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मानव अंतःस्रावी तंत्र में हॉर्मोनों के नियमन और फीडबैक तंत्र के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. हाइपोथैलेमस द्वारा स्रावित 'गोनाडोट्रोपिन-रिलीजिंग हॉर्मोन' (GnRH) अग्र पीयूष ग्रंथि को उद्दीपित करता है ताकि वह ल्यूटिनाइजिंग हॉर्मोन (LH) और कूट-उद्दीपक हॉर्मोन (FSH) का स्राव कर सके।
- 2. थाइरॉक्सिन ($T_4$) और ट्राइएथायोथायरोनिन ($T_3$) हॉर्मोनों का उच्च रक्त स्तर हाइपोथैलेमस और अग्र पीयूष ग्रंथि को नकारात्मक फीडबैक (Negative Feedback) प्रदान करके क्रमशः TRH और TSH के स्राव को संदमित करता है।
- 3. अधिवृल्क वल्कुट (Adrenal Cortex) द्वारा स्रावित 'एल्डोस्टेरोन' हॉर्मोन रक्त दाब में कमी या कम सोडियम स्तर के जवाब में वृक्क की नलिकाओं द्वारा सोडियम और जल के पुनravsorption (पुनः अवशोषण) को कम करता है और पोटेशियम के उत्सर्जन को रोकता है।
- 4. ऑक्सीटोसिन (Oxytocin) हॉर्मोन पश्च पीयूष ग्रंथि द्वारा संगृहीत और स्रावित किया जाता है, जो प्रसव के दौरान गर्भाशय की चिकनी पेशियों के संकुचन और दुग्ध निष्कासन (Milk Ejection Reflex) को प्रेरित करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि हाइपोथैलेमस से स्रावित GnRH अग्र पीयूष ग्रंथि को gonadotropins (LH और FSH) के उत्पादन और स्राव के लिए प्रेरित करता है। कथन 2 सही है क्योंकि थाइरॉइड हॉर्मोनों का उच्च स्तर हाइपोथैलेमस (TRH) और पीयूष ग्रंथि (TSH) के स्तर को नकारात्मक फीडबैक द्वारा नियंत्रित करता है। कथन 3 गलत है क्योंकि एल्डोस्टेरोन (Aldosterone) वृक्क नलिकाओं से सोडियम ($Na^+$) और जल के पुनः अवशोषण को *बढ़ाता* है और पोटेशियम ($K^+$) तथा हाइड्रोजन आयनों के उत्सर्जन को प्रेरित करता है, न कि कम करता है। कथन 4 सही है क्योंकि ऑक्सीटोसिन पश्च पीयूष ग्रंथि से निकलता है और प्रसव तथा दुग्ध निष्कासन में मुख्य भूमिका निभाता है। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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Related Questions
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मानव शरीर के तंत्रों (पाचन, श्वसन, परिसंचरण और तंत्रिका तंत्र) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. आमाशय की भित्ति में पाई जाने वाली मुख्य कोशिकाएँ (Chief cells या Peptic cells) निष्क्रिय प्रोएंजाइम 'पेप्सिनोजेन' का स्राव करती हैं, जो हाइड्रोक्लोरिक अम्ल की उपस्थिति में सक्रिय पेप्सिन में बदल जाता है और प्रोटीन को प्रोटियॉसेस एवं पेप्टोन्स में जल-अपघटित करता है।
2. मानव श्वसन तंत्र में कूपिकाओं (Alveoli) के स्तर पर होने वाला गैसों का विनिमय सक्रिय परिवहन (Active transport) द्वारा होता है, जिसमें एटीपी (ATP) ऊर्जा की आवश्यकता होती है और यह उच्च आंशिक दाब से निम्न आंशिक दाब की ओर होता है।
3. मानव हृदय चक्र के दौरान, 'आलिंद निलय गांठ' (AV Node) से निकलने वाले तंत्रिका आवेगों को 'हिंस के बंडल' (Bundle of His) और पुरकिंजे तंतुओं के माध्यम से वेंट्रिकुलर पेशियों तक पहुँचाया जाता है, जिससे दोनों निलयों का संकुचन एक साथ होता है।
4. केंद्रीय तंत्रिका तंत्र में सिनेप्स के पार रासायनिक संचरण के दौरान, जब तंत्रिकाप्रेषक (Neurotransmitter) अपने अभिग्राही (Receptor) से जुड़ता है, तो पोस्ट-सिनेप्टिक झिल्ली पर कैटायन चैनलों के खुलने से केवल 'निषेधात्मक पोस्ट-सिनेप्टिक विभव' (IPSP) उत्पन्न होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भौतिक राशियों और मापन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पारसेक (Parsec) खगोलीय दूरी मापने की सबसे बड़ी व्यावहारिक इकाई है, जो इस बात को दर्शाती है कि एक पारसेक लगभग 3.26 प्रकाश वर्ष के बराबर होती है।
2. प्लांक नियतांक (Planck's Constant) का विमीय सूत्र कोणीय संवेग (Angular Momentum) के विमीय सूत्र के बिल्कुल समान होता है, और इन दोनों का मात्रक जूल-सेकंड ($J \cdot s$) है।
3. श्यानता गुणांक (Coefficient of Viscosity) का SI मात्रक पास्कल-सेकंड ($Pa \cdot s$) या $kg \cdot m^{-1} \cdot s^{-1}$ होता है, तथा इसका विमीय सूत्र $[M^1 L^{-1} T^{-1}]$ द्वारा व्यक्त किया जाता है।
