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मानव शरीर में होने वाले विभिन्न संक्रामक और गैर-संक्रामक रोगों तथा उनके उपचार या बचाव के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. 'डिप्थीरिया' (Diphtheria) एक जीवाणु जनित संक्रामक रोग है जो कॉर्नीबैक्टीरियम डिप्थीरियाई के कारण होता है, और इसके प्रभाव से गले में एक कड़क भूरे रंग की झिल्ली बन जाती है जो श्वसन मार्ग को अवरुद्ध कर सकती है, तथा इसके उपचार एवं बचाव के लिए डीटीपी (DTP) टीका लगाया जाता है।
- 2. 'मर्बग वायरस रोग' (Marburg virus disease) एक दुर्लभ लेकिन गंभीर रक्तस्रावी बुखार है जो फिलोविराईडी परिवार का विषाणु है, और प्राकृतिक रूप से इसका मुख्य संवाहक या प्राकृतिक जलाशय 'फ्रूट बैट' (चमगादड़) माना जाता है।
- 3. 'फिनाइलकेटोन्यूरिया' (Phenylketonuria) एक उपार्जित मेटाबोलिक विकार है जो यकृत एंजाइमों के अत्यधिक सक्रिय होने के कारण होता है, जिससे शरीर में फिनाइलएलनिन का स्तर तेजी से गिर जाता है और बच्चों में गंभीर मानसिक मंदता उत्पन्न होती है।
- 4. 'एड्स' (AIDS) के संपुष्टि परीक्षण के लिए 'वेस्टर्न ब्लॉट' (Western Blot) विधि का उपयोग किया जाता है, जो विशिष्ट वायरल प्रोटीन की पहचान करता है, जबकि 'एलिसा' (ELISA) परीक्षण केवल प्रारंभिक स्क्रीनिंग के लिए किया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि डिप्थीरिया कॉर्नीबैक्टीरियम डिप्थीरियाई नामक जीवाणु से होता है और इसके बचाव के लिए डीटीपी का टीका दिया जाता है। कथन 2 सही है; मर्बग वायरस फिलोविराईडी परिवार से संबंधित है और मिस्र के फ्रूट बैट इसके प्राकृतिक जलाशय हैं। विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार यह इबोला वायरस परिवार का ही एक खतरनाक सदस्य है। कथन 3 गलत है क्योंकि फिनाइलकेटोन्यूरिया एक आनुवंशिक (ऑटोसोमल रिसेसिव) विकार है, उपार्जित नहीं, जिसमें फिनाइलएलनिन हाइड्रॉक्सीलेज एंजाइम की कमी के कारण फिनाइलएलनिन का संचय होता है। कथन 4 सही है क्योंकि एलिसा (ELISA) प्राथमिक जाँच और वेस्टर्न ब्लॉट संपुष्टि (Confirmatory test) के लिए प्रयुक्त होता है।
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कृत्रिम उपग्रहों की गति और गुरुत्वाकर्षण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी दीर्घवृत्ताकार कक्षा में पृथ्वी की परिक्रमा कर रहे उपग्रह की कुल यांत्रिक ऊर्जा (गतिज ऊर्जा और स्थितिज ऊर्जा का योग) ऋणात्मक होती है, जो यह दर्शाती है कि उपग्रह पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र से बंधा हुआ है।
2. भू-स्थिर उपग्रह (Geostationary Satellite) की परिक्रमण अवधि ठीक 24 घंटे होती है और यह पृथ्वी की विषुवत रेखा के तल में पश्चिम से पूर्व की ओर चक्कर लगाता है, तथा इसकी सतह से कक्षीय ऊँचाई लगभग 36,000 किलोमीटर होती है।
3. जब कोई उपग्रह अपनी कक्षा की ऊँचाई में वृद्धि करता है, तो उसकी कक्षीय चाल (Orbital Speed) और कुल ऊर्जा दोनों में वृद्धि होती है।
4. यदि किसी उपग्रह की कक्षीय चाल को उसके वर्तमान मान से $\sqrt{2}$ गुना (या लगभग 41.4%) बढ़ा दिया जाए, तो वह उपग्रह अपनी वृत्ताकार कक्षा को छोड़कर पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र से बाहर निकल जाएगा और सौरमंडल में पलायन कर जाएगा।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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मानव शरीर के अंतःस्रावी तंत्र और उनसे स्रावित होने वाले हार्मोनों के संबंध में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हाइपोथैलेमस से स्रावित होने वाले 'सोमाटोसटिन' (Somatostatin) हार्मोन का मुख्य कार्य अगरपीयूष ग्रंथि (Anterior Pituitary) से वृद्धि हार्मोन (Growth Hormone) के स्राव को प्रेरित करना है।
2. एड्रिनल ग्रंथि का मेडुला भाग 'कैटेकोलामाइन' (Catecholamines) समूह के हार्मोन जैसे एड्रिनेलीन और नोरएड्रिनेलीन का स्राव करता है, जिन्हें आपातकालीन हार्मोन या 'फाइट-या-फ्लाई' हार्मोन भी कहा जाता है।
3. थायराइड ग्रंथि द्वारा स्रावित कैल्सीटोनिन (Calcitonin) हार्मोन रक्त में कैल्शियम के स्तर को कम करने का कार्य करता है, जबकि पैराथायराइड हार्मोन (PTH) रक्त में कैल्शियम के स्तर को बढ़ाता है।
