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जीन नियमन (Gene regulation) और ओपेरॉन मॉडल (Operon model) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. जैकब और मोनोड (Jacob and Monod) द्वारा प्रतिपादित 'लैक ओपेरॉन' (Lac operon) मॉडल प्रोकैरियोट्स (जैसे ई. कोलाई) में प्रेरणयोग्य (Inducible) जीन प्रणाली का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, जिसमें लैक्टोज की अनुपस्थिति में 'दमनकारी' (Repressor) प्रोटीन ऑपरेटर जीन से जुड़कर संरचनात्मक जीनों के अनुलेखन को रोक देता है।
  2. 2. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार, ट्रिप्टोफैन (Trp) ओपेरॉन एक दमनकारी (Repressible) प्रणाली है, जिसमें कोरप्रेसर के रूप में ट्रिप्टोफैन की उच्च सांद्रता रिप्रेशर प्रोटीन को सक्रिय करती है ताकि जैव-संश्लेषण पथ के जीनों को बंद किया जा सके।
  3. 3. सुकेन्द्रकी (Eukaryotic) कोशिकाओं में जीन अभिव्यक्ति का नियमन मुख्य रूप से अनुलेखन स्तर पर नहीं होता है, बल्कि यह पूरी तरह से प्रोटीन अनुवाद (Translation) के पश्चात होने वाले संशोधनों (Post-translational modifications) पर निर्भर करता है।
  4. 4. आरएनए हस्तक्षेप (RNAi) तकनीक एक प्राचीन आनुवंशिक रक्षा तंत्र है जो पोस्ट-ट्रांसक्रिप्शनल जीन साइलेंसिंग (PTGS) के माध्यम से विशिष्ट दूत आरएनए (mRNA) को नष्ट करके जीन अभिव्यक्ति को रोकने का कार्य करता है, जिसमें माइक्रो-आरएनए (miRNA) और छोटी हस्तक्षेप करने वाली आरएनए (siRNA) मुख्य भूमिका निभाते हैं।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

कथन 1, 2 और 4 सही हैं। जैकब और मोनोड का लैक ओपेरॉन मॉडल प्रोकैरियोट्स में प्रेरणयोग्य प्रणाली है जहाँ लैक्टोज 'इंडीसर' (प्रेरक) के रूप में कार्य करता है। ट्रिप्टोफैन ओपेरॉन एक दमनकारी प्रणाली है। आरएनए हस्तक्षेप (RNAi) पोस्ट-ट्रांसक्रिप्शनल स्तर पर जीन साइलेंसिंग की एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। कथन 3 गलत है क्योंकि सुकेन्द्रकी कोशिकाओं में जीन अभिव्यक्ति का नियमन कई स्तरों पर होता है, जिसमें अनुलेखन (Transcription) स्तर सबसे प्रमुख और प्रारंभिक नियंत्रण बिंदु है। विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार ओपेरॉन जीन अभिव्यक्ति के नियंत्रण को स्पष्ट करता है।
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