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मानव परिसंचरण तंत्र में रक्त कोशिकाओं (RBC, WBC) के जीवनकाल, उनके निर्माण स्थल तथा रक्त स्कंदन (Blood coagulation) की जैव-रासायनिक क्रियाविधि के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. लाल रक्त कोशिकाओं (RBC) का औसत जीवनकाल लगभग 120 दिन होता है, जिसके पश्चात वे प्लीहा (Spleen) में नष्ट हो जाती हैं, जिसे 'RBC का कब्रिस्तान' कहा जाता है, तथा भ्रूणीय अवस्था में इनका निर्माण यकृत और प्लीहा में होता है जबकि वयस्क अवस्था में यह मुख्य रूप से लाल अस्थिमज्जा (Red bone marrow) में बनती हैं।
- 2. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार, रक्त का थक्का जमने की प्रक्रिया (Coagulation cascade) में प्रोथ्रोम्बिन को सक्रिय थ्रॉम्बोप्लास्टिन में बदलने के लिए थ्रॉम्बिन एंजाइम और कैल्शियम आयनों ($Ca^{2+}$) की आवश्यकता होती है, जो अंततः घुलनशील फाइब्रिनोजेन को अघुलनशील फाइब्रिन तंतुओं में परिवर्तित कर देते हैं।
- 3. श्वेत रक्त कोशिकाओं (WBC) में सबसे अधिक संख्या में पाई जाने वाली कणिकामय कोशिकाएँ (Granulocytes) 'न्यूट्रोफिल्स' होती हैं जो phagocytic प्रकृति की होती हैं, जबकि अणुकणिकामय (Agranulocytes) कोशिकाओं में लिम्फोसाइट्स शरीर की प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया (Antibody-mediated and cell-mediated immunity) के लिए उत्तरदायी होती हैं।
- 4. रक्त प्लेटलेट्स (Thrombocytes), जिन्हें मेगाकैरीोसाइट्स (Megakaryocytes) के विखंडन से अस्थिमज्जा में बनाया जाता है, रक्त वाहिकाओं की अंतःकला (Endothelium) द्वारा स्रावित 'प्रोस्टासाइक्लिन' (Prostacyclin) और 'हेपरिन' की उपस्थिति के कारण सामान्य अवस्था में वाहिकाओं के भीतर स्वतः थक्का नहीं बनाती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है: वयस्क मनुष्यों में लाल रक्त कणिकाएँ (RBC) लाल अस्थिमज्जा में उत्पादित होती हैं, इनका जीवनकाल लगभग 120 दिन होता है और प्लीहा (Spleen) इनका मुख्य विघटन स्थल है। कथन 2 गलत है: प्रोथ्रोम्बिन को सक्रिय 'थ्रॉम्बिन' में बदलने के लिए थ्रॉम्बोकाइनेज (या थ्रॉम्बोप्लास्टिन) और कैल्शियम आयनों ($Ca^{2+}$) की आवश्यकता होती है, न कि प्रोथ्रोम्बिन को थ्रॉम्बोप्लास्टिन में बदलने की। कथन 3 सही है: WBC में न्यूट्रोफिल्स कुल WBC का लगभग 60-65% हिस्सा बनाती हैं और भक्षण (Phagocytosis) क्रिया में भाग लेती हैं, जबकि लिम्फोसाइट्स प्रतिरक्षा प्रणाली के संचालन के लिए प्रमुख हैं। कथन 4 सही है: प्लेटलेट्स थ्रॉम्बोसाइट्स होती हैं जो मेगाकैरीोसाइट्स से बनती हैं और स्वस्थ अंतःकला द्वारा स्रावित प्राकृतिक प्रतिस्कंदक एवं प्रोस्टासाइक्लिन के कारण वाहिकाओं के अंदर अवांछित थक्के नहीं बनने देती हैं। विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार रक्त स्कंदन एक जटिल एंजाइम कैस्केड प्रक्रिया है।
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Related Questions
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मानव शरीर के तंत्रों की कार्यप्रणाली के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. आमाशय की भित्ति में मौजूद मुख्य (पेप्टिक या जाइमोजेन) कोशिकाएँ निष्क्रिय 'पेप्सिनोजेन' का स्रावण करती हैं, जो हाइड्रोक्लोरिक अम्ल ($HCl$) के संपर्क में आने पर सक्रिय पेप्सिन में परिवर्तित हो जाता है, जबकि ऑक्जिन्टिक (पाइरीटल) कोशिकाएँ 'कैसल का आंतरिक कारक' स्रावित करती हैं जो क्षुद्रांत में विटामिन $B_{12}$ के अवशोषण के लिए अनिवार्य है।
2. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार, मानव श्वसन तंत्र में कूपिकाओं (Alveoli) की आंतरिक सतह पर टाइप-II कोशिकाओं द्वारा स्रावित 'पल्मोनरी सर्फेक्टेंट' (जो मुख्यतः लेसिथिन जैसे फॉस्फोलिपिड्स का बना होता है) पृष्ठ तनाव को कम करके कूपिकाओं को श्वसन चक्र के दौरान पिचकने (Collapse) से बचाता है।
3. हृदय चक्र (Cardiac Cycle) के दौरान, आलिंद-निलय (AV) वॉल्व (ट्रिकस्पिड और बिकस्पिड वॉल्व) का बंद होना 'लब' (Lub) ध्वनि उत्पन्न करता है, जबकि सेमिलुनेर वॉल्व (अर्धचंद्राकार कपाट) का बंद होना 'डब' (Dub) ध्वनि उत्पन्न करता है।
4. केंद्रीय तंत्रिका तंत्र में माइलिन म्यान (Myelin sheath) का निर्माण करने वाली प्रमुख ग्लियाल (glial) कोशिकाएँ श्वान कोशिकाएँ (Schwann cells) होती हैं, जबकि परिधीय तंत्रिका तंत्र (PNS) में यह कार्य ओलिगोडेंड्रोसाइट्स (Oligodendrocytes) करती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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मानव शरीर में होने वाले विभिन्न रोगों, उनके रोगजनकों (Pathogens) और उनके नैदानिक परीक्षणों या लक्षणों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. डिप्थीरिया (Diphtheria) एक जीवाणु जनित संक्रमण है जो कॉर्नेबैक्टीरियम डिप्थीरिया (Corynebacterium diphtheriae) के कारण होता है, और इसके प्रभाव से गले में एक विशिष्ट 'सफेद-धूसर झिल्ली' (Pseudomembrane) का निर्माण होता है जो श्वसन मार्ग को अवरुद्ध कर सकती है।
2. विडाल परीक्षण (Widal Test) का उपयोग टाइफाइड ज्वर (Salmonella typhi द्वारा संचरित) के निदान के लिए किया जाता है, जो एंटीजन-एंटीबॉडी प्रतिक्रिया के सिद्धांत पर आधारित है।
3. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार, रेबीज (Hydrophobia) एक तीव्र विषाणु जनित न्यूरोट्रॉपिक रोग है जो लाइसावायरस (Lyssavirus) के संक्रमण से होता है और इसके केंद्रीय तंत्रिका तंत्र तक पहुँचने के बाद संक्रमण की घातकता लगभग शत-प्रतिशत होती है।
4. एड्स (AIDS) के लिए संपुष्टि परीक्षण (Confirmatory test) 'एलिसा' (ELISA) है, जबकि प्राथमिक स्क्रीनिंग परीक्षण के रूप में 'वेस्टर्न ब्लॉट' (Western Blot) का उपयोग किया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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सुकेन्द्रकी (Eukaryotic) कोशिकाओं में कोशिकांगों और कोशिका विभाजन की सूक्ष्म संरचनात्मक गतिकी के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. माइटोकॉन्ड्रिया और क्लोरोप्लास्ट अर्ध-स्वायत्त (Semi-autonomous) कोशिकांग हैं जिनमें 70S प्रकार के राइबोसोम और वृत्ताकार (Circular) द्विरज्जुकी डीएनए पाए जाते हैं, जिसके कारण ये अपनी कुल प्रोटीन आवश्यकता का अधिकांश भाग स्वयं संश्लेषित कर लेते हैं।
2. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार, पादप कोशिकाओं में कोशिका द्रव्य का विभाजन (Cytokinesis) सेल प्लेट पद्धति द्वारा होता है, जिसमें गोलगी बॉडी द्वारा स्रावित पुटिकाएँ (Vesicles) मध्य रेखा पर संकेंद्रित होकर अभिकेंद्रीय (Centripetal) रूप से केंद्र की ओर बढ़ती हैं।
3. समसूत्री विभाजन (Mitosis) के एनाफेज (Anaphase) चरण के दौरान, सेंट्रोमियर का विभाजन होता है और 'sister chromatids' अलग होकर विपरीत ध्रुवों की ओर गति करते हैं, जिसमें यह गति मुख्य रूप से काइनेटोकोर माइक्रोट्यूब्यूल्स के विसंसंजन (Depolymerization) के कारण होती है।
