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मानव शरीर को प्रभावित करने वाले विभिन्न जनित रोगों, उनके संचरण और प्रतिरक्षा विज्ञान (Immunology) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. 'डिप्थीरिया' (Diphtheria) एक गंभीर जीवाणु जनित संक्रमण है जो 'कोर्неबेक्टीरियम डिप्थीरिया' (Corynebacterium diphtheriae) के कारण होता है, और इसके द्वारा स्रावित एक्सोटॉक्सिन श्वास नली में एक लाक्षणिक धूसर रंग की झिल्ली (Pseudomembrane) बनाता है जिससे श्वसन अवरुद्ध हो सकता है।
  2. 2. 'परटूसिंस' (Pertussis) जिसे 'काली खांसी' भी कहा जाता है, 'बोर्डेटेला परटूसिंस' जीवाणु के संक्रमण से फैलती है, और इसके विरुद्ध दी जाने वाली 'डीपीटी' (DPT) वैक्सीन में प्रयुक्त टिटनेस घटक एक जीवित क्षीणित (Attenuated) जीवाणु होता है।
  3. 3. 'कुष्ठ रोग' (Leprosy) या 'हैनसेन रोग' एक संक्रामक बीमारी है जो 'माइकोबैक्टीरियम लेप्रे' के कारण होती है, और यह मुख्य रूप से त्वचा तथा परिधीय तंत्रिका तंत्र (Peripheral Nervous System) को प्रभावित करती है।
  4. 4. 'वैरीसेला जोस्टर' विषाणु के प्राथमिक संक्रमण से बच्चों में 'चिकनपॉक्स' (छोटी माता) होता है, और यही विषाणु वर्षों बाद तंत्रिका तंत्र में निष्क्रिय रहने के बाद पुनर्सक्रिय होकर वयस्कों में 'दाद' (Shingles) नामक दर्दनाक स्थिति उत्पन्न कर सकता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है क्योंकि डिप्थीरिया 'कोर्नेबेक्टीरियम डिप्थीरिया' के कारण होता है और इसके टॉक्सिन से श्वसन मार्ग में स्यूडोमेम्ब्रेन बनती है। कथन 2 गलत है क्योंकि डीपीटी वैक्सीन में टिटनेस घटक एक निष्क्रिय विष (Toxoid) होता है, न कि जीवित क्षीणित जीवाणु। कथन 3 सही है क्योंकि कुष्ठ रोग 'माइकोबैक्टीरियम लेप्रे' द्वारा होता है जो त्वचा और परिधीय तंत्रिकाओं को प्रभावित करता है। कथन 4 सही है क्योंकि 'वैरीसेला जोस्टर' वायरस प्राथमिक संक्रमण में चिकनपॉक्स और बाद में पुनः सक्रिय होने पर दाद (Shingles) का कारण बनता है। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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