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अनुलेखन (Transcription) और आनुवंशिक कूट (Genetic Code) की कार्यप्रणाली के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. यूकैरियोट्स में अनुलेखन के दौरान बनने वाले प्राथमिक अनुलेख (Primary Transcript) में केवल एक्जॉन (Exons) होते हैं और इंट्रॉन (Introns) को स्प्लिसिंग प्रक्रिया द्वारा हटा दिया जाता है, जिसके बाद इसे 'कैपिंग' और 'टेलिंग' से गुजरना पड़ता है।
- 2. आनुवंशिक कूट त्रिक (Triplet) प्रकृति का होता है, जिसमें कुल 64 प्रकूट (Codons) होते हैं, जिनमें से तीन प्रकूट (UAA, UAG, UGA) किसी भी अमीनो अम्ल के लिए संकेत नहीं देते हैं और इन्हें 'समापन प्रकूट' (Termination Codons) कहा जाता है。
- 3. एमिनोएसिल-tRNA सिंथेटेस (Aminoacyl-tRNA synthetase) एंजाइम विशिष्ट अमीनो अम्ल को उसके संगत tRNA से जोड़ने (चार्जिंग) के लिए उत्तरदायी होता है, जो प्रोटीन संश्लेषण के अनुवाद (Translation) चरण को संभव बनाता है।
- 4. ऑपेरॉन मॉडल (Operon Model) के अनुसार, लैक्टोज ऑपेरॉन (Lac Operon) एक 'दमनकारी' (Inducible) प्रणाली है, जिसमें लैक्टोज स्वयं 'प्रेरक' (Inducer) के रूप में कार्य करता है जो दमनकारी प्रोटीन को निष्क्रिय कर ऑपेरॉन को चालू करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 असत्य है क्योंकि यूकैरियोट्स में अनुलेखन के दौरान बनने वाले प्राथमिक अनुलेख (hnRNA) में एक्जॉन (कोडिंग अनुक्रम) और इंट्रॉन (गैर-कोडिंग अनुक्रम) दोनों होते हैं। स्प्लिसिंग (Splicing) प्रक्रिया के दौरान इंट्रॉन को हटाया जाता है और केवल एक्जॉन को आपस में जोड़ा जाता है। कथन 2 सत्य है; आनुवंशिक कूट त्रिक होता है और 64 प्रकूटों में से UAA, UAG तथा UGA तीन स्टॉप या समापन प्रकूट हैं। कथन 3 सत्य है, क्योंकि एमिनोएसिल-tRNA सिंथेटेस एंजाइम tRNA को विशिष्ट अमीनो अम्ल से चार्ज करने का कार्य करता है। कथन 4 भी सत्य है; लैक ऑपेरॉन एक दमनकारी प्रणाली है जहाँ लैक्टोज 'प्रेरक' (Inducer) की तरह कार्य करता है। अतः विकल्प (b) सही है।
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Related Questions
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कार्बनिक रसायन और हाइड्रोकार्बन के रासायनिक गुणों तथा ईंधनों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. एल्केन्स (Paraffins) मुख्य रूप से संतृप्त हाइड्रोकार्बन होते हैं जो सामान्यतः प्रतिस्थापन अभिक्रियाएं (Substitution reactions) दर्शाते हैं, जबकि एल्कीन और एल्काइन असंतृप्त हाइड्रोकार्बन हैं जो मुख्य रूप से योगात्मक अभिक्रियाएं (Addition reactions) देते हैं।
2. पेट्रोलियम के प्रभाजी आसवन (Fractional Distillation) के दौरान विभिन्न अंशों के क्वथनांकों के अंतर का उपयोग किया जाता है, जिसमें सबसे कम क्वथनांक वाले हल्के अंश (जैसे पेट्रोल और डीजल) टॉवर के सबसे निचले हिस्से में संघनित होते हैं।
3. गैसोलीन की गुणवत्ता का निर्धारण 'ऑक्टेन संख्या' (Octane Number) द्वारा किया जाता है, जहाँ आइसो-ऑक्टेन (जिसकी ऑक्टेन संख्या 100 मानी जाती है) के मुकाबले n-हेप्टेन (जिसकी ऑक्टेन संख्या 0 होती है) नॉकिंग या अपस्फोटन (Knocking) का सबसे अधिक प्रतिरोध करता है।
4. 'मार्कोवनीकॉव का नियम' (Markovnikov's Rule) असंतृप्त हाइड्रोकार्बन में असममित योगात्मक अभिक्रियाओं के दौरान ऋناत्मक भाग के जुड़ने की दिशा को निर्धारित करता है, जिसके अनुसार अभिकर्मक का ऋणात्मक भाग उस कार्बन परमाणु से जुड़ता है जिसके पास हाइड्रोजन परमाणुओं की संख्या न्यूनतम होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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मानव शरीर में होने वाले विभिन्न रोगों और उनके संचरण के तरीकों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'ट्रेपोनेमा पैलिडम' (Treponema pallidum) नामक जीवाणु के कारण होने वाला रोग सिफिलिस (Syphilis) एक यौन संचारित संक्रमण है, जो प्राथमिक चरण में दर्द रहित व्रण (Chancre) उत्पन्न करता है।
2. जापानी एन्सेफलाइटिस (Japanese Encephalitis) एक विषाणु जनित रोग है, जिसका मुख्य संवाहक 'क्युलेक्स' (Culex) प्रजाति का मच्छर है, और यह संक्रमण मुख्य रूप से केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करता है।
3. क्षय रोग (Tuberculosis) के उपचार के लिए अपनाई जाने वाली 'डॉट्स' (DOTS) प्रणाली में रिफैम्पिसिन और आइसोनियाजिड जैसी औषधियाँ शामिल हैं, जो माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस की कोशिका भित्ति के संश्लेषण को बाधित करती हैं।
