General Science
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कार्बनिक रसायन और हाइड्रोकार्बन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. संतृप्त हाइड्रोकार्बन (Alkanes) का सामान्य सूत्र $C_nH_{2n+2}$ होता है, और इनमें सभी कार्बन-कार्बन बंध एकल सहसंयोजक बंध होते हैं, जिसके कारण ये सामान्य परिस्थितियों में रासायनिक रूप से अपेक्षाकृत निष्क्रिय होते हैं।
- 2. असंतृप्त हाइड्रोकार्बन (Alkenes and Alkynes) में क्रमशः द्विबंध और त्रिबंध पाए जाते हैं, और ये योगात्मक (Addition) अभिक्रियाएं प्रदर्शित करते हैं क्योंकि इनमें बहुआबंधों के कारण इलेक्ट्रॉन घनत्व उच्च होता है।
- 3. एल्काइनों (Alkynes) में कार्बन परमाणुओं के बीच त्रिबंध होता है, जिसमें एक सिग्मा ($(\sigma)$) और दो पाई ($(\pi)$) बंध होते हैं, और इनका पहला सदस्य एसिटिलीन या एथाइन है।
- 4. एरोमैटिक हाइड्रोकार्बन (जैसे बेंजीन) हकल के नियम ($4n+2$ पाई इलेक्ट्रॉन नियम) का पालन करते हैं और ये अत्यधिक अनुनाद (Resonance) स्थायित्व दर्शाने के कारण अन्य असंतृप्त हाइड्रोकार्बन की तरह आसानी से योगात्मक अभिक्रियाएं देते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1, 2 और 3 सही हैं। एल्केन संतृप्त हाइड्रोकार्बन होते हैं जिनका सामान्य सूत्र $C_nH_{2n+2}$ है और वे एकल बंध युक्त होने के कारण प्रतिस्थापन (Substitution) अभिक्रियाएं देते हैं। एल्कीन और एल्काइन असंतृप्त हाइड्रोकार्बन हैं जो योगात्मक अभिक्रियाएं प्रदर्शित करते हैं। एल्काइन (जैसे एथाइन) में एक सिग्मा और दो पाई बंध होते हैं। कथन 4 गलत है क्योंकि बेंजीन और अन्य एरोमैटिक यौगिक अनुनाद (Resonance) स्थायित्व के कारण आसानी से योगात्मक अभिक्रियाएं नहीं देते, बल्कि वे विशिष्ट रूप से 'इलेक्ट्रॉनस्नेही प्रतिस्थापन' (Electrophilic Substitution) अभिक्रियाएं दर्शाते हैं।
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भौतिक राशियों और उनके SI मात्रकों (SI Units) तथा विमीय सूत्रों (Dimensional Formulae) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. दाब (Pressure) और यंग प्रत्यास्थता गुणांक (Young's Modulus of Elasticity) दोनों का विमीय सूत्र समान ($[M^1 L^{-1} T^{-2}]$) होता है, किंतु दाब एक अदिश राशि है जबकि यंग प्रत्यास्थता गुणांक एक सदिश राशि है।
2. प्लेंक नियतांक (Planck's Constant) का विमीय सूत्र कोणीय संवेग (Angular Momentum) के विमीय सूत्र के बिल्कुल समान होता है, और इन दोनों का SI मात्रक जूल-सेकंड ($J \cdot s$) है।
3. श्यानता गुणांक (Coefficient of Viscosity) का SI मात्रक पास्कल-सेकंड ($Pa \cdot s$) या $kg \cdot m^{-1} \cdot s^{-1}$ होता है, तथा इसका विमीय सूत्र $[M^1 L^{-1} T^{-1}]$ द्वारा व्यक्त किया जाता है।
4. खगोलीय दूरी मापने की सबसे बड़ी इकाई 'पारसेक' (Parsec) है, जो इस बात को दर्शाती है कि एक पारसेक लगभग $3.26$ प्रकाश वर्ष के बराबर होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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मानव अंतःस्रावी तंत्र में हॉर्मोनों के नियमन और फीडबैक तंत्र के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हाइपोथैलेमस द्वारा स्रावित 'गोनाडोट्रोपिन-रिलीजिंग हॉर्मोन' (GnRH) अग्र पीयूष ग्रंथि को उद्दीपित करता है ताकि वह ल्यूटिनाइजिंग हॉर्मोन (LH) और कूट-उद्दीपक हॉर्मोन (FSH) का स्राव कर सके।
2. थाइरॉक्सिन ($T_4$) और ट्राइएथायोथायरोनिन ($T_3$) हॉर्मोनों का उच्च रक्त स्तर हाइपोथैलेमस और अग्र पीयूष ग्रंथि को नकारात्मक फीडबैक (Negative Feedback) प्रदान करके क्रमशः TRH और TSH के स्राव को संदमित करता है।
3. अधिवृल्क वल्कुट (Adrenal Cortex) द्वारा स्रावित 'एल्डोस्टेरोन' हॉर्मोन रक्त दाब में कमी या कम सोडियम स्तर के जवाब में वृक्क की नलिकाओं द्वारा सोडियम और जल के पुनravsorption (पुनः अवशोषण) को कम करता है और पोटेशियम के उत्सर्जन को रोकता है।
