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आनुवंशिकी और जैव विकास के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. मेण्डल के स्वतंत्र अपव्यूहन के नियम (Law of Independent Assortment) का सार्वभौमिक अपवाद 'सहलग्नता' (Linkage) है, जिसमें एक ही गुणसूत्र पर स्थित जीन एक साथ वंशागत होने की प्रवृत्ति रखते हैं।
  2. 2. थॉमस हंट मॉर्गन (Thomas Hunt Morgan) ने ड्रोसोफिला मेलानोगास्टर पर अपने प्रयोगों के दौरान यह प्रदर्शित किया कि जीन विनिमय (Crossing Over) की आवृत्ति सहलग्न जीनों के बीच की दूरी के व्युत्क्रमानुपाती होती है।
  3. 3. हार्डी-वीनबर्ग संतुलन (Hardy-Weinberg Equilibrium) के अनुसार, एक बड़े यादृच्छिक रूप से संगमित होने वाली आबादी में अलील आवृत्तियाँ पीढ़ियों तक स्थिर रहती हैं, बशर्ते आबादी पर चयन, उत्परिवर्तन, प्रवासन और आनुवंशिक विचलन (Genetic Drift) का प्रभाव न हो।
  4. 4. लैमार्क वाद (Lamarckism) के मूल सिद्धांत 'उपार्जित लक्षणों की वंशागति' को अगस्त वीजमैन (August Weismann) द्वारा अपने 'जननद्रव्य सिद्धांत' (Theory of Germplasm) के माध्यम से प्रायोगिक रूप से सही सिद्ध किया गया था।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है क्योंकि मेण्डल का स्वतंत्र अपव्यूहन का नियम केवल उन जीनों पर लागू होता है जो अलग-अलग गुणसूत्रों पर स्थित हों; एक ही गुणसूत्र पर स्थित जीन सहलग्नता (विकिपीडिया संदर्भ) प्रदर्शित करते हैं। कथन 2 गलत है क्योंकि जीन विनिमय (Crossing Over) की आवृत्ति सहलग्न जीनों के बीच की दूरी के **समानुपाती** (directly proportional) होती है, न कि व्युत्क्रमानुपाती। कथन 3 पूरी तरह सही है, हार्डी-वीनबर्ग सिद्धांत विकास रहित स्थिर आबादी की स्थिति को परिभाषित करता है। कथन 4 गलत है क्योंकि अगस्त वीजमैन ने चूहों की पूंछ काटकर प्रयोग किया और 'जननद्रव्य सिद्धांत' देकर लैमार्क के उपार्जित लक्षणों की वंशागति के सिद्धांत को खंडित किया था।
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