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जीन उत्परिवर्तन (Gene Mutation) और गुणसूत्रों की संरचनात्मक या संख्यात्मक असामान्यताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. बिंदु उत्परिवर्तन (Point mutation) के अंतर्गत 'मिससेंस उत्परिवर्तन' (Missense mutation) वह स्थिति है जिसमें एकल क्षार युग्म के परिवर्तन के कारण कोडॉन एक ऐसे नए कोडॉन में बदल जाता है जो किसी भिन्न अमीनो अम्ल को कूटबद्ध करता है, जैसा कि सिकल-सेल एनीमिया में ग्लूटामिक एसिड के स्थान पर वैलीन के जुड़ने से होता है।
- 2. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार, फ्रेमशिफ्ट उत्परिवर्तन (Frameshift mutation) डीएनए अनुक्रम में एक या अधिक न्यूक्लियोटाइड्स के विलोपन (Deletion) या प्रविष्टि (Insertion) के कारण होता है, जो पठन फ्रेम (Reading frame) को पूरी तरह से बदल देता है और इसके परिणामस्वरूप सामान्य से छोटा या अत्यधिक विकृत प्रोटीन बनता है।
- 3. टर्नर सिंड्रोम (Turner's syndrome) एक ऐसी गुणसूत्रीय असामान्यता है जिसमें महिलाओं में 45 गुणसूत्र ($45, XO$) होते हैं, जो ऑटोसोमल नॉन-डਿਸजंक्शन का परिणाम है और इससे ग्रसित व्यक्ति पूर्ण रूप से विकसित जनन अंगों वाली सामान्य महिला होती हैं।
- 4. डाउन सिंड्रोम (Down's syndrome) गुणसूत्र संख्या 21 के ट्राइसॉमी (Trisomy) के कारण होता है, जिसमें गुणसूत्रों की कुल संख्या 47 हो जाती है, और इस स्थिति से पीड़ित व्यक्तियों में बौद्धिक विकलांगता, छोटा सिर और खाँचेदार जीभ जैसे लक्षण प्रकट होते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है: मिससेंस उत्परिवर्तन में एकल क्षार परिवर्तन से कोडॉन बदल जाता है जिससे प्रोटीन में एक अलग अमीनो अम्ल जुड़ जाता है (जैसे सिकल-सेल एनीमिया में)। कथन 2 सही है: विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार, फ्रेमशिफ्ट उत्परिवर्तन डीएनए में न्यूक्लियोटाइड के जुड़ने या हटने से होता है जो पूरे पठन फ्रेम को शिफ्ट कर देता है। कथन 3 गलत है: टर्नर सिंड्रोम में महिलाओं में एक एक्स गुणसूत्र की कमी ($45, XO$) होती है, और ऐसी महिलाएँ बंधुत्व (Sterile) होती हैं तथा उनके जनन अंग अल्पविकसित होते हैं, पूर्ण रूप से विकसित नहीं। कथन 4 सही है: डाउन सिंड्रोम गुणसूत्र 21 की ट्राइसॉमी के कारण होता है (कुल 47 गुणसूत्र) जिससे विशिष्ट शारीरिक और मानसिक लक्षण उत्पन्न होते हैं। अतः विकल्प (a) सही है।
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आनुवंशिकी और जैव विकास (Genetics and Evolution) के सिद्धांतों, विशेष रूप से 'हार्डी-वेनबर्ग साम्य' (Hardy-Weinberg Equilibrium) और 'स्पीसिएशन' (Speciation) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हार्डी-वेनबर्ग नियम के अनुसार, एक बड़ी यादृच्छिक रूप से संभोग करने वाली आबादी में एलील (Allele) और जीनोटाइप आवृत्तियाँ पीढ़ी-दर-पीढ़ी स्थिर रहती हैं, बशर्ते कि उस पर उत्परिवर्तन, प्राकृतिक चयन, आनुवंशिक अपवाह (Genetic drift) और जीन प्रवास (Gene flow) जैसी विकासवादी शक्तियाँ प्रभावी न हों।
2. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार, यदि किसी द्विगुणित आबादी में एक जीन के दो एलील $A$ और $a$ हैं, जिनकी आवृत्तियाँ क्रमशः $p$ और $q$ हैं, तो समय के साथ विषमयुग्मजी (Heterozygous) जीनोटाइप $Aa$ की अपेक्षित आवृत्ति $2pq$ द्वारा दी जाती है, जहाँ $p + q = 1$ होता है।
