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मानव पोषण और जैविक अणुओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. विटामिन B1 (थायमिन) की कमी से 'बेरी-बेरी' रोग होता है, और यह एक जल-विलेय विटामिन है जो कार्बोहाइड्रेट उपापचय (Metabolism) के दौरान सहएंजाइम (Coenzyme) के रूप में कार्य करता है।
  2. 2. वसा में घुलनशील विटामिन 'ए' (रेटिनॉल) की कमी से नाइट ब्लाइंडनेस (रतौंधी) और जीरोफथैल्मिया होता है, तथा यह दृश्य वर्णक 'रोडोप्सिन' (Rhodopsin) के संश्लेषण के लिए अनिवार्य है।
  3. 3. सेल्यूलोज एक शाखित पॉलिसैकेराइड है जो ग्लूकोज की इकाइयों से मिलकर बनता है, और मानव शरीर में इसे पचाने के लिए 'सेल्यूलेज' एंजाइम प्रचुर मात्रा में स्रावित होता है।
  4. 4. प्रोटीन मुख्य रूप से अमीनो अम्लों के बहुलक होते हैं, जो पेप्टाइड बंधों द्वारा आपस में जुड़े रहते हैं, और मानव शरीर के लिए आवश्यक कुछ अमीनो अम्ल भोजन के माध्यम से प्राप्त किए जाते हैं जिन्हें 'आवश्यक अमीनो अम्ल' कहा जाता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

कथन 1, 2 और 4 सही हैं। विटामिन B1 (थायमिन) एक जल-विलेय विटामिन है जिसकी कमी से बेरी-बेरी होता है और यह कार्बोहाइड्रेट चयापचय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। विटामिन ए रोडोप्सिन के निर्माण के लिए आवश्यक है। मानव शरीर में सेल्यूलोज को पचाने के लिए आवश्यक सेल्यूलेज एंजाइम नहीं पाया जाता है, इसलिए कथन 3 गलत है। प्रोटीन अमीनो अम्लों के बहुलक हैं जो पेप्टाइड बंध द्वारा जुड़े होते हैं।
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