लेव वाइगोत्स्की
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लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) के 'सामाजिक-सांस्कृतिक संज्ञानात्मक विकास सिद्धांत' (Socio-Cultural Theory of Cognitive Development) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD)—जिसे उस वास्तविक विकासात्मक स्तर (जो स्वतंत्र समस्या-समाधान द्वारा निर्धारित होता है) और संभावित विकासात्मक स्तर (जो वयस्क मार्गदर्शन या अधिक सक्षम सहकर्मी के सहयोग से समस्या-समाधान द्वारा निर्धारित होता है) के बीच के अंतराल के रूप में परिभाषित किया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के सहयोगात्मक अधिगम, संज्ञानात्मक विस्तार और मध्यस्थता (Mediation) के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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Detailed Explanation
लेव वाइगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत में 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (ZPD) वह दायरा है जहाँ बच्चा किसी कार्य को स्वतंत्र रूप से नहीं कर सकता, लेकिन वयस्क या अधिक सक्षम सहकर्मी (MKO) के मार्गदर्शन और 'पाटन' (Scaffolding) की सहायता से उसे सफलतापूर्वक पूरा कर सकता है। विकल्प (c) इस सिद्धांत के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ को सटीक रूप से व्यक्त करता है कि प्रभावी शिक्षण हमेशा ZPD के भीतर होता है।
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जेरोम ब्रूनर (Jerome Bruner) के 'संज्ञानात्मक विकास और खोजपूर्ण अधिगम…
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लेव वाइगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत 'संज्ञानात्मक विकास के उपकरणों' (Tools of Cognitive Development) या सांस्कृतिक उपकरणों की संकल्पना का सूक्ष्म मनोवैज्ञानिक विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन उनके इस विशिष्ट संप्रत्यय को सबसे सटीक रूप से स्पष्ट करता है?
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लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) के 'सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत' (Socio-Cultural Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'समीपस्थ विकास का क्षेत्र या जेडपीडी' (Zone of Proximal Development - ZPD)—जिसे उस वास्तविक विकासात्मक स्तर (जो स्वतंत्र समस्या-समाधान द्वारा निर्धारित होता है) और संभावित विकासात्मक स्तर (जो वयस्क मार्गदर्शन या अधिक सक्षम साथियों के सहयोग से प्राप्त किया जाता है) के बीच के अंतराल के रूप में परिभाषित किया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के मचान (Scaffolding), अंतःक्रियात्मक शिक्षण और उच्च-स्तरीय संज्ञानात्मक विकास के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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लेव वाइगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत (Socio-Cultural Theory) के अंतर्गत 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) और 'चान्त्वना या मचान निर्माण' (Scaffolding) की अवधारणाओं का गहन विश्लेषण करने पर, यदि एक शिक्षिका किसी जटिल गणितीय समस्या को हल करते समय शिक्षार्थियों को प्रारंभिक संकेत, आंशिक समाधान और तार्किक मार्गदर्शन प्रदान करती है, किंतु जैसे-जैसे शिक्षार्थी उस कार्य में निपुण होते जाते हैं, वह अपनी सहायता को धीरे-धीरे कम कर देती है; तो वाइगोत्स्की के इस संवादात्मक और संज्ञानात्मक विकास के प्रतिमान के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन वैज्ञानिक रूप से सर्वाधिक प्रामाणिक एवं सत्य है?
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लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) के 'सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत' (Socio-Cultural Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) की अवधारणा—जिसके तहत वास्तविक विकासात्मक स्तर (स्वतंत्र समस्या समाधान द्वारा निर्धारित) और संभावित विकासात्मक स्तर (वयस्क मार्गदर्शन या सक्षम साथियों के सहयोग से समस्या समाधान द्वारा निर्धारित) के बीच का अंतराल शामिल होता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के संज्ञानात्मक विकास, सहयोगात्मक समस्या-समाधान और 'मचान या पाड़' (Scaffolding) के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) के 'सामाजिक-सांस्कृतिक विकास सिद्धांत' (Socio-Cultural Theory of Development) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD)—जिसे उस वास्तविक विकासात्मक स्तर (जो स्वतंत्र समस्या समाधान द्वारा निर्धारित होता है) और संभावित विकासात्मक स्तर (जो वयस्क मार्गदर्शन या अधिक सक्षम साथी के सहयोग से प्राप्त किया जाता है) के बीच की दूरी या अंतराल के रूप में परिभाषित किया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के संज्ञानात्मक विस्तार, सामाजिक मध्यस्थता (Social Mediation) और अंतःक्रियात्मक शिक्षण रणनीतियों के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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जेरोम ब्रूनर (Jerome Bruner) के 'संज्ञानात्मक विकास और खोजपूर्ण अधिगम सिद्धांत' (Theory of Cognitive Development and Discovery Learning) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'मचान या ढांचा निर्माण (स्काफोल्डिंग - Scaffolding)'—जिसे मूल रूप से लेव वाइगोत्स्की के सिद्धांत से लिया गया है और ब्रूनर ने इसे अनुदेशात्मक सहायता (Instructional Support) के रूप में परिभाषित किया है, जिसके अंतर्गत एक वयस्क या अधिक ज्ञानी व्यक्ति (MKO) बालक को किसी जटिल कार्य को सीखने के दौरान अस्थायी और लचीली सहायता प्रदान करता है और जैसे-जैसे बालक की क्षमता बढ़ती जाती है, उस सहायता को धीरे-धीरे कम या समाप्त कर दिया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के स्व-नियमन, समीपस्थ विकास के क्षेत्र (ZPD) के प्रभावी दोहन और उच्च-स्तरीय संज्ञानात्मक स्वायत्तता के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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लेव वायगोत्스키 (Lev Vygotsky) के 'सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत' (Socio-Cultural Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'मचान या स्कैफोल्डिंग' (Scaffolding)—जिसे उस अस्थायी, सहायक और संरचित समर्थन के रूप में परिभाषित किया जाता है जो एक अधिक ज्ञاني अन्य (More Knowledgeable Other - MKO) जैसे शिक्षक, अभिभावक या समकक्ष द्वारा शिक्षार्थी को उसकी 'समीपस्थ विकास के क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) के भीतर प्रदान किया जाता है, तथा जैसे-जैसे शिक्षार्थी स्वतंत्र रूप से कार्य करने में सक्षम होता जाता है, उस समर्थन को धीरे-धीरे वापस ले लिया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के संज्ञेय स्वायत्तता (Cognitive Autonomy), समस्या-समाधान कौशल और उच्च-स्तरीय मानसिक कार्यों के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) के 'सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत' (Socio-Cultural Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'मचान या स्कैफोल्डिंग' (Scaffolding)—जिसे उस अस्थायी निर्देशात्मक समर्थन या सहायता के रूप में परिभाषित किया जाता है जो किसी अधिक ज्ञاني अन्य (More Knowledgeable Other - MKO) द्वारा शिक्षार्थी को उसकी संभावित विकास के क्षेत्र (Zone of Proximal Development - ZPD) के भीतर कोई जटिल कार्य या समस्या समाधान करने के लिए प्रदान किया जाता है, तथा जैसे-जैसे शिक्षार्थी की निपुणता बढ़ती जाती है, उस सहायता को धीरे-धीरे हटा लिया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के स्वायत्त ज्ञान निर्माण (Autonomous Knowledge Construction), सहयोगात्मक समस्या समाधान और संज्ञानात्मक विकास के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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