3. अनुकूली विकिरण (Adaptive radiation) एक ही पूर्वज से विभिन्न जातियों के अल्प समय में उद्भव का प्रक्रम है, जो नए भौगोलिक क्षेत्रों में प्रवेश करने पर होता है, और इसके सबसे प्रसिद्ध उदाहरणों में डार्विन की फिंच (Darwin's finches) और गैलापागोस द्वीप समूह के कछुए शामिल हैं।
4. सिंपेट्रिक स्पीसिएशन (Sympatric speciation) उस भौगोलिक अलगाव (Geographical isolation) के कारण होता है जब एक ही मूल आबादी के बीच भौतिक बाधा उत्पन्न हो जाती है, जिससे जीन का आदान-प्रदान रुक जाता है और नई प्रजाति का निर्माण होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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मानव अंतःस्रावी तंत्र (Endocrine System) और हॉर्मोनों की कार्यप्रणाली के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पश्च पीयूष ग्रंथि (Posterior Pituitary) वास्तव में कोई हॉर्मोन स्वयं संश्लेषित नहीं करती है, बल्कि यह हाइपोथैलेमस के न्यूरोसेक्रेटरी कोशिकाओं द्वारा उत्पादित 'ऑक्सीटोसिन' और 'वसोप्रेसिन' (ADH) हॉर्मोनों का भंडारण और विमोचन करती है।
2. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार, एल्डोस्टेरोन (Aldosterone) एक मिनरलोकोर्टिकोइड है जो अधिवृक्क वल्कुट (Adrenal Cortex) के जोना ग्लोमेरुलोसा क्षेत्र से स्रावित होता है और यह वृक्क नलिकाओं में सोडियम और जल के पुनरावशोषण को बढ़ाकर तथा पोटेशियम एवं फॉस्फेट आयनों के उत्सर्जन को प्रेरित कर रक्तचाप को नियंत्रित करता है।
3. अधिवृक्क मज्जा (Adrenal Medulla) द्वारा स्रावित कैटेकोलामाइन (एड्रेनालाईन और नॉरएड्रेनालाईन) स्टेरॉयड प्रकृति के हॉर्मोन होते हैं, जो लक्ष्य कोशिकाओं पर मौजूद अंतःकोशिकी रिसेप्टर्स से जुड़कर धीमी गति से दीर्घकालिक उपापचय परिवर्तन करते हैं।
4. पीनियल ग्रंथि (Pineal Gland) द्वारा स्रावित 'मेलाटोनिन' हॉर्मोन शरीर की दैनिक लय (Circadian Rhythm) जैसे कि नींद-जागने के चक्र और शरीर के तापमान को नियमित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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पदार्थ के सामान्य गुण, जैसे पृष्ठ तनाव, श्यानता और आर्किमिडीज के सिद्धांत के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी द्रव की श्यानता (Viscosity) उसकी विभिन्न परतों के बीच होने वाली आपेक्षिक गति का विरोध करती है, और सामान्यतः ताप में वृद्धि होने पर द्रवों की श्यानता घटती है जबकि गैसों की श्यानता बढ़ती है।
2. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार, पृष्ठ तनाव (Surface tension) किसी द्रव के पृष्ठ पर एकांक लंबाई पर लगने वाला बल है, और यदि पानी में कोई साबुन या डिटर्जेंट मिलाया जाए, तो पानी का पृष्ठ तनाव कम हो जाता है, जिससे वह मैल को अधिक प्रभावी ढंग से साफ कर पाता है।
3. आर्किमिडीज के सिद्धांत के अनुसार, जब कोई वस्तु किसी तरल में आंशिक या पूर्ण रूप से डुबोई जाती है, तो वह अपने द्वारा हटाए गए तरल के भार के बराबर ऊपर की ओर एक उत्प्लावक बल का अनुभव करती है, जिसका केंद्र विस्थापित तरल के द्रव्यमान केंद्र पर संकेंद्रित होता है जिसे 'उत्प्लावन केंद्र' (Center of Buoyancy) कहते हैं।
4. यदि किसी कृत्रिम उपग्रह के अंदर पूर्ण भारहीनता की स्थिति हो, तो केशिका नली (Capillary tube) में द्रव नली की केवल एक निश्चित कम ऊँचाई तक ही चढ़ेगा, क्योंकि गुरुत्वाकर्षण बल शून्य होने के कारण केशिकत्व की घटना पूरी तरह समाप्त हो जाती है।
