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आनुवंशिकी और जैव विकास (Genetics and Evolution) के सिद्धांतों, विशेष रूप से 'हार्डी-वेनबर्ग साम्य' (Hardy-Weinberg Equilibrium) और 'स्पीसिएशन' (Speciation) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. हार्डी-वेनबर्ग नियम के अनुसार, एक बड़ी यादृच्छिक रूप से संभोग करने वाली आबादी में एलील (Allele) और जीनोटाइप आवृत्तियाँ पीढ़ी-दर-पीढ़ी स्थिर रहती हैं, बशर्ते कि उस पर उत्परिवर्तन, प्राकृतिक चयन, आनुवंशिक अपवाह (Genetic drift) और जीन प्रवास (Gene flow) जैसी विकासवादी शक्तियाँ प्रभावी न हों।
  2. 2. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार, यदि किसी द्विगुणित आबादी में एक जीन के दो एलील $A$ और $a$ हैं, जिनकी आवृत्तियाँ क्रमशः $p$ और $q$ हैं, तो समय के साथ विषमयुग्मजी (Heterozygous) जीनोटाइप $Aa$ की अपेक्षित आवृत्ति $2pq$ द्वारा दी जाती है, जहाँ $p + q = 1$ होता है।
  3. 3. अनुकूली विकिरण (Adaptive radiation) एक ही पूर्वज से विभिन्न जातियों के अल्प समय में उद्भव का प्रक्रम है, जो नए भौगोलिक क्षेत्रों में प्रवेश करने पर होता है, और इसके सबसे प्रसिद्ध उदाहरणों में डार्विन की फिंच (Darwin's finches) और गैलापागोस द्वीप समूह के कछुए शामिल हैं।
  4. 4. सिंपेट्रिक स्पीसिएशन (Sympatric speciation) उस भौगोलिक अलगाव (Geographical isolation) के कारण होता है जब एक ही मूल आबादी के बीच भौतिक बाधा उत्पन्न हो जाती है, जिससे जीन का आदान-प्रदान रुक जाता है और नई प्रजाति का निर्माण होता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

कथन 1, 2 और 3 सही हैं, जबकि कथन 4 गलत है। विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार, हार्डी-वेनबर्ग साम्य यह बताता है कि आदर्श स्थितियों में एलील आवृत्तियाँ स्थिर रहती हैं। कथन 4 गलत है क्योंकि भौगोलिक अलगाव (Geographical isolation) के कारण होने वाले स्पीसिएशन को 'एलोपैट्रिक स्पीसिएशन' (Allopatric speciation) कहा जाता है, न कि सिंपेट्रिक। सिंपेट्रिक स्पीसिएशन (Sympatric speciation) बिना किसी भौगोलिक बाधा के, एक ही भौगोलिक क्षेत्र में रहने वाली आबादी के भीतर नई प्रजातियों के उद्भव को संदर्भित करता है (जैसे कि पॉलीप्लॉइड या व्यवहारात्मक अलगाव के कारण)। अतः विकल्प (a) सही है।
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