General Science
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मानव शरीर के तंत्रों की कार्यप्रणाली के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. आमाशय की भित्ति में मौजूद मुख्य (पेप्टिक या जाइमोजेन) कोशिकाएँ निष्क्रिय 'पेप्सिनोजेन' का स्रावण करती हैं, जो हाइड्रोक्लोरिक अम्ल ($HCl$) के संपर्क में आने पर सक्रिय पेप्सिन में परिवर्तित हो जाता है, जबकि ऑक्जिन्टिक (पाइरीटल) कोशिकाएँ 'कैसल का आंतरिक कारक' स्रावित करती हैं जो क्षुद्रांत में विटामिन $B_{12}$ के अवशोषण के लिए अनिवार्य है।
- 2. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार, मानव श्वसन तंत्र में कूपिकाओं (Alveoli) की आंतरिक सतह पर टाइप-II कोशिकाओं द्वारा स्रावित 'पल्मोनरी सर्फेक्टेंट' (जो मुख्यतः लेसिथिन जैसे फॉस्फोलिपिड्स का बना होता है) पृष्ठ तनाव को कम करके कूपिकाओं को श्वसन चक्र के दौरान पिचकने (Collapse) से बचाता है।
- 3. हृदय चक्र (Cardiac Cycle) के दौरान, आलिंद-निलय (AV) वॉल्व (ट्रिकस्पिड और बिकस्पिड वॉल्व) का बंद होना 'लब' (Lub) ध्वनि उत्पन्न करता है, जबकि सेमिलुनेर वॉल्व (अर्धचंद्राकार कपाट) का बंद होना 'डब' (Dub) ध्वनि उत्पन्न करता है।
- 4. केंद्रीय तंत्रिका तंत्र में माइलिन म्यान (Myelin sheath) का निर्माण करने वाली प्रमुख ग्लियाल (glial) कोशिकाएँ श्वान कोशिकाएँ (Schwann cells) होती हैं, जबकि परिधीय तंत्रिका तंत्र (PNS) में यह कार्य ओलिगोडेंड्रोसाइट्स (Oligodendrocytes) करती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि आमाशय की मुख्य कोशिकाएँ पेप्सिनोजेन स्रावित करती हैं और ऑक्जिन्टिक कोशिकाएँ हाइड्रोक्लोरिक अम्ल के साथ-साथ 'कैसल का आंतरिक कारक' (Intrinsic Factor) स्रावित करती हैं, जो विटामिन $B_{12}$ के अवशोषण के लिए आवश्यक है। कथन 2 सही है; पल्मोनरी सर्फेक्टेंट पृष्ठ तनाव को कम करके कूपिकाओं को कोलैप्स होने से बचाता है। कथन 3 सही है, हृदय चक्र में 'लब' ध्वनि AV वॉल्व के बंद होने से और 'डब' ध्वनि सेमिलुनेर वॉल्व के बंद होने से उत्पन्न होती है। कथन 4 गलत है क्योंकि केंद्रीय तंत्रिका तंत्र (CNS) में माइलिन म्यान का निर्माण ओलिगोडेंड्रोसाइट्स द्वारा होता है, जबकि परिधीय तंत्रिका तंत्र (PNS) में यह कार्य श्वान कोशिकाओं द्वारा किया जाता है। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देखें।
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Related Questions
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धातुओं, अधातुओं और उनके यौगिकों के रासायनिक एवं भौतिक गुणों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. सोडियम धातु अत्यधिक प्रतिक्रियाशील होने के कारण केरोसिन (मिट्टी के तेल) के नीचे संग्रहित की जाती है ताकि यह हवा की नमी और ऑक्सीजन के संपर्क में आकर स्वतः प्रज्वलित न हो जाए।
2. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार, एल्युमिनियम ऑक्साइड ($Al_2O_3$) एक उभयधर्मी (Amphoteric) ऑक्साइड है जो अम्ल और क्षार दोनों के साथ अभिक्रिया करके लवण और जल का निर्माण करता है।
3. ग्रेफाइट कार्बन का एक ऐसा अपरूप है जो विद्युत का कुचालक होता है क्योंकि इसमें सभी चार संयोजी इलेक्ट्रॉन सहसंयोजक बंधों द्वारा दृढ़ता से बंधे होते हैं और कोई भी मुक्त इलेक्ट्रॉन उपलब्ध नहीं होता है।