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जीन नियमन (Gene regulation) और ओपेरॉन मॉडल (Operon model) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. जैकब और मोनोड (Jacob and Monod) द्वारा प्रतिपादित 'लैक ओपेरॉन' (Lac operon) मॉडल प्रोकैरियोट्स (जैसे ई. कोलाई) में प्रेरणयोग्य (Inducible) जीन प्रणाली का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, जिसमें लैक्टोज की अनुपस्थिति में 'दमनकारी' (Repressor) प्रोटीन ऑपरेटर जीन से जुड़कर संरचनात्मक जीनों के अनुलेखन को रोक देता है।
2. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार, ट्रिप्टोफैन (Trp) ओपेरॉन एक दमनकारी (Repressible) प्रणाली है, जिसमें कोरप्रेसर के रूप में ट्रिप्टोफैन की उच्च सांद्रता रिप्रेशर प्रोटीन को सक्रिय करती है ताकि जैव-संश्लेषण पथ के जीनों को बंद किया जा सके।
3. सुकेन्द्रकी (Eukaryotic) कोशिकाओं में जीन अभिव्यक्ति का नियमन मुख्य रूप से अनुलेखन स्तर पर नहीं होता है, बल्कि यह पूरी तरह से प्रोटीन अनुवाद (Translation) के पश्चात होने वाले संशोधनों (Post-translational modifications) पर निर्भर करता है।
4. आरएनए हस्तक्षेप (RNAi) तकनीक एक प्राचीन आनुवंशिक रक्षा तंत्र है जो पोस्ट-ट्रांसक्रिप्शनल जीन साइलेंसिंग (PTGS) के माध्यम से विशिष्ट दूत आरएनए (mRNA) को नष्ट करके जीन अभिव्यक्ति को रोकने का कार्य करता है, जिसमें माइक्रो-आरएनए (miRNA) और छोटी हस्तक्षेप करने वाली आरएनए (siRNA) मुख्य भूमिका निभाते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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पादप जगत के वर्गीकरण, प्रकाश संश्लेषण के तंत्र और पादप हार्मोन्स की क्रियाविधि के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ब्रायोफाइट्स को पादप जगत का 'उभयचर' कहा जाता है क्योंकि ये मृदा में उगते हैं किंतु लैंगिक जनन के लिए जल की उपस्थिति अनिवार्य होती है, और इनमें मुख्य पादप शरीर गेमेटोफाइट (युग्मकोद्भिद्) होता है जो बीजाणुद्भिद (स्पोरोफाइट) पर पोषण के लिए आंशिक रूप से निर्भर रहता है।
2. C3 पौधों की तुलना में C4 पौधों में प्रकाश श्वसन (Photorespiration) की दर नगण्य होती है, जिसका मुख्य कारण यह है कि उनमें रुबिको (RuBisCO) एंजाइम बंडल शीथ कोशिकाओं में उच्च सांद्रता में पाया जाता है जहाँ कार्बन डाइऑक्साइड का सांद्रण मैलिक अम्ल के डीकार्बोक्सिलेशन द्वारा बढ़ जाता है।
3. ऑक्सिन (जैसे IAA) त्रेपोट्रॉपिज्म और फोटोट्रॉपिज्म की क्रियाओं को नियंत्रित करता है, जहाँ प्रकाश के विपरीत दिशा में ऑक्सिन का पार्श्व वितरण अधिक हो जाने के कारण त्रेपोट्रॉपिक वक्रता उत्पन्न होती है, जिसे डार्विन और उनके पुत्र द्वारा कैनरी ग्रास के कोलियोप्टाइल पर किए गए प्रयोगों से समझा गया था।
4. जिबरेलिन (Gibberellin) आनुवंशिक रूप से बौने पौधों में internode (पर्वान्तर) के दीर्घीकरण को प्रेरित करके उनकी लंबाई बढ़ाते हैं, और ये बीज अंकुरण के दौरान एल्यूरोन परत पर प्रभाव डालकर अल्फा-एमाइलेज जैसे हाइड्रोलिटिक एंजाइमों के संश्लेषण को उत्प्रेरित करते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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कोशिका का ऊर्जा गृह किसे कहा जाता है?
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