General Science
Asked 2 hours ago · Viewed 0 times
रासायनिक बंधन, अम्ल, क्षार और लवण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. आयनिक यौगिक (Electrovalent compounds) सामान्यतः ठोस अवस्था में विद्युत के कुचालक होते हैं क्योंकि उनके आयन क्रिस्टल जालक में स्थिर वैद्युत आकर्षण बलों द्वारा दृढ़ता से बंधे होते हैं, किंतु गलित (Molten) अवस्था या जलीय विलयन में वे विद्युत का चालन करते हैं।
- 2. लुईस अम्ल (Lewis acids) वे रासायनिक प्रजातियाँ होती हैं जो इलेक्ट्रॉन युग्म ग्रहण (Electron-pair acceptors) कर सकती हैं, जबकि लुईस क्षार इलेक्ट्रॉन युग्म दाता (Electron-pair donors) होते हैं, और इस अवधारणा के अनुसार $BF_3$ एक लुईस अम्ल है।
- 3. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार, ब्रॉन्स्टेड-लोरी संकल्पना के तहत किसी अम्ल का 'संयुग्मी क्षार' (Conjugated base) उस प्रजाति को कहा जाता है जो अम्ल द्वारा प्रोटॉन ($H^+$) त्यागने के पश्चात शेष बचती है, तथा प्रबल अम्लों के संयुग्मी क्षार अत्यधिक दुर्बल होते हैं।
- 4. जल-अपघटन (Hydrolysis) के दौरान सोडियम एसीटेट ($CH_3COONa$) जैसे लवण का जलीय विलयन अम्लीय प्रकृति का होता है, क्योंकि इसमें दुर्बल अम्ल और प्रबल क्षार के बीच उदासीनीकरण होता है जिससे हाइड्रोनियम आयनों की सांद्रता बढ़ जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि आयनिक यौगिक ठोस अवस्था में अपने आयनों की निश्चित स्थिति के कारण विद्युत के कुचालक होते हैं, लेकिन पिघली हुई अवस्था या पानी में घुलने पर उनके आयन स्वतंत्र हो जाते हैं और विद्युत प्रवाहित करते हैं। कथन 2 सही है क्योंकि लुईस सिद्धांत के अनुसार इलेक्ट्रॉन युग्म ग्रहण करने वाले यौगिक (जैसे $BF_3$, $AlCl_3$) लुईस अम्ल कहलाते हैं। कथन 3 सही है; ब्रॉन्स्टेड-लोरी सिद्धांत के अनुसार अम्ल से एक प्रोटॉन निकलने के बाद जो शेष भाग बचता है वह उसका संयुग्मी क्षार होता है और प्रबल अम्लों के संयुग्मी क्षार बहुत दुर्बल होते हैं। विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार, कथन 4 गलत है क्योंकि सोडियम एसीटेट ($CH_3COONa$) एक दुर्बल अम्ल (एसिटिक एसिड) और प्रबल क्षार (सोडियम हाइड्रोक्साइड) से बना लवण है, इसलिए इसका जलीय विलयन क्षारीय (Basic) प्रकृति का होता है, अम्लीय नहीं।
अगला प्रश्न →
मानव शरीर के तंत्रों की कार्यप्रणाली के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार…
← पिछला प्रश्न
मानव परिसंचरण तंत्र में रक्त कोशिकाओं (RBC, WBC) के…
Related Questions
→
मानव शरीर में होने वाले विभिन्न रोगों, उनके रोगजनकों (Pathogens) और उनके नैदानिक परीक्षणों या लक्षणों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. डिप्थीरिया (Diphtheria) एक जीवाणु जनित संक्रमण है जो कॉर्नेबैक्टीरियम डिप्थीरिया (Corynebacterium diphtheriae) के कारण होता है, और इसके प्रभाव से गले में एक विशिष्ट 'सफेद-धूसर झिल्ली' (Pseudomembrane) का निर्माण होता है जो श्वसन मार्ग को अवरुद्ध कर सकती है।
