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मानव शरीर के विभिन्न तन्त्रों (पाचन, श्वसन, परिसंचरण और तंत्रिका तंत्र) की कार्यप्रणाली के संबंध में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. आमाशय की भित्ति में पाई जाने वाली ऑक्सिंटिक (पेरिएटल) कोशिकाएँ हाइड्रोक्लोरिक अम्ल के साथ-साथ 'कैसल का आंतरिक कारक' (Castle's intrinsic factor) स्रावित करती हैं, जो क्षुद्रांत (Ileum) में विटामिन B12 के अवशोषण के लिए अनिवार्य है।
- 2. मानव श्वसन तंत्र में, कूपिकाओं (Alveoli) की सतह पर टाइप-II कोशिकाओं द्वारा 'सर्फेक्टेंट' नामक फॉस्फोलिपिड स्रावित किया जाता है, जो पृष्ठ तनाव (Surface tension) को कम करके कूपिकाओं को पिचकने (Collapse) से बचाता है।
- 3. हृदय चक्र के दौरान, आलिंद-निलय (AV) वॉल्व (ट्रिकस्पिड और बिकस्पिड वॉल्व) का बंद होना 'डब' (Dubb) ध्वनि उत्पन्न करता है, जबकि सेमिलुनेर वॉल्व का बंद होना 'लब' (Lub) ध्वनि उत्पन्न करता है।
- 4. केंद्रीय तंत्रिका तंत्र में तंत्रिका आवेगों के तीव्र और उछलते हुए (saltatory) संचरण के लिए माइलिन म्यान का निर्माण ओलिगोडेंड्रोसाइट्स (Oligodendrocytes) द्वारा किया जाता है, जबकि परिधीय तंत्रिका तंत्र में यह कार्य श्वान कोशिकाओं (Schwann cells) द्वारा होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1, 2 और 4 सही हैं। आमाशय की ऑक्सिंटिक कोशिकाएँ HCl और कैसल का आंतरिक कारक स्रावित करती हैं, जो क्षुद्रांत के अंतिम भाग (शेषांत्र) में विटामिन B12 के अवशोषण में मदद करता है। कूपिकाओं में सर्फेक्टेंट पृष्ठ तनाव को कम करता है। केंद्रीय तंत्रिका तंत्र में माइलिन म्यान ओलिगोडेंड्रोसाइट्स द्वारा और परिधीय तंत्रिका तंत्र में श्वान कोशिकाओं द्वारा बनाई जाती है। कथन 3 गलत है क्योंकि हृदय चक्र के दौरान AV वॉल्व के बंद होने से पहली ध्वनि 'लब' (Lub) और सेमिलुनेर वॉल्व के बंद होने से दूसरी ध्वनि 'डब' (Dubb) उत्पन्न होती है। विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार मानव शरीर के तंत्र आपसी तालमेल से कार्य करते हैं।
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मानव रक्त परिसंचरण तंत्र और प्लाज्मा प्रोटीन (Plasma Proteins) की कार्यप्रणाली के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मानव रक्त प्लाज्मा में पाए जाने वाले प्रमुख प्रोटीन 'एल्ब्यूमिन' (Albumin), 'ग्लोबुलिन' (Globulin) और 'फाइब्रिनोजेन' (Fibrinogen) हैं, जिनमें से एल्ब्यूमिन यकृत द्वारा संश्लेषित होता है और यह रक्त के ऑनकोटिक दाब (Colloidal osmotic pressure) को बनाए रखने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
2. गामा-ग्लोबुलिन (Gamma globulins) का संश्लेषण मुख्य रूप से यकृत कोशिकाओं द्वारा किया जाता है, जो शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली के लिए विशिष्ट एंटीबॉडी (Immunoglobulins) के रूप में कार्य करते हैं।
3. रुधिर स्कंदन (Blood Clotting) के दौरान फाइब्रिनोजेन एक घुलनशील प्रोटीन है, जिसे थ्रॉम्बिन एंजाइम द्वारा अघुलनशील फाइब्रिन तंतुओं में परिवर्तित किया जाता है, जो विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार घाو को भरने और रक्तस्राव रोकने का मुख्य जाल बनाते हैं।
4. सीरम (Serum) और प्लाज्मा में मुख्य अंतर यह है कि सीरम वह प्लाज्मा है जिसमें से फाइब्रिनोजेन और अन्य स्कंदन कारक निकाले जा चुके होते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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प्रकाशिकी (Optics) के अंतर्गत गोलीय दर्पणों और लेंसों के अपवर्तन व परावर्तन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. जब किसी उत्तल लेंस को ऐसे द्रव में डुबोया जाता है जिसका अपवर्तनांक लेंस के पदार्थ के अपवर्तनांक से अधिक होता है, तो लेंस की फोकस दूरी ऋणात्मक हो जाती है और वह अभिसारी (Converging) व्यवहार के विपरीत अपसारी (Diverging) लेंस की तरह कार्य करने लगता है।
2. गोलीय दर्पण के लिए दर्पण सूत्र $\frac{1}{f} = \frac{1}{v} + \frac{1}{u}$ में, यदि वस्तु को अवतल दर्पण के फोकस और वक्रता केंद्र के बीच रखा जाता है, तो उसका वास्तविक, उल्टा और वस्तु से बड़ा प्रतिबिंब वक्रता केंद्र के परे बनता है।