4. प्रकाश वर्ष (Light-year) समय मापने की एक इकाई है जिसका उपयोग अंतरिक्ष में अत्यधिक लंबे समयारालों की गणना के लिए किया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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तरल पदार्थों के यांत्रिक गुणों (जैसे पृष्ठ तनाव, श्यानता और आर्किमिडीज के सिद्धांत) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी द्रव की श्यानता (Viscosity) तापमान बढ़ने पर घटती है, क्योंकि द्रवों के अणुओं के बीच ससंजक बल तापीय ऊर्जा में वृद्धि के कारण कमजोर हो जाते हैं, जबकि गैसों की श्यानता तापमान बढ़ने पर बढ़ती है।
2. जब छोटे आकार की पारे की बूंदें मिलकर एक बड़ी बूंद बनाती हैं, तो कुल पृष्ठ क्षेत्रफल घट जाता है और ऊर्जा मुक्त होती है, जिसके कारण बड़ी बूंद का तापमान थोड़ा कम हो जाता है।
3. आर्किमिडीज के सिद्धांत के अनुसार, जब कोई वस्तु किसी द्रव में पूरी तरह या आंशिक रूप से डुबोई जाती है, तो वह अपने द्वारा हटाए गए द्रव के भार के बराबर ऊपर की ओर एक उत्प्लावन बल (Buoyant Force) का अनुभव करती है, और इस बल का केंद्र हटाए गए द्रव के गुरुत्व केंद्र पर कार्य करता है जिसे 'उत्प्लावन केंद्र' (Centre of Buoyancy) कहते हैं।
4. केशिकत्व (Capillarity) की परिघटना में, यदि किसी केशिका नली में द्रव का meniscus (तल) उत्तल (Convex) है, तो नली में द्रव का स्तर बाहर के द्रव तल की तुलना में नीचे गिर जाता है, जैसा कि पारे के मामले में देखा जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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कार्बनिक रसायन और हाइड्रोकार्बन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संतृप्त हाइड्रोकार्बन (Alkanes) का सामान्य सूत्र $C_nH_{2n+2}$ होता है, और इनमें सभी कार्बन-कार्बन बंध एकल सहसंयोजक बंध होते हैं, जिसके कारण ये सामान्य परिस्थितियों में रासायनिक रूप से अपेक्षाकृत निष्क्रिय होते हैं।
2. असंतृप्त हाइड्रोकार्बन (Alkenes and Alkynes) में क्रमशः द्विबंध और त्रिबंध पाए जाते हैं, और ये योगात्मक (Addition) अभिक्रियाएं प्रदर्शित करते हैं क्योंकि इनमें बहुआबंधों के कारण इलेक्ट्रॉन घनत्व उच्च होता है।
3. एल्काइनों (Alkynes) में कार्बन परमाणुओं के बीच त्रिबंध होता है, जिसमें एक सिग्मा ($(\sigma)$) और दो पाई ($(\pi)$) बंध होते हैं, और इनका पहला सदस्य एसिटिलीन या एथाइन है।
4. एरोमैटिक हाइड्रोकार्बन (जैसे बेंजीन) हकल के नियम ($4n+2$ पाई इलेक्ट्रॉन नियम) का पालन करते हैं और ये अत्यधिक अनुनाद (Resonance) स्थायित्व दर्शाने के कारण अन्य असंतृप्त हाइड्रोकार्बन की तरह आसानी से योगात्मक अभिक्रियाएं देते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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पादप जगत के वर्गीकरण, प्रकाश संश्लेषण के तंत्र और पादप हार्मोन्स की क्रियाविधि के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ब्रायोफाइट्स को पादप जगत का 'उभयचर' कहा जाता है क्योंकि ये मृदा में उगते हैं किंतु लैंगिक जनन के लिए जल की उपस्थिति अनिवार्य होती है, और इनमें मुख्य पादप शरीर गेमेटोफाइट (युग्मकोद्भिद्) होता है जो बीजाणुद्भिद (स्पोरोफाइट) पर पोषण के लिए आंशिक रूप से निर्भर रहता है।
2. C3 पौधों की तुलना में C4 पौधों में प्रकाश श्वसन (Photorespiration) की दर नगण्य होती है, जिसका मुख्य कारण यह है कि उनमें रुबिको (RuBisCO) एंजाइम बंडल शीथ कोशिकाओं में उच्च सांद्रता में पाया जाता है जहाँ कार्बन डाइऑक्साइड का सांद्रण मैलिक अम्ल के डीकार्बोक्सिलेशन द्वारा बढ़ जाता है।
3. ऑक्सिन (जैसे IAA) त्रेपोट्रॉपिज्म और फोटोट्रॉपिज्म की क्रियाओं को नियंत्रित करता है, जहाँ प्रकाश के विपरीत दिशा में ऑक्सिन का पार्श्व वितरण अधिक हो जाने के कारण त्रेपोट्रॉपिक वक्रता उत्पन्न होती है, जिसे डार्विन और उनके पुत्र द्वारा कैनरी ग्रास के कोलियोप्टाइल पर किए गए प्रयोगों से समझा गया था।
4. जिबरेलिन (Gibberellin) आनुवंशिक रूप से बौने पौधों में internode (पर्वान्तर) के दीर्घीकरण को प्रेरित करके उनकी लंबाई बढ़ाते हैं, और ये बीज अंकुरण के दौरान एल्यूरोन परत पर प्रभाव डालकर अल्फा-एमाइलेज जैसे हाइड्रोलिटिक एंजाइमों के संश्लेषण को उत्प्रेरित करते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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कोशिका का ऊर्जा गृह किसे कहा जाता है?
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