2. विडाल परीक्षण (Widal Test) का उपयोग टाइफाइड ज्वर (Salmonella typhi द्वारा संचरित) के निदान के लिए किया जाता है, जो एंटीजन-एंटीबॉडी प्रतिक्रिया के सिद्धांत पर आधारित है।
3. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार, रेबीज (Hydrophobia) एक तीव्र विषाणु जनित न्यूरोट्रॉपिक रोग है जो लाइसावायरस (Lyssavirus) के संक्रमण से होता है और इसके केंद्रीय तंत्रिका तंत्र तक पहुँचने के बाद संक्रमण की घातकता लगभग शत-प्रतिशत होती है।
4. एड्स (AIDS) के लिए संपुष्टि परीक्षण (Confirmatory test) 'एलिसा' (ELISA) है, जबकि प्राथमिक स्क्रीनिंग परीक्षण के रूप में 'वेस्टर्न ब्लॉट' (Western Blot) का उपयोग किया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
धातुओं, अधातुओं और उनके यौगिकों के रासायनिक एवं भौतिक गुणों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. सोडियम धातु अत्यधिक प्रतिक्रियाशील होने के कारण केरोसिन (मिट्टी के तेल) के नीचे संग्रहित की जाती है ताकि यह हवा की नमी और ऑक्सीजन के संपर्क में आकर स्वतः प्रज्वलित न हो जाए।
2. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार, एल्युमिनियम ऑक्साइड ($Al_2O_3$) एक उभयधर्मी (Amphoteric) ऑक्साइड है जो अम्ल और क्षार दोनों के साथ अभिक्रिया करके लवण और जल का निर्माण करता है।
3. ग्रेफाइट कार्बन का एक ऐसा अपरूप है जो विद्युत का कुचालक होता है क्योंकि इसमें सभी चार संयोजी इलेक्ट्रॉन सहसंयोजक बंधों द्वारा दृढ़ता से बंधे होते हैं और कोई भी मुक्त इलेक्ट्रॉन उपलब्ध नहीं होता है।
4. एक्वा रेजिया (Aqua Regia) सांद्र हाइड्रोक्लोरिक अम्ल ($HCl$) और सांद्र नाइट्रिक अम्ल ($HNO_3$) का 3:1 के आयतन अनुपात में ताजा तैयार किया गया मिश्रण है, जो सोने और प्लैटिनम जैसी उत्कृष्ट धातुओं को भी घोल सकता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
मानव शरीर में होने वाले विभिन्न रोगों, उनके संचरण के माध्यम और उनके उपचार या रोकथाम के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ट्रिपैनोसोमा ब्रूसेई (Trypanosoma brucei) नामक परजीवी प्रोटोजोआ के कारण होने वाली 'African Sleeping Sickness' (अफ्रिकी निद्रा रोग) का वाहक सेट्से मक्खी (Tsetse fly) है, जो इस परजीवी को मनुष्य के केंद्रीय तंत्रिका तंत्र तक पहुँचाती है।
2. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार, कुष्ठ रोग (Leprosy या हैनसेन रोग) एक जीवाणु जनित संक्रमण है जो माइकोबैक्टीरियम लेप्री (Mycobacterium leprae) के कारण होता है, और यह मुख्य रूप से पुरानी श्वसन बूँदों द्वारा फैलता है जिसका बहु-औषधि चिकित्सा (MDT) द्वारा प्रभावी उपचार किया जाता है।
3. जापानी एन्सेफलाइटिस (Japanese Encephalitis) एक विषाणु जनित रोग है जो सुअर और जलपक्षियों के प्राकृतिक जलाशयों से क्यूलैस (Culex) प्रजाति की मच्छरों के काटने के माध्यम से मनुष्यों में फैलता है और मस्तिष्क में सूजन उत्पन्न करता है।
4. सिफिलिस (Syphilis) एक वायरल संक्रमण है जो ट्रेपोनेमा पैलिडम वायरस के कारण होता है और इसके उपचार के लिए पेनिसिलिन का उपयोग किया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