4. पैन्क्रियास (अग्न्याशय) की लैंगरहैंस की द्वीपिकाओं की अल्फा कोशिकाएँ इंसुलिन हार्मोन का स्राव करती हैं जो रक्त शर्करा के स्तर को कम करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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मानव रक्त परिसंचरण तंत्र और रक्त समूहों (Blood Groups) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. रक्त समूह 'O' वाले व्यक्तियों के प्लाज्मा में एंटी-A और एंटी-B दोनों प्रकार के एंटीबॉडी प्राकृतिक रूप से उपस्थित होते हैं, जिसके कारण इस रक्त समूह को 'सार्वभौमिक ग्राही' (Universal Recipient) कहा जाता है।
2. एरिथ्रोब्लास्टोसिस फिटेलिस (Erythroblastosis fetalis) एक ऐसी स्थिति है जो तब उत्पन्न हो सकती है जब आरएच-ऋणात्मक (Rh-negative) पिता और आरएच-धनात्मक (Rh-positive) माता का गर्भधारण होता है, जिससे पहले बच्चे की जन्म के समय मृत्यु हो सकती है।
3. एबीओ (ABO) रक्त समूह प्रणाली की वंशागति सह-प्रभाविता (Co-dominance) और बहुयुग्मविकल्पी (Multiple Allelism) का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, जहाँ एलील $I^A$ और $I^B$ दोनों एक साथ उपस्थित होने पर अपने स्वतंत्र लक्षणों को समान रूप से प्रदर्शित करते हैं।
4. रक्त का थक्का जमने की प्रक्रिया के दौरान, प्रोथ्रोम्बिन को थ्रोम्बिन में बदलने के लिए थ्रोम्बोप्लास्टिन और कैल्शियन आयन ($Ca^{2+}$) की उपस्थिति अनिवार्य होती है, और यह उत्प्रेरित क्रिया मुख्य रूप से यकृत द्वारा स्रावित फाइब्रिनोजेन प्रोटीन पर निर्भर करती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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मानव शरीर में होने वाले विभिन्न रोगों, उनके संचरण के माध्यमों और रोगजनकों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'ट्रेकोमा' (Trachoma) एक नेत्र संक्रमण है जो क्लैमाइडिया ट्रैकोमैटिस नामक जीवाणु के कारण होता है, और यह कंजंक्टिवा तथा कॉर्निया को प्रभावित करके बार-बार संक्रमण के फलस्वरूप पलकों के अंदर की ओर मुड़ने (ट्राइकियासिस) और अंधेपन का कारण बन सकता है।
2. 'एन्सेफलाइटिस' या जापानी जापानी बुखार एक विषाणु जनित रोग है जो मुख्य रूप से क्यूलेक्स मच्छरों के काटने से फैलता है और इसके विषाणु मानव केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को गंभीर रूप से प्रभावित करते हैं।
3. 'प्रिओन रोग' (Prion diseases) संक्रामक एजेंटों द्वारा होते हैं जिनमें न्यूक्लिक एसिड (DNA या RNA) प्रचुर मात्रा में पाया जाता है, और यह मुख्य रूप से तंत्रिका ऊतकों को नष्ट कर स्पॉन्जी जैसी संरचना बनाते हैं।
4. 'सिफलिस' (Syphilis) एक जीवाणु जनित यौन संचारित संक्रमण है जो ट्रेपोनेमा पैलिडम नामक स्पिरोकीट जीवाणु के कारण होता है, और इसके प्राथमिक चरण में जननांगों पर 'चाँकर' (Chancre) नामक दर्द रहित घाव उत्पन्न होता है।
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पादप जगत के वर्गीकरण, प्रकाश संश्लेषण के तंत्र और पादप हार्मोन्स की क्रियाविधि के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ब्रायोफाइट्स को पादप जगत का 'उभयचर' कहा जाता है क्योंकि ये मृदा में उगते हैं किंतु लैंगिक जनन के लिए जल की उपस्थिति अनिवार्य होती है, और इनमें मुख्य पादप शरीर गेमेटोफाइट (युग्मकोद्भिद्) होता है जो बीजाणुद्भिद (स्पोरोफाइट) पर पोषण के लिए आंशिक रूप से निर्भर रहता है।
2. C3 पौधों की तुलना में C4 पौधों में प्रकाश श्वसन (Photorespiration) की दर नगण्य होती है, जिसका मुख्य कारण यह है कि उनमें रुबिको (RuBisCO) एंजाइम बंडल शीथ कोशिकाओं में उच्च सांद्रता में पाया जाता है जहाँ कार्बन डाइऑक्साइड का सांद्रण मैलिक अम्ल के डीकार्बोक्सिलेशन द्वारा बढ़ जाता है।
3. ऑक्सिन (जैसे IAA) त्रेपोट्रॉपिज्म और फोटोट्रॉपिज्म की क्रियाओं को नियंत्रित करता है, जहाँ प्रकाश के विपरीत दिशा में ऑक्सिन का पार्श्व वितरण अधिक हो जाने के कारण त्रेपोट्रॉपिक वक्रता उत्पन्न होती है, जिसे डार्विन और उनके पुत्र द्वारा कैनरी ग्रास के कोलियोप्टाइल पर किए गए प्रयोगों से समझा गया था।
4. जिबरेलिन (Gibberellin) आनुवंशिक रूप से बौने पौधों में internode (पर्वान्तर) के दीर्घीकरण को प्रेरित करके उनकी लंबाई बढ़ाते हैं, और ये बीज अंकुरण के दौरान एल्यूरोन परत पर प्रभाव डालकर अल्फा-एमाइलेज जैसे हाइड्रोलिटिक एंजाइमों के संश्लेषण को उत्प्रेरित करते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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कोशिका का ऊर्जा गृह किसे कहा जाता है?
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