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बोर के परमाणु मॉडल (Bohr's Atomic Model) और क्वांटम यांत्रिकी के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. बोर के मॉडल के अनुसार, इलेक्ट्रॉन नाभिक के चारों ओर केवल उन्हीं निश्चित वृत्ताकार कक्षाओं में चक्कर लगाते हैं जिनमें उनका कोणीय संवेग (Angular Momentum) $\frac{h}{2\pi}$ का पूर्ण गुणज (Integral multiple) होता है।
  2. 2. हाइजेनबर्ग का अनिश्चितता का सिद्धांत (Heisenberg's Uncertainty Principle) यह बताता है कि किसी गतिमान सूक्ष्म कण की स्थिति और संवेग दोनों का एक साथ पूर्ण सटीकता से निर्धारण करना असंभव है, और यह सिद्धांत बोर के निश्चित कक्षाओं वाले मॉडल के विपरीत है।
  3. 3. जब कोई इलेक्ट्रॉन किसी उच्च ऊर्जा स्तर ($E_2$) से निम्न ऊर्जा स्तर ($E_1$) में संक्रमण करता है, तो ऊर्जा का उत्सर्जन फोटोन के रूप में होता है, जिसकी आवृत्ति $\Delta E = E_2 - E_1 = h\nu$ समीकरण द्वारा दी जाती है।
  4. 4. क्वांटम संख्या 'दिग्ंशी क्वांटम संख्या' (Azimuthal Quantum Number) उपकोशों (Subshells) के आकार और इलेक्ट्रॉन मेघ के स्थानिक विन्यास को निर्धारित करती है, तथा इसके किसी दिए गए मुख्य क्वांटम संख्या $n$ के लिए कुल मान $0$ से $n$ तक होते हैं।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है क्योंकि बोर के परमाणु मॉडल के अनुसार इलेक्ट्रॉन केवल उन्हीं कक्षाओं में घूम सकते हैं जिनमें कोणीय संवेग $L = \frac{nh}{2\pi}$ होता है। कथन 2 सही है क्योंकि हाइजेनबर्ग का अनिश्चितता सिद्धांत (Δx · Δp ≥ h/4π) बोर के निश्चित वृत्ताकार कक्षाओं के विचार को खारिज करता है। कथन 3 सही है, ऊर्जा परिवर्तन आवृत्ति के समानुपाती होता है। कथन 4 गलत है क्योंकि किसी मुख्य क्वांटम संख्या $n$ के लिए द्विग्ंशी क्वांटम संख्या ($l$) के मान $0$ से $(n-1)$ तक होते हैं, न कि $n$ तक। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देखें।
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