4. अर्धसूत्री विभाजन (Meiosis) की पैकाइटीन (Pachytene) अवस्था में 'रिकॉम्बिनेज' (Recombinase) एंजाइम की उपस्थिति में सजातीय गुणसूत्रों के गैर-भ्रातृ क्रोमैटिड्स के बीच आनुवंशिक सामग्री का विनिमय होता है, जिससे काइऐस्माटा (Chiasmata) का निर्माण होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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धातुओं, अधातुओं और उनके यौगिकों के रासायनिक एवं भौतिक गुणों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. एल्युमिनियम का निष्कर्षण बॉไซट अयस्क से 'हॉल-हैरॉल्ट प्रक्रम' (Hall-Héroult process) द्वारा किया जाता है, जिसमें गलित एल्युमिनियम ऑक्साइड ($Al_2O_3$) को पिघले हुए क्रायोलाइट ($Na_3AlF_6$) और फ्लूएस्पर ($CaF_2$) के मिश्रण में घोला जाता है, ताकि मिश्रण का गलनांक कम हो सके और उसकी विद्युत चालकता बढ़ जाए।
2. सफेद फास्फोरस ($P_4$) एक अत्यधिक अभिक्रियाशील, दीप्तिमान और विषैला अपरूप है जो अंधरे में चमकता है (दीप्तिधर्मिता या Chemiluminescence), और इसे जल के भीतर रखा जाता है जबकि लाल फास्फोरस पॉलीमेरिक संरचना होने के कारण कम अभिक्रियाशील होता है और वह सामान्य तापमान पर हवा में स्वतः नहीं जलता।
3. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार, संक्रमण धातुएँ जैसे कॉपर, सिल्वर और गोल्ड (जिन्हें मुद्रा धातुएँ कहा जाता है) तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल ($HCl$) के साथ अभिक्रिया करके हाइड्रोजन गैस मुक्त करती हैं क्योंकि उनका मानक अपचयन विभव (Standard Reduction Potential) हाइड्रोजन की तुलना में ऋणात्मक होता है।
4. सोडियम कार्बोनेट (वाशिंग सोडा) का उत्पादन 'Solvay process' द्वारा किया जाता है, जिसमें अमोनिया, कार्बन डाइऑक्साइड और सोडियम क्लोराइड की पारस्परिक क्रिया से सोडियम बाइकार्बोनेट का अवक्षेपण होता है, जिसे बाद में गर्म करने पर सोडियम कार्बोनेट प्राप्त होता है।
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पादप जगत के वर्गीकरण, प्रकाश संश्लेषण के तंत्र और पादप हार्मोन्स की क्रियाविधि के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ब्रायोफाइट्स को पादप जगत का 'उभयचर' कहा जाता है क्योंकि ये मृदा में उगते हैं किंतु लैंगिक जनन के लिए जल की उपस्थिति अनिवार्य होती है, और इनमें मुख्य पादप शरीर गेमेटोफाइट (युग्मकोद्भिद्) होता है जो बीजाणुद्भिद (स्पोरोफाइट) पर पोषण के लिए आंशिक रूप से निर्भर रहता है।
2. C3 पौधों की तुलना में C4 पौधों में प्रकाश श्वसन (Photorespiration) की दर नगण्य होती है, जिसका मुख्य कारण यह है कि उनमें रुबिको (RuBisCO) एंजाइम बंडल शीथ कोशिकाओं में उच्च सांद्रता में पाया जाता है जहाँ कार्बन डाइऑक्साइड का सांद्रण मैलिक अम्ल के डीकार्बोक्सिलेशन द्वारा बढ़ जाता है।
3. ऑक्सिन (जैसे IAA) त्रेपोट्रॉपिज्म और फोटोट्रॉपिज्म की क्रियाओं को नियंत्रित करता है, जहाँ प्रकाश के विपरीत दिशा में ऑक्सिन का पार्श्व वितरण अधिक हो जाने के कारण त्रेपोट्रॉपिक वक्रता उत्पन्न होती है, जिसे डार्विन और उनके पुत्र द्वारा कैनरी ग्रास के कोलियोप्टाइल पर किए गए प्रयोगों से समझा गया था।
4. जिबरेलिन (Gibberellin) आनुवंशिक रूप से बौने पौधों में internode (पर्वान्तर) के दीर्घीकरण को प्रेरित करके उनकी लंबाई बढ़ाते हैं, और ये बीज अंकुरण के दौरान एल्यूरोन परत पर प्रभाव डालकर अल्फा-एमाइलेज जैसे हाइड्रोलिटिक एंजाइमों के संश्लेषण को उत्प्रेरित करते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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कोशिका का ऊर्जा गृह किसे कहा जाता है?
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