4. एक्वा रेजिया (Aqua Regia) सांद्र हाइड्रोक्लोरिक अम्ल ($HCl$) और सांद्र नाइट्रिक अम्ल ($HNO_3$) का 3:1 के आयतन अनुपात में ताजा तैयार किया गया मिश्रण है, जो सोने और प्लैटिनम जैसी उत्कृष्ट धातुओं को भी घोल सकता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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आनुवंशिकी और जैव विकास के सिद्धांतों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हार्डी-वेनबर्ग साम्यावस्था (Hardy-Weinberg equilibrium) के अनुसार, एक बड़ी आबादी में अलील आवृत्तियाँ (Allele frequencies) पीढ़ियों तक स्थिर रहती हैं बशर्ते आबादी पर चयन, उत्परिवर्तन, जीन प्रवासन और आनुवंशिक विचलन जैसे विकासवादी बल प्रभावी न हों।
2. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार, लैमार्कवाद का मूल सिद्धांत 'उपार्जित लक्षणों की वंशागति' (Inheritance of acquired characters) था, जिसके अनुसार जीवों द्वारा अपने जीवनकाल में अर्जित शारीरिक परिवर्तन अगली पीढ़ी में वंशागत हो जाते हैं, जिसे बाद में वीइस्मैन ने अपने 'जननद्रव्य की निरंतरता के सिद्धांत' (Theory of Germplasm) द्वारा खंडित कर दिया था।
3. डीएनए फिंगरप्रिंटिंग तकनीक का विकास एलेक जेफ़्रीज़ द्वारा किया गया था, जो डीएनए अनुक्रमों में पाए जाने वाले पुनरावृत्ति डीएनए (Repetitive DNA) के अंतर्गत 'सैटेलाइट डीएनए' (विशेषकर VNTRs) बहुरूपता के सिद्धांत पर आधारित है।
4. मेन्डेल के स्वतंत्र अपव्यूहन के नियम (Law of Independent Assortment) की सार्वभौमिकता तब बाधित होती है जब दो भिन्न जीन एक ही गुणसूत्र पर अत्यधिक पास स्थित होते हैं, जिसे 'जीन लिंकेज' (Gene linkage) कहा जाता है, जिसके कारण पुनर्संयोजन (Recombination) की आवृत्ति काफी बढ़ जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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मानव परिसंचरण तंत्र में रक्त कोशिकाओं (RBC, WBC) के जीवनकाल, उनके निर्माण स्थल तथा रक्त स्कंदन (Blood coagulation) की जैव-रासायनिक क्रियाविधि के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. लाल रक्त कोशिकाओं (RBC) का औसत जीवनकाल लगभग 120 दिन होता है, जिसके पश्चात वे प्लीहा (Spleen) में नष्ट हो जाती हैं, जिसे 'RBC का कब्रिस्तान' कहा जाता है, तथा भ्रूणीय अवस्था में इनका निर्माण यकृत और प्लीहा में होता है जबकि वयस्क अवस्था में यह मुख्य रूप से लाल अस्थिमज्जा (Red bone marrow) में बनती हैं।
2. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार, रक्त का थक्का जमने की प्रक्रिया (Coagulation cascade) में प्रोथ्रोम्बिन को सक्रिय थ्रॉम्बोप्लास्टिन में बदलने के लिए थ्रॉम्बिन एंजाइम और कैल्शियम आयनों ($Ca^{2+}$) की आवश्यकता होती है, जो अंततः घुलनशील फाइब्रिनोजेन को अघुलनशील फाइब्रिन तंतुओं में परिवर्तित कर देते हैं।
3. श्वेत रक्त कोशिकाओं (WBC) में सबसे अधिक संख्या में पाई जाने वाली कणिकामय कोशिकाएँ (Granulocytes) 'न्यूट्रोफिल्स' होती हैं जो phagocytic प्रकृति की होती हैं, जबकि अणुकणिकामय (Agranulocytes) कोशिकाओं में लिम्फोसाइट्स शरीर की प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया (Antibody-mediated and cell-mediated immunity) के लिए उत्तरदायी होती हैं।