4. ऑक्सीटोसिन (Oxytocin) हॉर्मोन पश्च पीयूष ग्रंथि द्वारा संगृहीत और स्रावित किया जाता है, जो प्रसव के दौरान गर्भाशय की चिकनी पेशियों के संकुचन और दुग्ध निष्कासन (Milk Ejection Reflex) को प्रेरित करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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तरंग गति और ध्वनि तरंगों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी गैस में ध्वनि की चाल उस गैस के घनत्व के वर्गमूल के व्युत्क्रमानुपाती होती है, बशर्ते दाब स्थिर रहे।
2. लाप्लास (Laplace) के संशोधन के अनुसार, वायु में ध्वनि का संचरण एक समतापीय (Isothermal) प्रक्रम है, जिसके कारण न्यूटन के सूत्र में सुधार किया गया।
3. जब ध्वनि तरंगें एक माध्यम से दूसरे माध्यम में प्रवेश करती हैं, तो उनकी आवृत्ति और तरंगदैर्ध्य दोनों परिवर्तित हो जाते हैं, जबकि उनकी चाल अपरिवर्तित रहती है।
4. डॉप्लर प्रभाव (Doppler Effect) के अनुसार, यदि श्रोता और ध्वनि स्रोत के बीच की दूरी कम हो रही है, तो श्रोता को ध्वनि की आवृत्ति (तारात्व) वास्तविक आवृत्ति से अधिक प्रतीत होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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सुकेन्द्रिक (Eukaryotic) कोशिकाओं में कोशिका विभाजन और कोशिकांगों की सूक्ष्म संरचना के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. अर्धसूत्री विभाजन-I (Meiosis-I) की डिप्लोटीन (Diplotene) उप-अवस्था के दौरान समझात गुणसूत्रों के बीच 'काइऐज्माटा' (Chiasmata) का स्पष्टीकरण और निर्माण होता है, जो जीन विनिमय (Crossing Over) के पूर्ण होने का दृश्य प्रमाण है।
2. समसूत्री विभाजन (Mitosis) की मध्यावस्था (Metaphase) में गुणसूत्र कोशिका के मध्य रेखा पर व्यवस्थित होते हैं और तर्कु तंतु (Spindle fibres) गुणसूत्रों के काइनेटोकौर (Kinetochore) प्रोटीन से जुड़ते हैं।
3. गाल्जी काय (Golgi apparatus) की संरचना में 'सिस' (Cis) फेस हमेशा केंद्रक की ओर और 'ट्रांस' (Trans) फेस प्लाज्मा झिल्ली की ओर होता है, तथा ये दोनों फेस संरचनात्मक और कार्यात्मक रूप से पूरी तरह समरूप होते हैं।
4. राइबोसोम का निर्माण केंद्रिका (Nucleolus) के भीतर होता है, जहाँ 80S प्रकार के राइबोसोम के उप-इकाइयाँ (60S और 40S) और 70S प्रकार के राइबोसोम (50S और 30S) का संयोजन पूर्ण होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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पादप जगत के वर्गीकरण, प्रकाश संश्लेषण के तंत्र और पादप हार्मोन्स की क्रियाविधि के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ब्रायोफाइट्स को पादप जगत का 'उभयचर' कहा जाता है क्योंकि ये मृदा में उगते हैं किंतु लैंगिक जनन के लिए जल की उपस्थिति अनिवार्य होती है, और इनमें मुख्य पादप शरीर गेमेटोफाइट (युग्मकोद्भिद्) होता है जो बीजाणुद्भिद (स्पोरोफाइट) पर पोषण के लिए आंशिक रूप से निर्भर रहता है।
2. C3 पौधों की तुलना में C4 पौधों में प्रकाश श्वसन (Photorespiration) की दर नगण्य होती है, जिसका मुख्य कारण यह है कि उनमें रुबिको (RuBisCO) एंजाइम बंडल शीथ कोशिकाओं में उच्च सांद्रता में पाया जाता है जहाँ कार्बन डाइऑक्साइड का सांद्रण मैलिक अम्ल के डीकार्बोक्सिलेशन द्वारा बढ़ जाता है।
3. ऑक्सिन (जैसे IAA) त्रेपोट्रॉपिज्म और फोटोट्रॉपिज्म की क्रियाओं को नियंत्रित करता है, जहाँ प्रकाश के विपरीत दिशा में ऑक्सिन का पार्श्व वितरण अधिक हो जाने के कारण त्रेपोट्रॉपिक वक्रता उत्पन्न होती है, जिसे डार्विन और उनके पुत्र द्वारा कैनरी ग्रास के कोलियोप्टाइल पर किए गए प्रयोगों से समझा गया था।
4. जिबरेलिन (Gibberellin) आनुवंशिक रूप से बौने पौधों में internode (पर्वान्तर) के दीर्घीकरण को प्रेरित करके उनकी लंबाई बढ़ाते हैं, और ये बीज अंकुरण के दौरान एल्यूरोन परत पर प्रभाव डालकर अल्फा-एमाइलेज जैसे हाइड्रोलिटिक एंजाइमों के संश्लेषण को उत्प्रेरित करते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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कोशिका का ऊर्जा गृह किसे कहा जाता है?
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