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मानव शरीर के तंत्रों (पाचन, श्वसन, परिसंचरण और तंत्रिका तंत्र) के कार्य और नियंत्रण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. आमाशय की भित्ति में पाई जाने वाली ऑक्सिंटिक (पेरिएटल) कोशिकाएँ हाइड्रोक्लोरिक अम्ल के साथ-साथ 'कैसल का आंतरिक कारक' (Castle's intrinsic factor) स्रावित करती हैं, जो आंत में विटामिन B12 के अवशोषण के लिए अनिवार्य है।
  2. 2. विश्राम की स्थिति में सामान्य मनुष्य की पल्मोनरी वेंटिलेशन दर प्रति मिनट लगभग 6 से 8 लीटर होती है, और उच्च कार्बन डाइऑक्साइड तथा हाइड्रोजन आयन सांद्रता श्वसन केंद्र (मेडुला ऑब्लोंगाटा) को उत्तेजित करती है।
  3. 3. हृदय चक्र के दौरान, एट्रियोवेंट्रिकुलर (AV) वॉल्व (ट्रिकस्पिड और बिकस्पिड वॉल्व) का बंद होना 'डब' (Dubb) नामक दूसरी हृदय ध्वनि उत्पन्न करता है, जबकि सेमिलाइज़र वॉल्व का बंद होना 'लब' (Lub) ध्वनि उत्पन्न करता है।
  4. 4. केंद्रीय तंत्रिका तंत्र में माइलिन म्यान (Myelin sheath) का निर्माण परिधीय तंत्रिका तंत्र में श्वान कोशिकाओं (Schwann cells) द्वारा तथा केंद्रीय तंत्रिका तंत्र में ओलिगोडेंड्रोसाइट्स (Oligodendrocytes) द्वारा होता है, जिससे तंत्रिका आवेगों के संचरण की गति बढ़ जाती है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है क्योंकि आमाशय की ऑक्सिंटिक कोशिकाएँ HCl और कैसल के आंतरिक कारक का स्रावण करती हैं, जो विटामिन B12 के अवशोषण में मदद करता है। कथन 2 सही है क्योंकि विश्राम अवस्था में वेंटिलेशन दर लगभग 6-8 लीटर/मिनट होती है और मेडुला में स्थित श्वसन केंद्र $CO_2$ व $H^+$ आयनों के प्रति अत्यधिक संवेदनशील होता है। कथन 3 गलत है क्योंकि 'लब' (Lub) ध्वनि एट्रियोवेंट्रिकुलर वॉल्व के बंद होने से तथा 'डब' (Dubb) ध्वनि सेमिलाइज़र वॉल्व के बंद होने से उत्पन्न होती है। कथन 4 सही है, इसके लिए विस्तृत जानकारी हेतु विकिपीडिया संदर्भ देखा जा सकता है जहाँ माइलिन म्यान और न्यूरॉन की संरचना समझाई गई है।
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