4. रक्त प्लेटलेट्स (Thrombocytes), जिन्हें मेगाकैरीोसाइट्स (Megakaryocytes) के विखंडन से अस्थिमज्जा में बनाया जाता है, रक्त वाहिकाओं की अंतःकला (Endothelium) द्वारा स्रावित 'प्रोस्टासाइक्लिन' (Prostacyclin) और 'हेपरिन' की उपस्थिति के कारण सामान्य अवस्था में वाहिकाओं के भीतर स्वतः थक्का नहीं बनाती हैं।
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मानव शरीर में होने वाले विभिन्न रोगों, उनके संचरण के माध्यम और उनके उपचार या रोकथाम के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ट्रिपैनोसोमा ब्रूसेई (Trypanosoma brucei) नामक परजीवी प्रोटोजोआ के कारण होने वाली 'African Sleeping Sickness' (अफ्रिकी निद्रा रोग) का वाहक सेट्से मक्खी (Tsetse fly) है, जो इस परजीवी को मनुष्य के केंद्रीय तंत्रिका तंत्र तक पहुँचाती है।
2. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार, कुष्ठ रोग (Leprosy या हैनसेन रोग) एक जीवाणु जनित संक्रमण है जो माइकोबैक्टीरियम लेप्री (Mycobacterium leprae) के कारण होता है, और यह मुख्य रूप से पुरानी श्वसन बूँदों द्वारा फैलता है जिसका बहु-औषधि चिकित्सा (MDT) द्वारा प्रभावी उपचार किया जाता है।
3. जापानी एन्सेफलाइटिस (Japanese Encephalitis) एक विषाणु जनित रोग है जो सुअर और जलपक्षियों के प्राकृतिक जलाशयों से क्यूलैस (Culex) प्रजाति की मच्छरों के काटने के माध्यम से मनुष्यों में फैलता है और मस्तिष्क में सूजन उत्पन्न करता है।
4. सिफिलिस (Syphilis) एक वायरल संक्रमण है जो ट्रेपोनेमा पैलिडम वायरस के कारण होता है और इसके उपचार के लिए पेनिसिलिन का उपयोग किया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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पादप जगत के वर्गीकरण, प्रकाश संश्लेषण के तंत्र और पादप हार्मोन्स की क्रियाविधि के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ब्रायोफाइट्स को पादप जगत का 'उभयचर' कहा जाता है क्योंकि ये मृदा में उगते हैं किंतु लैंगिक जनन के लिए जल की उपस्थिति अनिवार्य होती है, और इनमें मुख्य पादप शरीर गेमेटोफाइट (युग्मकोद्भिद्) होता है जो बीजाणुद्भिद (स्पोरोफाइट) पर पोषण के लिए आंशिक रूप से निर्भर रहता है।
2. C3 पौधों की तुलना में C4 पौधों में प्रकाश श्वसन (Photorespiration) की दर नगण्य होती है, जिसका मुख्य कारण यह है कि उनमें रुबिको (RuBisCO) एंजाइम बंडल शीथ कोशिकाओं में उच्च सांद्रता में पाया जाता है जहाँ कार्बन डाइऑक्साइड का सांद्रण मैलिक अम्ल के डीकार्बोक्सिलेशन द्वारा बढ़ जाता है।
3. ऑक्सिन (जैसे IAA) त्रेपोट्रॉपिज्म और फोटोट्रॉपिज्म की क्रियाओं को नियंत्रित करता है, जहाँ प्रकाश के विपरीत दिशा में ऑक्सिन का पार्श्व वितरण अधिक हो जाने के कारण त्रेपोट्रॉपिक वक्रता उत्पन्न होती है, जिसे डार्विन और उनके पुत्र द्वारा कैनरी ग्रास के कोलियोप्टाइल पर किए गए प्रयोगों से समझा गया था।
4. जिबरेलिन (Gibberellin) आनुवंशिक रूप से बौने पौधों में internode (पर्वान्तर) के दीर्घीकरण को प्रेरित करके उनकी लंबाई बढ़ाते हैं, और ये बीज अंकुरण के दौरान एल्यूरोन परत पर प्रभाव डालकर अल्फा-एमाइलेज जैसे हाइड्रोलिटिक एंजाइमों के संश्लेषण को उत्प्रेरित करते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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कोशिका का ऊर्जा गृह किसे कहा जाता है?
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