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History of India
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1857 के महान विद्रोह के दौरान बिहार के विभिन्न क्षेत्रों में हुए संघर्ष और उनके नेतृत्वकर्ताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:

  1. 1. पटना — पीर अली खान (पुस्तक विक्रेता जिन्होंने ब्रिटिश शासन के विरुद्ध गुप्त संगठन का संचालन किया)
  2. 2. दानापुर छावनी — 7वीं, 8वीं और 40वीं बंगाल नेटिव इन्फैंट्री के सिपाहियों द्वारा विद्रोह कर बाबू कुंवर सिंह के साथ जुड़ना
  3. 3. आरा (जगदीशपुर) — बाबू कुंवर सिंह (जिन्होंने ब्रिटिश सेनाओं के विरुद्ध छापामार युद्ध प्रणाली अपनाकर शाहabad क्षेत्र में अंग्रेजों के नाक में दम कर दिया था)
  4. 4. मुजफ्फरपुर और छपरा — विद्रोह के दौरान इन क्षेत्रों में यूरोपीय अधिकारियों और नील बागान मालिकों के खिलाफ व्यापक जन-विद्रोह हुआ, जिसका नेतृत्व स्थानीय जमींदारों और अफीम विभाग के कर्मचारियों ने मिलकर किया था।

उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से युग्म सही सुमेलित हैं?

Detailed Explanation

1857 के महान विद्रोह के दौरान बिहार का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। पटना में एक स्थानीय पुस्तक विक्रेता पीर अली खान ने गुप्त रूप से विद्रोहियों का संगठन किया और पटना में अंग्रेजों के विरुद्ध विद्रोह की चिंगारी भड़काई। दानापुर छावनी में 25 जुलाई 1857 को 7वीं, 8वीं और 40वीं रेजिमेंट के सिपाहियों ने विद्रोह कर दिया और वे सोन नदी पार करके जगदीशपुर के बाबू कुंवर सिंह से जा मिले। बाबू कुंवर सिंह ने आरा और शाहabad क्षेत्र में अदम्य साहस का परिचय देते हुए ब्रिटिश सेनाओं के छक्के छुड़ाए। इसके अतिरिक्त, मुजफ्फरपुर, छपरा, गया और चंपारण जैसे अन्य क्षेत्रों में भी सैनिकों, स्थानीय जमींदारों और आम जनता ने ब्रिटिश सत्ता तथा यूरोपीय नील बागान मालिकों के विरुद्ध तीव्र असंतोष व्यक्त किया था। इस ऐतिहासिक घटना के बारे में अधिक जानने के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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