्वपूर्ण सांस्कृतिक उपकरण है।
2. नोम चोमस्की (Noam Chomsky) के 'भाषा अर्जन उपकरण' (Language Acquisition Device - LAD) सिद्धांत के अनुसार, बच्चों में भाषा सीखने की जन्मजात क्षमता होती है और व्याकरण के सार्वभौमिक नियम उनके अंतर्जात होते हैं।
3. जीन पियाजे (Jean Piaget) के अनुसार भाषा का विकास बच्चे के अहंकेंद्रित वाक् (Egocentric Speech) से शुरू होता है और धीरे-धीरे सामाजिक वाक् में परिवर्तित होता है, जो वाइगोत्स्की के इस विचार से पूरी तरह मेल खाता है कि निजी वाक् (Private Speech) पूरी तरह से सामाजिक अंतःक्रिया का परिणाम है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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बच्चों के भाषा विकास और संज्ञानात्मक विकास के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. जीन पियाजे (Jean Piaget) के अनुसार भाषा का विकास मुख्य रूप से संज्ञानात्मक विकास का उपोत्पाद (By-product) है, और बच्चों में देखा जाने वाला 'अहंकेन्द्रित वाक्' (Egocentric Speech) उनकी संज्ञानात्मक अपरिपक्वता को दर्शाता है जो दूसरों के दृष्टिकोण को समझने में असमर्थता का प्रतीक है।
2. लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) के अनुसार भाषा और विचार शुरुआती जीवन में दो स्वतंत्र और अलग स्रोत से उत्पन्न होते हैं, लेकिन लगभग दो वर्ष की आयु के बाद वे आपस में मिलकर 'मौखिक सोच' (Verbal Thought) का निर्माण करते हैं, और उनका 'व्यक्तिगत वाक्' (Private Speech) बच्चों को स्व-विनियमन (Self-regulation) में मदद करता है।
3. नोम चोमस्की (Noam Chomsky) के 'भाषा अर्जन उपकरण' (Language Acquisition Device - LAD) सिद्धांत के अनुसार, बच्चों में भाषा सीखने की क्षमता एक सामाजिक अनुबंधन का परिणाम है, न कि कोई जन्मजात या जैविक विशेषता।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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बच्चों के भाषा विकास (Language Development) के संदर्भ में, नोम चॉम्स्की (Noam Chomsky) के 'भाषा अर्जन उपकरण' (Language Acquisition Device - LAD) के सिद्धांत के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. चॉम्स्की का यह मानना है कि बच्चे जन्मजात रूप से भाषा सीखने की एक अंतर्भूत क्षमता के साथ पैदा होते हैं, जिसे 'सार्वभौमिक व्याकरण' (Universal Grammar) कहा जाता है, और यह क्षमता मानव मस्तिष्क की एक जैविक विशेषता है।
2. इस सिद्धांत के अनुसार, बच्चों को भाषा सीखने के लिए किसी भी प्रकार की औपचारिक शिक्षा या बाहरी परिवेशीय पुनर्बलन (Reinforcement) की आवश्यकता नहीं होती, क्योंकि बाहरी वातावरण केवल बच्चे के आंतरिक व्याकरण को सक्रिय करने का कार्य करता है।
3. चॉम्स्की के इस सिद्धांत को संज्ञानात्मक विकास के अंतर्गत जीन पियाजे के विचारों का पूर्ण समर्थन प्राप्त था, क्योंकि पियाजे का भी यही मानना था कि भाषा का विकास बच्चे के पूर्व-क्रियात्मक चरण के दौरान उसके अनुभव और सामाजिक अंतःक्रिया से स्वतंत्र रूप से होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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‘भाषा अधिग्रहण उपकरण सिद्धान्त’ किस मनोवैज्ञानिक ने दिया था?
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'भाषा विकास एवं वैचारिक संप्रभुता' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, नोम चॉम्स्की (Noam Chomsky) द्वारा प्रतिपादित 'भाषा अर्जन उपकरण' (Language Acquisition Device - LAD) और 'सार्वभौमिक व्याकरण' (Universal Grammar) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'ब्रोका क्षेत्र' (Broca's Area), 'वर्निक क्षेत्र' (Wernicke's Area), और 'आर्क्युएट फेसिकुलस' (Arcuate Fasciculus) के बीच सिंटेक्टिक मैपिंग, ध्वन्यात्मक प्रसंस्करण, और सिमेंटिक एकीकरण की सक्रियण गतिकी, तथा जीन पियाजे (Jean Piaget) और लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) के भाषा और विचार के अंतर्संबंधों के सिद्धांतों के साथ उनके पारस्परिक तालमेल तथा आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-लिंग्विस्टिक ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Linguistic Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में स्व-नियमित अभिव्यक्ति, भाषाई क्षमता व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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