सुकेन्द्रकी (Eukaryotic) कोशिकाओं में कोशिकांगों और कोशिका विभाजन की सूक्ष्म संरचनात्मक गतिकी के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. माइटोकॉन्ड्रिया और क्लोरोप्लास्ट अर्ध-स्वायत्त (Semi-autonomous) कोशिकांग हैं जिनमें 70S प्रकार के राइबोसोम और वृत्ताकार (Circular) द्विरज्जुकी डीएनए पाए जाते हैं, जिसके कारण ये अपनी कुल प्रोटीन आवश्यकता का अधिकांश भाग स्वयं संश्लेषित कर लेते हैं।
2. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार, पादप कोशिकाओं में कोशिका द्रव्य का विभाजन (Cytokinesis) सेल प्लेट पद्धति द्वारा होता है, जिसमें गोलगी बॉडी द्वारा स्रावित पुटिकाएँ (Vesicles) मध्य रेखा पर संकेंद्रित होकर अभिकेंद्रीय (Centripetal) रूप से केंद्र की ओर बढ़ती हैं।
3. समसूत्री विभाजन (Mitosis) के एनाफेज (Anaphase) चरण के दौरान, सेंट्रोमियर का विभाजन होता है और 'sister chromatids' अलग होकर विपरीत ध्रुवों की ओर गति करते हैं, जिसमें यह गति मुख्य रूप से काइनेटोकोर माइक्रोट्यूब्यूल्स के विसंसंजन (Depolymerization) के कारण होती है।
4. अर्धसूत्री विभाजन (Meiosis) की पैकाइटीन (Pachytene) अवस्था में 'रिकॉम्बिनेज' (Recombinase) एंजाइम की उपस्थिति में सजातीय गुणसूत्रों के गैर-भ्रातृ क्रोमैटिड्स के बीच आनुवंशिक सामग्री का विनिमय होता है, जिससे काइऐस्माटा (Chiasmata) का निर्माण होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
पादप जगत के वर्गीकरण, प्रकाश संश्लेषण के तंत्र और पादप हार्मोन्स की क्रियाविधि के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ब्रायोफाइट्स को पादप जगत का 'उभयचर' कहा जाता है क्योंकि ये मृदा में उगते हैं किंतु लैंगिक जनन के लिए जल की उपस्थिति अनिवार्य होती है, और इनमें मुख्य पादप शरीर गेमेटोफाइट (युग्मकोद्भिद्) होता है जो बीजाणुद्भिद (स्पोरोफाइट) पर पोषण के लिए आंशिक रूप से निर्भर रहता है।
2. C3 पौधों की तुलना में C4 पौधों में प्रकाश श्वसन (Photorespiration) की दर नगण्य होती है, जिसका मुख्य कारण यह है कि उनमें रुबिको (RuBisCO) एंजाइम बंडल शीथ कोशिकाओं में उच्च सांद्रता में पाया जाता है जहाँ कार्बन डाइऑक्साइड का सांद्रण मैलिक अम्ल के डीकार्बोक्सिलेशन द्वारा बढ़ जाता है।
3. ऑक्सिन (जैसे IAA) त्रेपोट्रॉपिज्म और फोटोट्रॉपिज्म की क्रियाओं को नियंत्रित करता है, जहाँ प्रकाश के विपरीत दिशा में ऑक्सिन का पार्श्व वितरण अधिक हो जाने के कारण त्रेपोट्रॉपिक वक्रता उत्पन्न होती है, जिसे डार्विन और उनके पुत्र द्वारा कैनरी ग्रास के कोलियोप्टाइल पर किए गए प्रयोगों से समझा गया था।
4. जिबरेलिन (Gibberellin) आनुवंशिक रूप से बौने पौधों में internode (पर्वान्तर) के दीर्घीकरण को प्रेरित करके उनकी लंबाई बढ़ाते हैं, और ये बीज अंकुरण के दौरान एल्यूरोन परत पर प्रभाव डालकर अल्फा-एमाइलेज जैसे हाइड्रोलिटिक एंजाइमों के संश्लेषण को उत्प्रेरित करते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
कोशिका का ऊर्जा गृह किसे कहा जाता है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.