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History of India
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सिंधु घाटी सभ्यता (Harappan Civilization) की परिपक्व अवस्था और उसकी अर्बन प्लानिंग (नगर योजना) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. हड़प्पा सभ्यता के नगरों में सामान्यतः 'ग्रिड प्रणाली' (Grid System) पर आधारित सड़क विन्यास पाया जाता था, जहाँ मुख्य सड़कें एक-दूसरे को समकोण (90 डिग्री) पर काटती थीं और बस्तियों को आयताकार या वर्गाकार ब्लॉकों में विभाजित करती थीं।
  2. 2. मोहनजोदड़ो से प्राप्त 'विशाल स्नानागार' (Great Bath) का उपयोग संभवतः किसी विशेष अनुष्ठानिक या धार्मिक स्नान के लिए किया जाता था, जिसके तल को जल-रोधी बनाने के लिए ईंटों की परतों के बीच बिट्टूमेन (तारकोल) का संस्तर प्रयोग किया गया था, और इसके उत्तर तथा दक्षिण दोनों ओर सीढ़ियाँ बनी हुई थीं।
  3. 3. धौलावीरा हड़प्पा सभ्यता का एक ऐसा अनूठा नगर है जो सामान्यतः दो भागों (दुर्ग और निचला शहर) में विभाजित होने के बजाय तीन भागों—दुर्ग, मध्यम नगर और निचले शहर—में विभाजित था, तथा यहाँ से एक विशाल 'स्टेडियम' और हड़प्पा लिपि के बड़े आकार के वर्णों वाला एक अद्वितीय 'साइनेज बोर्ड' मिला है।
  4. 4. चान्हूदरो एकमात्र ऐसा प्रमुख हड़प्पाकालीन स्थल था जो नदी के तट पर स्थित होने के बावजूद बाढ़ सुरक्षा के लिए किसी भी प्रकार की किलेबंदी (Fortification) या रक्षा दीवार से घिरा हुआ नहीं था, और यहाँ से तांबे के बने हजामत के उस्तरे के साक्ष्य भी मिलते हैं।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है: सिंधु घाटी सभ्यता अपनी उन्नत नगर नियोजन के लिए जानी जाती है, जहाँ की सड़कें एक-दूसरे को समकोण पर काटती थीं और नगर ग्रिड पैटर्न पर बसे थे। कथन 2 गलत है: मोहनजोदड़ो के 'विशाल स्नानागार' के जल-रोधी निर्माण में पक्की ईंटों और जिप्सम के गारे का उपयोग किया गया था, न कि बिट्टूमेन का (हालांकि मेसोपोटामिया में बिट्टूमेन का प्रयोग होता था), और सीढ़ियाँ इसके उत्तर तथा दक्षिण दिशाओं में नहीं बल्कि पूर्व और पश्चिम दिशाओं में उतरती थीं। कथन 3 सही है: धौलावीरा तीन भागों में विभाजित था और यहाँ से अद्वितीय साइन-बोर्ड मिला है। कथन 4 सही है: चान्हूदरो एक ऐसा स्थल है जहाँ कोई गढ़ (Citadel) नहीं था और यह बिना किलेबंदी वाला शहर था। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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