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सुकेन्द्रकी (Eukaryotic) कोशिकाओं के विभिन्न कोशिकांगों और उनके विशिष्ट कार्यों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. अंतःप्रद्रव्यी जालिका (Endoplasmic Reticulum) का खुरदरा भाग (RER) प्रोटीन संश्लेषण और उनके परिसंचरण में सक्रिय रूप से भाग लेता है, जबकि चिकनी अंतःप्रद्रव्यी जालिका (SER) लिपिड, स्टेरॉयड हॉर्मोन्स और जंतुओं में विषैले पदार्थों के निराविषीकरण (Detoxification) के लिए मुख्य स्थल है।
  2. 2. गॉल्जीकाय (Golgi apparatus) का निर्माण कई चपटी थैलियों या सिस्टर्नी से होता है, जिसमें 'cis' (निर्माण) चेहरा हमेशा केंद्रक की ओर और 'trans' (परिपक्व) चेहरा हमेशा कोशिका झिल्ली की ओर होता है, और यह ग्लाइकोसाइलेशन (Glycosylation) जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं का केंद्र है।
  3. 3. लिससोसोम (Lysosome) में अम्लीय परिस्थितियों ($pH \approx 4.5 - 5.0$) में सक्रिय रहने वाले हाइड्रोलाइटिक एंजाइम (जैसे लाइपेज, प्रोटीएज और कार्बोहाइड्रेज) पाए जाते हैं, जिनका संश्लेषण मुक्त पॉलीराइबोसोम द्वारा होता है और जिन्हें गॉल्जीकाय द्वारा संपुटित (Packaged) किया जाता है।
  4. 4. सूत्रकणिका (Mitochondria) की आंतरिक झिल्ली पर 'ऑक्सीसोम' (F0-F1 कण) पाए जाते हैं, जहाँ इलेक्ट्रॉन परिवहन श्रृंखला (ETC) के माध्यम से एटीपी (ATP) का संश्लेषण होता है, तथा इस झिल्ली पर कार्डियोलिपिन (Cardiolipin) नामक विशिष्ट फॉस्फोलिपिड की उच्च सांद्रता इसे अत्यधिक पारगम्य (Permeable) बनाती है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है क्योंकि खुरदरी अंतःप्रद्रव्यी जालिका (RER) पर राइबोसोम उपस्थित होने के कारण यह प्रोटीन संश्लेषण करती है, जबकि चिकनी अंतःप्रद्रव्यी जालिका (SER) लिपिड, स्टेरॉयड और दवाओं/विषैले पदार्थों के डिटॉक्सिफिकेशन में मदद करती है। कथन 2 सही है क्योंकि गॉल्जीकाय का 'cis' सिरा निर्माणकारी (formation) होता है जो केंद्रक की तरफ होता है और 'trans' सिरा परिपक्व (maturing) होता है जो प्लाज्मा झिल्ली की तरफ होता है, जहाँ ग्लाइकोप्रोटीन और ग्लाइकोलिपिड का निर्माण होता है। कथन 3 सही है क्योंकि लिससोसोम में अम्लीय माध्यम में कार्य करने वाले हाइड्रोलाइटिक एंजाइम होते हैं जो ऑटोफैगी और अंतःकोशिकीय पाचन में भाग लेते हैं। कथन 4 गलत है क्योंकि सूत्रकणिका की **आंतरिक झिल्ली** पर कार्डियोलिपिन की उपस्थिति के कारण वह आयनों और ध्रुवीय अणुओं के लिए **अत्यधिक अपारगम्य (Impermeable)** होती है, न कि पारगम्य, जिससे प्रोटॉन प्रवणता (Proton gradient) बनाए रखने में मदद मिलती है। कोशिका विज्ञान के विस्तृत अध्ययन के लिए विकिपीडिया संदर्भ देखें।
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