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History of India
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मौर्य साम्राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था, चंद्रगुप्त मौर्य और अशोक के शासनकाल के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. कौटिल्य (चाणक्य) द्वारा रचित 'अर्थशास्त्र' में मौर्य प्रशासन के सर्वोच्च स्तर पर मंत्रियों की नियुक्ति के लिए 'उपधा परीक्षण' (चरित्र परीक्षण की विधि) का उल्लेख किया गया है, तथा राज्य के सप्तांग सिद्धांत में स्वामी (राजा), आमात्य (मंत्री), जनपद, दुर्ग, कोष, सेना और मित्र को इसके अनिवार्य अंग बताया गया है।
  2. 2. अशोक के शिलालेखों और अभिलेखों में प्रशासनिक अधिकारियों के रूप में 'राजुक' (जनपद के न्यायिक और राजस्व अधिकारी), 'प्रादेशिक' (जिला अधिकारी) और 'युक्त' (सब-डिवीजनल अधिकारी जो खजाने की देखरेख करते थे) का स्पष्ट उल्लेख मिलता है, जिन्हें सम्राट ने अपने राज्याभिषेक के 13वें वर्ष के बाद विशेष रूप से धर्म के प्रचार और न्याय व्यवस्था को सुधारने की शक्ति प्रदान की थी।
  3. 3. मेगस्थनीज की 'इंडिका' के अनुसार पाटलिपुत्र नगर का प्रशासन छह समितियों द्वारा संचालित होता था, जिनमें प्रत्येक समिति में पाँच सदस्य होते थे जो शिल्पकारों, विदेशियों, जन्म-मृत्यु पंजीकरण, व्यापार, और कर संग्रह जैसी विभिन्न प्रशासनिक गतिविधियों की देखरेख करते थे।
  4. 4. चंद्रगुप्त मौर्य के शासनकाल के दौरान जूनागढ़ (गिरनार) अभिलेख से यह प्रमाणित होता है कि उनके प्रांतीय गवर्नर पुष्यगुप्त वैश्य ने सौराष्ट्र क्षेत्र में जल संकट से निपटने के लिए 'सुदर्शन झील' का निर्माण करवाया था, जिसका पुनर्निर्माण बाद में अशोक के महामात्र तुषास्प द्वारा किया गया था।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

दिए गए कथनों का विश्लेषण इस प्रकार है: कथन 1 सही है: कौटिल्य के 'अर्थशास्त्र' में राज्य के सप्तांग सिद्धांत का वर्णन है और मंत्रियों व अधिकारियों के चयन के लिए 'उपधा परीक्षण' (नैतिक और चारित्रिक परीक्षा) की पद्धति का उल्लेख किया गया है। कथन 2 गलत है: अशोक के अभिलेखों के अनुसार 'राजुक' ग्रामीण क्षेत्रों में न्यायिक और राजस्व अधिकारों से युक्त महत्वपूर्ण अधिकारी थे, लेकिन अशोक ने अपने राज्याभिषेक के **12वें वर्ष** (न कि 13वें वर्ष) में 'रज्जुक' (राजुक) को लोगों को पुरस्कृत और दण्डित करने के लिए स्वतंत्र प्राधिकार प्रदान किया था। कथन 3 सही है: मेगस्थनीज की 'इंडिका' के अनुसार पाटलिपुत्र नगर का प्रशासन 30 सदस्यों की एक नगर परिषद संभालती थी, जो 6 समितियों (प्रत्येक में 5 सदस्य) में विभाजित थी। कथन 4 सही है: जूनागढ़ शिलालेख के अनुसार चंद्रगुप्त मौर्य के वैश्य गवर्नर पुष्यगुप्त ने सौराष्ट्र में सुदर्शन झील का निर्माण करवाया था, और बाद में शक क्षत्रप रुद्रदमन तथा गुप्त शासकों के अलावा अशोक के समय यवनराज तुषास्प ने इस झील से नहरें निकलवाई थीं (तुषास्प अशोक का गवर्नर था)। अतः कथन 1, 3 और 4 सही हैं। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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