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General Science
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मानव शरीर में उत्पन्न होने वाले विभिन्न संक्रामक रोगों, उनके संचरण और उनके रोगजनकों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. 'कुष्ठ रोग' (Leprosy) या हैनसेन रोग का मुख्य कारक 'माइकोबैक्टीरियम लेप्री' (Mycobacterium leprae) नामक अंतःकोशिकी जीवाणु है, जो मुख्य रूप से परिधीय तंत्रिकाओं और त्वचा को प्रभावित करता है।
  2. 2. 'सिफलिस' (Syphilis) एक संक्रामक लैंगिक संचारित रोग (STI) है जो 'ट्रेपोनेमा पैलिडम' (Treponema pallidum) नामक स्पिरोकीट जीवाणु के संक्रमण से फैलता है।
  3. 3. 'जापानी एन्सेफलाइटिस' (Japanese Encephalitis) एक विषाणुजनित तीव्र मस्तिष्क संक्रमण है, जिसके विषाणु का संचरण मुख्य रूप से 'कुलेक्स' प्रजाति की संक्रमित मादा मच्छरों के काटने से होता है और इसके लिए सूअरों को प्राकृतिक परपोषी (Reservoir) माना जाता है।
  4. 4. 'हेपेटाइटिस बी' एक डीएनए वायरस है जो रक्त, वीर्य और अन्य शारीरिक द्रव्यों के माध्यम से फैलता है, तथा इसके दीर्घकालिक संक्रमण से यकृत कैंसर या सिरोसिस (Cirrhosis) होने का खतरा रहता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

दिए गए सभी कथन पूर्णतः सत्य हैं। कुष्ठ रोग माइकोबैक्टीरियम लेप्री के कारण होता है। सिफलिस ट्रेपोनेमा पैलिडम नामक जीवाणु से होने वाला एसटीआई है। जापानी एन्सेफलाइटिस कुलेक्स मच्छरों द्वारा फैलता है और सूअर इसके प्रमुख रिजर्वॉयर हैं। हेपेटाइटिस बी एक हेपडनाविरिडे कुल का डीएनए वायरस है। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देखें।
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Related Questions

→ मानव पोषण और जैविक अणुओं (विटामिन, कार्बोहाइड्रेट और प्रोटीन) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. विटामिन $B_{12}$ (सायनोकोबलामिन) एकमात्र ऐसा जल-विलेय विटामिन है जिसमें कोबाल्ट धातु पाई जाती है, और इसके अवशोषण के लिए आमाशय की भित्ति की पैसिटेल कोशिकाओं द्वारा 'इंट्रिंसिक कारक' (Intrinsic factor) का स्राव अनिवार्य होता है। 2. ग्लाइकोजन (Glycogen) एक शाखित पॉलिसैकेराइड है, जिसे 'जंतु स्टार्च' भी कहा जाता है, और यह मुख्य रूप से यकृत तथा कंकाल पेशियों में संचित रहता है, जहाँ रक्त में ग्लूकोज की कमी होने पर 'ग्लाइकोजेनोलिसिस' प्रक्रिया द्वारा इसे विघटित किया जाता है। 3. प्रोटीन संरचना के संदर्भ में, प्रोटीनों का द्वितीयक ढांचा (Secondary structure) पेप्टाइड बंधों के अलावा मुख्य रूप से पॉलीपेप्टाइड श्रृंखला के विभिन्न अमीनो अम्लों के carbonyl oxygen और amide hydrogen के बीच बनने वाले हाइड्रोजन आबंधों द्वारा स्थिर रहता है, जिसका सर्वप्रमुख उदाहरण अल्फा-हेलिक्स और बीटा-पलीटेड शीट हैं। 4. एमीलोपेक्टिन (Amylopectin), जो स्टार्च का एक घटक है, जल में अघुलनशील एक सीधी श्रृंखला वाला पॉलिसैकेराइड है जिसमें ग्लूकोज इकाइयाँ केवल $\alpha-1,4$ ग्लाइकोसिडिक बंधों द्वारा जुड़ी रहती हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → रासायनिक बंधन और अम्ल-क्षार सिद्धांतों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. लुईस अम्ल (Lewis Acid) वे रासायनिक स्पीशीज होती हैं जो इलेक्ट्रॉन युग्म ग्रहण करने की क्षमता रखती हैं, जबकि लुईस क्षार वे स्पीशीज हैं जो इलेक्ट्रॉन युग्म दान करती हैं। 2. ब्रॉन्स्टेड-लोरी (Bronsted-Lowry) संकल्पना के अनुसार, जल एक उभयधर्मी (Amphoteric) विलायक के रूप में कार्य करता है जो अम्ल और क्षार दोनों प्रकार की भूमिका निभा सकता है। 3. संयुग्मी अम्ल-क्षार युग्म (Conjugate acid-base pair) में यदि कोई अम्ल प्रबल है, तो उसका संयुग्मी क्षार भी सदैव प्रबल ही होता है। 