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मानव रक्त परिसंचरण तंत्र, रक्त समूहों और उनकी आनुवंशिक व प्रतिरक्षात्मक विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. ABO रक्त समूहों की वंशागति सह-प्रभाविता (Co-dominance) और बहुविकल्पता (Multiple allelism) का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, जिसमें एलील $I^A$ और $I^B$ एक-दूसरे पर प्रभावी न होकर सह-प्रभावी होते हैं, और इस जीन की स्थिति क्रोमोसोम 9 पर होती है।
  2. 2. 'बॉम्बे रक्त समूह' ($O_h$ फेनोटाइप) से ग्रस्त व्यक्तियों में H-प्रतिजन का पूर्ण अभाव होता है, क्योंकि उनमें FUT1 जीन का उत्परिवर्तन होता है, जिसके कारण वे केवल बॉम्बे रक्त समूह से ही रक्त प्राप्त कर सकते हैं, यद्यपि वे सार्वभौमिक दाता के रूप में किसी भी अन्य ABO समूह (A, B, AB, O) के व्यक्ति को रक्त दान कर सकते हैं।
  3. 3. एरिथ्रोब्लास्टोसिस फिटलिस (Erythroblastosis fetalis) की समस्या तब उत्पन्न होती है जब Rh-ऋणात्मक गर्भवती महिला और Rh-धनात्मक गर्भस्थ शिशु के बीच रुधिर का आदान-प्रदान होता है, और यह स्थिति सामान्यतः प्रथम संतान के समय ही अत्यधिक घातक सिद्ध होती है क्योंकि माँ के शरीर में पहली गर्भावस्था के दौरान ही पर्याप्त मात्रा में Rh-प्रति-एंटिबॉडी (Anti-Rh antibodies) बन जाती हैं।
  4. 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार, सार्वग्राहि (Universal Recipient) रक्त समूह $AB$ की लाल रक्त कोशिकाओं (RBC) की सतह पर A और B दोनों प्रतिजन होते हैं और इसके प्लाज्मा में प्राकृतिक रूप से एंटी-A तथा एंटी-B दोनों एंटीबॉडी अनुपस्थित होते हैं।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है क्योंकि ABO रक्त समूह की वंशागति बहुविकल्पता (Multiple allelism) और सह-प्रभाविता (Co-dominance) को दर्शाती है, जहाँ $I^A$ और $I^B$ एलील सह-प्रभावी होते हैं और यह जीन क्रोमोसोम 9 पर स्थित होता है। कथन 2 सही है क्योंकि बॉम्बे फेनोटाइप वाले व्यक्तियों में H-एंटीजन नहीं होता; वे केवल बॉम्बे समूह से रक्त ले सकते हैं, लेकिन तकनीकी रूप से उनके लाल रक्त कोशिकाओं में कोई A या B एंटीजन न होने के कारण वे अन्य ABO समूहों को लाल रक्त कोशिकाएँ दान करने में सक्षम माने जाते हैं (हालांकि प्लाज्मा विसंगतियों के कारण व्यावहारिक रूप से इन्हें केवल अपने ही समूह से रक्त लेने की सलाह दी जाती है)। कथन 3 गलत है क्योंकि प्रथम संतान के समय 'एरिथ्रोब्लास्टोसिस फिटलिस' का खतरा सामान्यतः नगण्य होता है, क्योंकि माँ के शरीर में Rh-एंटीबॉडी प्रसव के समय या उसके बाद ही विकसित हो पाती हैं, जिससे अगली गर्भधारण प्रभावित होती है। कथन 4 सही है क्योंकि AB रक्त समूह वाले व्यक्तियों के प्लाज्मा में कोई एंटीबॉडी नहीं होती जिससे वे सार्वग्राही बनते हैं। विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार, रक्त समूहों का यह वर्गीकरण आधुनिक प्रतिरक्षा विज्ञान और रक्ताधान (Blood transfusion) का आधार है।
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