3. पूर्ण आंतरिक परावर्तन (Total Internal Reflection) की घटना के लिए प्रकाश किरण का सघन माध्यम से विरल माध्यम में जाना अनिवार्य है, तथा आपतन कोण का मान क्रांतिक कोण से कम होना चाहिए।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार, लेंस निर्माता का सूत्र (Lens Maker's Formula) $\frac{1}{f} = (n - 1) \left(\frac{1}{R_1} - \frac{1}{R_2}\right)$ में प्रयुक्त $n$ उस माध्यम के सापेक्ष लेंस के पदार्थ का अपवर्तनांक होता है जिसमें लेंस को डुबोया गया है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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सुकेन्द्रकी (Eukaryotic) कोशिकाओं के भीतर विभिन्न कोशिकांगों (Organelles) की संरचना, उनके उपापचय कार्य तथा कोशिका विभाजन के आणविक घटनाक्रम के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. परऑक्सिसोम (Peroxisome) ऐसे एकल झिल्ली से घिरे कोशिकांग हैं जो पादपों के 'ग्लायऑक्सीसोम' के रूप में वसा अम्लों के बीटा-ऑक्सीकरण के साथ-साथ हाइड्रोजन पेरोक्साइड के विषैले चयापचय को नियंत्रित करने वाले 'कैटालेज' एंजाइम से समृद्ध होते हैं।
2. लाइसोसोम में पाए जाने वाले हाइड्रोलाइटिक एंजाइम केवल क्षारीय माध्यम ($pH > 8.0$) में सक्रिय होते हैं, और इनके फटने पर पूरी कोशिका का पाचन हो जाता है, जिसके कारण इन्हें कोशिका की 'आत्मघाती थैलियाँ' कहा जाता है।
3. अर्धसूत्री विभाजन-I (Meiosis-I) की डिप्लोटीन (Diplotene) अवस्था में समजात गुणसूत्रों के अलग होने की प्रक्रिया शुरू होती है, लेकिन वे 'क्यास्माटा' (Chiasmata) नामक बिंदुओं पर जुड़े रहते हैं, जो कि विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार क्रॉसिंग ओवर के पूर्ण होने का प्रत्यक्ष प्रमाण है।
4. राइबोसोम के बड़े उप-इकाई (Subunit) में स्थित 'पेप्टidyl ट्रांसफ़रेज़' गतिविधि किसी प्रोटीन या एंजाइम द्वारा उत्प्रेरित न होकर आरएनए घटकों (28S rRNA) द्वारा संचालित होती है, जो इसे एक प्राकृतिक 'राइबोज़ाइम' (Ribozyme) बनाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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विद्युत परिपथों, ओम के नियम और प्रतिरोधकों के संयोजन (Combination of Resistors) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी धात्विक चालक के लिए ओम का नियम तभी वैध होता है जब चालक का भौतिक तापमान और अन्य भौतिक अवस्थाएँ स्थिर रहें, और इस नियम के अनुसार विभवांतर ($V$) तथा विद्युत धारा ($I$) का अनुपात नियत रहता है जिसे प्रतिरोध कहते हैं।
2. जब तीन प्रतिरोधकों को समांतर क्रम (Parallel Combination) में जोड़ा जाता है, तो संयोजन का कुल समतुल्य प्रतिरोध ($R_{eq}$) परिपथ के सबसे बड़े व्यक्तिगत प्रतिरोधक के मान से भी अधिक होता है।
3. किर्चऑफ़ का प्रथम नियम (संधि नियम या KCL) आवेश संरक्षण के सिद्धांत पर आधारित है, जिसके अनुसार किसी विद्युत परिपथ की किसी भी संधि पर मिलने वाली सभी धाराओं का बीजगणितीय योग शून्य होता है।
4. किसी विद्युत बल्ब का फिलामेंट टंगस्टन धातु का बना होता है जिसका गलनांक उच्च और प्रतिरोधकता कम होती है, और विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार यह जूल के ताप प्रभाव पर कार्य करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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पादप जगत के वर्गीकरण, प्रकाश संश्लेषण के तंत्र और पादप हार्मोन्स की क्रियाविधि के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ब्रायोफाइट्स को पादप जगत का 'उभयचर' कहा जाता है क्योंकि ये मृदा में उगते हैं किंतु लैंगिक जनन के लिए जल की उपस्थिति अनिवार्य होती है, और इनमें मुख्य पादप शरीर गेमेटोफाइट (युग्मकोद्भिद्) होता है जो बीजाणुद्भिद (स्पोरोफाइट) पर पोषण के लिए आंशिक रूप से निर्भर रहता है।
2. C3 पौधों की तुलना में C4 पौधों में प्रकाश श्वसन (Photorespiration) की दर नगण्य होती है, जिसका मुख्य कारण यह है कि उनमें रुबिको (RuBisCO) एंजाइम बंडल शीथ कोशिकाओं में उच्च सांद्रता में पाया जाता है जहाँ कार्बन डाइऑक्साइड का सांद्रण मैलिक अम्ल के डीकार्बोक्सिलेशन द्वारा बढ़ जाता है।
3. ऑक्सिन (जैसे IAA) त्रेपोट्रॉपिज्म और फोटोट्रॉपिज्म की क्रियाओं को नियंत्रित करता है, जहाँ प्रकाश के विपरीत दिशा में ऑक्सिन का पार्श्व वितरण अधिक हो जाने के कारण त्रेपोट्रॉपिक वक्रता उत्पन्न होती है, जिसे डार्विन और उनके पुत्र द्वारा कैनरी ग्रास के कोलियोप्टाइल पर किए गए प्रयोगों से समझा गया था।
4. जिबरेलिन (Gibberellin) आनुवंशिक रूप से बौने पौधों में internode (पर्वान्तर) के दीर्घीकरण को प्रेरित करके उनकी लंबाई बढ़ाते हैं, और ये बीज अंकुरण के दौरान एल्यूरोन परत पर प्रभाव डालकर अल्फा-एमाइलेज जैसे हाइड्रोलिटिक एंजाइमों के संश्लेषण को उत्प्रेरित करते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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कोशिका का ऊर्जा गृह किसे कहा जाता है?
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