4. जल के आयनिक गुणनफल ($K_w$) का मान ताप में वृद्धि के साथ बढ़ता है, जिसके कारण उच्च तापमान पर शुद्ध जल का pH मान 7 से कम हो जाता है, किंतु वह उदासीन ही रहता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → मानव शरीर के परिसंचरण और तंत्रिका तंत्र की कार्यप्रणाली के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. मानव हृदय का पेसमेकर या साइनאָएट्रियल नोड (SAN) दाएँ आलिंद की ऊपरी दीवार पर स्थित होता है, जो स्वतः उत्तेजित होने की क्षमता रखता है और हृदय की संकुचन तरंगों (विद्युत आवेगों) की दर को नियंत्रित करता है। 2. केंद्रीय तंत्रिका तंत्र (CNS) के अंतर्गत मस्तिष्क का 'हाइपोथैलेमस' भाग शरीर के ताप नियमन, भूख-प्यास और भावनाओं का मुख्य नियंत्रण केंद्र होता है, जबकि अनुस्तिष्क (Cerebellum) शरीर के संतुलन और एच्छिक पेशियों की गति को समन्वित करता है। 3. एक्सॉन (Axon) के साथ माइलिन आच्छद (Myelin sheath) का निर्माण श्वान कोशिकाओं (Schwann cells) द्वारा केवल केंद्रीय तंत्रिका तंत्र में किया जाता है, जबकि परिधीय तंत्रिका तंत्र में यह आच्छद अनुपस्थित होता है। 4. सिनैप्स (Synapse) के माध्यम से तंत्रिका आवेगों का संचरण रासायनिक संदेशवाहकों यानी न्यूरोट्रांसमीटर (जैसे एसिटيلकोलाइन) के विमोचन द्वारा होता है, जो प्री-सिनैप्टिक झिल्ली से पोस्ट-सिनैप्टिक झिल्ली की ओर गति करते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → भौतिक राशियों की विमाओं और उनके एसआई (SI) मात्रकों के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए: 1. सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण नियतांक (Universal Gravitational Constant): $[M^{-1}L^3T^{-2}]$ तथा इसका मात्रक $N \cdot m^2 \cdot kg^{-2}$ है। 2. प्लांक नियतांक (Planck's Constant): $[ML^2T^{-1}]$ तथा इसका मात्रक $J \cdot s$ है। 3. श्यानता गुणांक (Coefficient of Viscosity): $[ML^{-1}T^{-1}]$ तथा इसका मात्रक $kg \cdot m^{-1} \cdot s^{-1}$ है। 4. चुंबकीय फ्लक्स (Magnetic Flux): $[ML^2T^{-2}A^{-2}]$ तथा इसका मात्रक वेबर ($Wb$) है। उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से सही सुमेलित हैं? → पादप जगत के वर्गीकरण, प्रकाश संश्लेषण के तंत्र और पादप हार्मोन्स की क्रियाविधि के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. ब्रायोफाइट्स को पादप जगत का 'उभयचर' कहा जाता है क्योंकि ये मृदा में उगते हैं किंतु लैंगिक जनन के लिए जल की उपस्थिति अनिवार्य होती है, और इनमें मुख्य पादप शरीर गेमेटोफाइट (युग्मकोद्भिद्) होता है जो बीजाणुद्भिद (स्पोरोफाइट) पर पोषण के लिए आंशिक रूप से निर्भर रहता है। 2. C3 पौधों की तुलना में C4 पौधों में प्रकाश श्वसन (Photorespiration) की दर नगण्य होती है, जिसका मुख्य कारण यह है कि उनमें रुबिको (RuBisCO) एंजाइम बंडल शीथ कोशिकाओं में उच्च सांद्रता में पाया जाता है जहाँ कार्बन डाइऑक्साइड का सांद्रण मैलिक अम्ल के डीकार्बोक्सिलेशन द्वारा बढ़ जाता है। 3. ऑक्सिन (जैसे IAA) त्रेपोट्रॉपिज्म और फोटोट्रॉपिज्म की क्रियाओं को नियंत्रित करता है, जहाँ प्रकाश के विपरीत दिशा में ऑक्सिन का पार्श्व वितरण अधिक हो जाने के कारण त्रेपोट्रॉपिक वक्रता उत्पन्न होती है, जिसे डार्विन और उनके पुत्र द्वारा कैनरी ग्रास के कोलियोप्टाइल पर किए गए प्रयोगों से समझा गया था। 4. जिबरेलिन (Gibberellin) आनुवंशिक रूप से बौने पौधों में internode (पर्वान्तर) के दीर्घीकरण को प्रेरित करके उनकी लंबाई बढ़ाते हैं, और ये बीज अंकुरण के दौरान एल्यूरोन परत पर प्रभाव डालकर अल्फा-एमाइलेज जैसे हाइड्रोलिटिक एंजाइमों के संश्लेषण को उत्प्रेरित करते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → कोशिका का ऊर्जा गृह किसे कहा जाता है?
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