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विलयन के अणुसंख्यक गुणधर्मों और उत्प्रेरण की क्रियाविधि के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. किसी विलायक में अवाष्पशील विलेय मिलाने पर उसके वाष्प दाब में होने वाला आपेक्षिक अवनमन विलेय के मोल अंश के बराबर होता है, और यह राउल्ट के नियम का सीधे तौर पर पालन करता है।
  2. 2. क्वथनांक में उन्नयन और हिमांक में अवनमन दोनों ही अणुसंख्यक गुणधर्म हैं जो विलयन में उपस्थित कणों की कुल संख्या (मोललता) पर निर्भर करते हैं, न कि विलेय की प्रकृति पर।
  3. 3. समांगी उत्प्रेरण में उत्प्रेरकों और अभिकारकों की भौतिक अवस्था (Phase) भिन्न होती है, जबकि विषमांगी उत्प्रेरण में उत्प्रेरकों और अभिकारकों की भौतिक अवस्थाएँ समान होती हैं।
  4. 4. एन्जाइम उत्प्रेरण अत्यधिक विशिष्ट होते हैं, जो विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार सक्रियण ऊर्जा को कम करके रासायनिक अभिक्रिया की दर को कई गुना बढ़ा देते हैं।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है क्योंकि राउल्ट के नियम के अनुसार, किसी विलायक में अवाष्पशील विलेय मिलाने पर वाष्प दाब का आपेक्षिक अवनमन विलयन में उपस्थित विलेय के मोल अंश के बराबर होता है। कथन 2 सही है क्योंकि क्वथनांक में उन्नयन ($ΔT_b$) और हिमांक में अवनमन ($ΔT_f$) दोनों अणुसंख्यक गुणधर्म हैं जो विलयन के कणों की संख्या यानी मोललता पर निर्भर करते हैं, विलेय की प्रकृति पर नहीं। कथन 3 गलत है क्योंकि समांगी उत्प्रेरण में अभिकारक और उत्प्रेरक दोनों समान भौतिक अवस्था (जैसे सभी गैस या सभी द्रव) में होते हैं, जबकि विषमांगी उत्प्रेरण में इनकी भौतिक अवस्थाएँ भिन्न होती हैं। कथन 4 सही है क्योंकि एन्जाइम अत्यंत विशिष्ट उत्प्रेरक हैं जो सक्रियण ऊर्जा को कम करते हैं। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देखें।
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