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मानव अंतःस्रावी तंत्र में हॉर्मोनों के नियमन और फीडबैक तंत्र के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. हाइपोथैलेमस द्वारा स्रावित 'गोनाडोट्रोपिन-रिलीजिंग हॉर्मोन' (GnRH) अग्र पीयूष ग्रंथि को उद्दीपित करता है ताकि वह ल्यूटिनाइजिंग हॉर्मोन (LH) और कूट-उद्दीपक हॉर्मोन (FSH) का स्राव कर सके।
  2. 2. थाइरॉक्सिन ($T_4$) और ट्राइएथायोथायरोनिन ($T_3$) हॉर्मोनों का उच्च रक्त स्तर हाइपोथैलेमस और अग्र पीयूष ग्रंथि को नकारात्मक फीडबैक (Negative Feedback) प्रदान करके क्रमशः TRH और TSH के स्राव को संदमित करता है।
  3. 3. अधिवृल्क वल्कुट (Adrenal Cortex) द्वारा स्रावित 'एल्डोस्टेरोन' हॉर्मोन रक्त दाब में कमी या कम सोडियम स्तर के जवाब में वृक्क की नलिकाओं द्वारा सोडियम और जल के पुनravsorption (पुनः अवशोषण) को कम करता है और पोटेशियम के उत्सर्जन को रोकता है।
  4. 4. ऑक्सीटोसिन (Oxytocin) हॉर्मोन पश्च पीयूष ग्रंथि द्वारा संगृहीत और स्रावित किया जाता है, जो प्रसव के दौरान गर्भाशय की चिकनी पेशियों के संकुचन और दुग्ध निष्कासन (Milk Ejection Reflex) को प्रेरित करता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है क्योंकि हाइपोथैलेमस से स्रावित GnRH अग्र पीयूष ग्रंथि को gonadotropins (LH और FSH) के उत्पादन और स्राव के लिए प्रेरित करता है। कथन 2 सही है क्योंकि थाइरॉइड हॉर्मोनों का उच्च स्तर हाइपोथैलेमस (TRH) और पीयूष ग्रंथि (TSH) के स्तर को नकारात्मक फीडबैक द्वारा नियंत्रित करता है। कथन 3 गलत है क्योंकि एल्डोस्टेरोन (Aldosterone) वृक्क नलिकाओं से सोडियम ($Na^+$) और जल के पुनः अवशोषण को *बढ़ाता* है और पोटेशियम ($K^+$) तथा हाइड्रोजन आयनों के उत्सर्जन को प्रेरित करता है, न कि कम करता है। कथन 4 सही है क्योंकि ऑक्सीटोसिन पश्च पीयूष ग्रंथि से निकलता है और प्रसव तथा दुग्ध निष्कासन में मुख्य भूमिका निभाता है। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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