4. एलिसा (ELISA) परीक्षण का उपयोग मुख्य रूप से एड्स (AIDS) के संपुष्टि परीक्षण (Confirmatory test) के रूप में किया जाता है, जो शरीर में एचआईवी (HIV) के विरुद्ध बने विशिष्ट एंटीबॉडी या एंटीजन की पहचान करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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विद्युत धारा, प्रतिरोध और परिपथ के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी चालक का विद्युत प्रतिरोध (Electrical Resistance) उसकी लंबाई के अनुक्रमानुपाती और उसके अनुप्रस्थ काट के क्षेत्रफल के व्युत्क्रमानुपाती होता है, तथा तापमान में वृद्धि होने पर धात्विक चालकों का प्रतिरोध घट जाता है।
2. किर्चॉफ का प्रथम नियम (धारा नियम या KCL) आवेश संरक्षण के नियम पर आधारित है, जिसके अनुसार किसी संधि पर मिलने वाली सभी धाराओं का बीजगणितीय योग शून्य होता है।
3. श्रेणीक्रम (Series) में जुड़े प्रतिरोधों का समतुल्य प्रतिरोध परिपथ में जुड़े व्यक्तिगत प्रतिरोधों के योग से अधिक होता है, और इस प्रकार के संयोजन में प्रत्येक प्रतिरोध से प्रवाहित होने वाली विद्युत धारा का मान भिन्न-भिन्न होता है।
4. किसी विद्युत परिपथ में शक्ति क्षaya (Power dissipation) का मान धारा के वर्ग और प्रतिरोध के गुणनफल के समानुपाती होता है, जिसका उपयोग ट्रांसफार्मर और हीटिंग उपकरणों के सिद्धांत को समझने में किया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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पदार्थ की अवस्थाओं, उनके अंतरआणविक बलों तथा परमाणु संरचना के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी गैस को अत्यंत उच्च दाब और अत्यंत निम्न तापमान पर द्रवीकृत किया जा सकता है, और क्रांतिक तापमान (Critical Temperature) वह उच्चतम तापमान होता है जिसके ऊपर गैस को केवल दाब बढ़ाकर भी द्रवीकृत नहीं किया जा सकता है।
2. परमाणु के क्वांटम यांत्रिक मॉडल में हाइजेनबर्ग के अनिश्चितता सिद्धांत का पालन करते हुए इलेक्ट्रॉन के पाए जाने की प्रायिकता के क्षेत्र को 'ऑर्बिटल' कहा जाता है, जिसकी ऊर्जा मुख्य रूप से मुख्य क्वांटम संख्या और दिगंशी क्वांटम संख्या पर निर्भर करती है।
3. बहु-इलेक्ट्रॉन परमाणुओं में कक्षकों के भरने का क्रम आफबाऊ नियम के अनुसार होता है, जिसमें किसी भी कक्षक के लिए ($n + l$) का मान कम होने पर उसकी ऊर्जा अधिक होती है और वह पहले भरता है।
4. पावली के अपवर्जन नियम के अनुसार, किसी परमाणु में किन्हीं दो इलेक्ट्रॉनों के लिए चारों क्वांटम संख्याओं के मान सर्वसम नहीं हो सकते, और एक कक्षक में विपरीत चक्रण वाले अधिकतम दो ही इलेक्ट्रॉन आ सकते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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पादप जगत के वर्गीकरण, प्रकाश संश्लेषण के तंत्र और पादप हार्मोन्स की क्रियाविधि के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ब्रायोफाइट्स को पादप जगत का 'उभयचर' कहा जाता है क्योंकि ये मृदा में उगते हैं किंतु लैंगिक जनन के लिए जल की उपस्थिति अनिवार्य होती है, और इनमें मुख्य पादप शरीर गेमेटोफाइट (युग्मकोद्भिद्) होता है जो बीजाणुद्भिद (स्पोरोफाइट) पर पोषण के लिए आंशिक रूप से निर्भर रहता है।
2. C3 पौधों की तुलना में C4 पौधों में प्रकाश श्वसन (Photorespiration) की दर नगण्य होती है, जिसका मुख्य कारण यह है कि उनमें रुबिको (RuBisCO) एंजाइम बंडल शीथ कोशिकाओं में उच्च सांद्रता में पाया जाता है जहाँ कार्बन डाइऑक्साइड का सांद्रण मैलिक अम्ल के डीकार्बोक्सिलेशन द्वारा बढ़ जाता है।
3. ऑक्सिन (जैसे IAA) त्रेपोट्रॉपिज्म और फोटोट्रॉपिज्म की क्रियाओं को नियंत्रित करता है, जहाँ प्रकाश के विपरीत दिशा में ऑक्सिन का पार्श्व वितरण अधिक हो जाने के कारण त्रेपोट्रॉपिक वक्रता उत्पन्न होती है, जिसे डार्विन और उनके पुत्र द्वारा कैनरी ग्रास के कोलियोप्टाइल पर किए गए प्रयोगों से समझा गया था।
4. जिबरेलिन (Gibberellin) आनुवंशिक रूप से बौने पौधों में internode (पर्वान्तर) के दीर्घीकरण को प्रेरित करके उनकी लंबाई बढ़ाते हैं, और ये बीज अंकुरण के दौरान एल्यूरोन परत पर प्रभाव डालकर अल्फा-एमाइलेज जैसे हाइड्रोलिटिक एंजाइमों के संश्लेषण को उत्प्रेरित करते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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कोशिका का ऊर्जा गृह किसे कहा जाता है?
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