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भौतिक राशियों और उनके विमीय सूत्रों (Dimensional Formulae) के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
- 1. सार्वत्रिक गैस नियतांक (Universal Gas Constant): $[ML^2T^{-2}K^{-1}mol^{-1}]$
- 2. प्लैंक नियतांक (Planck's Constant): $[ML^2T^{-1}]$
- 3. श्यानता गुणांक (Coefficient of Viscosity): $[ML^{-1}T^{-2}]$
- 4.
पृष्ठीय तनाव (Surface Tension): $[MT^{-2}]$ उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से युग्म सही सुमेलित हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
युग्म 1, 2 और 4 सही सुमेलित हैं, जबकि युग्म 3 सुमेलित नहीं है। श्यानता गुणांक (Coefficient of Viscosity) का विमीय सूत्र $[ML^{-1}T^{-1}]$ होता है, न कि $[ML^{-1}T^{-2}]$ (जो कि दाब या प्रतिबल का विमीय सूत्र है)। विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार, भौतिक राशियों के विमीय विश्लेषण से विभिन्न समीकरणों की सत्यता की जाँच और उनके मात्रकों का निर्धारण किया जाता है। सार्वत्रिक गैस समीकरण ($PV = nRT$) के अनुसार गैस नियतांक $R = rac{PV}{nT}$ होता है, जिसकी विमा $[ML^2T^{-2}K^{-1}mol^{-1}]$ है। प्लैंक नियतांक की विमा ऊर्जा और आवृत्ति के अनुपात ($E = h
u$) से $[ML^2T^{-1}]$ प्राप्त होती है।
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विद्युत धारा, प्रतिरोध और परिपथ (Circuits) के सिद्धांतों के संदर्भ में…
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पदार्थ की अवस्थाओं, परमाणु संरचना और क्वांटम यांत्रिकी के…
Related Questions
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पदार्थ की अवस्थाओं और परमाणु संरचना से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. क्वार्क-ग्लूऑन प्लाज्मा (QGP) पदार्थ की वह चरम उच्च ऊर्जा अवस्था है जो बिग बैंग के तुरंत बाद अस्तित्व में थी, जहाँ तापमान इतना अधिक होता है कि प्रोटॉन और न्यूट्रॉन पिघلकर अपने मूल क्वार्क और gluon घटकों में स्वतंत्र हो जाते हैं।
2. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार, सोमरफील्ड का परमाणु मॉडल बोर के मॉडल का विस्तार था, जिसमें इलेक्ट्रॉनों के लिए दीर्घवृत्ताकार कक्षाओं (Elliptical orbits) की परिकल्पना की गई और आपेक्षिकीय सुधारों (Relativistic corrections) को शामिल करके हाइड्रोजन स्पेक्ट्रम की सूक्ष्म संरचना (Fine structure) को समझाया गया।
3. जब किसी ठोस पदार्थ को बिना द्रव अवस्था में बदले सीधे गैस में परिवर्तित किया जाता है, तो इस प्रक्रम को ऊर्ध्वपातन (Sublimation) कहते हैं, और इस अवस्था परिवर्तन के दौरान एन्ट्रॉपी (Entropy) में होने वाला परिवर्तन ऋणात्मक होता है।
4. किसी परमाणु के लिए मुख्य क्वांटम संख्या ($n$) उस कक्षक के आकार और ऊर्जा को निर्धारित करती है, जबकि azimuthal (दिग्लंशी) क्वांटम संख्या ($l$) कक्षक के त्रिविमीय आकार (Three-dimensional shape) और कोणीय संवेग को निरूपित करती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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आनुवंशिकी और जैव विकास के सिद्धांतों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हार्डी-वेनबर्ग साम्य (Hardy-Weinberg Equilibrium) के अनुसार, किसी बड़े यादृच्छिक संगामी (random-mating) जनसंख्या में एलील आवृत्तियाँ पीढ़ियों दर पीढ़ियाँ स्थिर रहती हैं, बशर्ते कि उस पर उत्परिवर्तन, प्राकृतिक चयन, आनुवंशिक विचलन (Genetic drift) और जीन प्रवाह (Gene flow) जैसी विकासवादी शक्तियाँ कार्य न कर रही हों।
2. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार, लामार्कवाद (Lamarckism) का मूल सिद्धांत 'उपार्जित लक्षणों की वंशागति' (Inheritance of acquired characters) पर आधारित था, जिसका खंडन वीजमैन (Weismann) द्वारा चूहों की पूंछ काटने के प्रयोग (जर्मप्लाज्म सिद्धांत) के माध्यम से किया गया था।
3. डीएनए फिंगरप्रिंटिंग तकनीक मुख्य रूप से 'अनुषंगी डीएनए' (Satellite DNA) के अंतर्गत आने वाले लघु अनुक्रमों पर आधारित होती है, जिन्हें परिवर्तनशील संख्या में टैंडम पुनरावृत्ति (VNTRs) कहा जाता है, जो प्रत्येक व्यक्ति में अत्यधिक बहुरूपता (Polymorphism) दर्शाते हैं।
4. ओपेरॉन मॉडल (Operon Model), जिसे जैकब और मोनोड द्वारा प्रतिपादित किया गया था, यह स्पष्ट करता है कि प्रोकैरियोट्स में जीन अभिव्यक्ति का नियंत्रण किस प्रकार होता है, जहाँ 'लैक ओपेरॉन' एक प्रेरणीय (Inducible) प्रणाली है जो लैक्टोज की अनुपस्थिति में सक्रिय और उपस्थिति में संदमित (Repressed) रहती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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मानव रक्त परिसंचरण तंत्र और रक्त समूहों (Blood Groups) की आनुवंशिक एवं प्रतिरक्षात्मक विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ABO रक्त समूह प्रणाली में लाल रक्त कोशिकाओं की सतह पर पाए जाने वाले एंटीजन (एग्लूटिनोजन) कार्बोहाइड्रेट अंश होते हैं जो लिपिड या प्रोटीन से जुड़े रहते हैं, और इनका संश्लेषण 'I' जीन द्वारा नियंत्रित होता है जिसमें $I^A$ और $I^B$ एलील सह-प्रभाविता (Co-dominance) प्रदर्शित करते हैं।
2. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार, बम्बई रक्त समूह (Bombay Blood Phenotype) वाले व्यक्तियों में 'H' एंटीजन का संश्लेषण नहीं हो पाता है, जिससे उनका रक्त समूह भले ही आनुवंशिक रूप से A, B या AB हो, परंतु सिरोलॉजी में वे 'O' समूह की तरह व्यवहार करते हैं।
3. Rh-असंगतता (Erythroblastosis foetalis) की स्थिति में, Rh-धनात्मक माता से उत्पन्न होने वाला प्रथम Rh-ऋणात्मक शिशु गंभीर रूप से प्रभावित होता है क्योंकि माँ के शरीर में पहले से मौजूद प्री-फॉर्मड एंटीबॉडीज प्लेसेंटा को पार कर जाते हैं।
4. सार्वभौमिक प्राप्तकर्ता (Universal Recipient) रक्त समूह 'AB' वाले व्यक्तियों के प्लाज्मा में एंटी-A और एंटी-B दोनों प्राकृतिक एंटीबॉडी (एग्लूटेनिन) अनुपस्थित होते हैं, हालांकि प्लाज्मा आधान (Plasma Transfusion) के समय दाता के प्लाज्मा में मौजूद एंटीबॉडीज की भूमिका पर विचार करना आवश्यक होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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पादप जगत के वर्गीकरण, प्रकाश संश्लेषण के चक्रों और पादप हार्मोन्स की क्रियाविधि के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. टेरिडोफाइट्स (Pteridophytes) पहले ऐसे स्थलीय पौधे हैं जिनमें संवहन ऊतक (ज़ाइलम और फ्लोएम) पाए जाते हैं, और इनमें मुख्य पादप शरीर बीजाणुकोद्भिद (Sporophyte) होता है जो स्वतंत्र रूप से जीवित रहता है।
2. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार, केल्विन चक्र ($C_3$ चक्र) में कार्बन डाइऑक्साइड का प्राथमिक ग्राही यौगिक पाँच कार्बन वाला 'रिबुलोस 1,5-बिफॉसफेेट' (RuBP) होता है, और इस अभिक्रिया को उत्प्रेरित करने वाला मुख्य एंजाइम RuBisCO है।
3. साइटोकिनीन (Cytokinins) पादप हॉर्मोन कोशिका विभाजन और पार्श्व कलिकाओं की वृद्धि को प्रेरित करते हैं, तथा यह पौधों में जीर्णता (Senescence) को त्वरित करने का मुख्य कार्य करते हैं।
4. एथिलीन ($C_2H_4$) एकमात्र गैसीय पादप हॉर्मोन है जो फलों के पकने (Fruit ripening) को बढ़ावा देता है और द्विबीजपत्री पौधों में त्रिस्तरीय प्रतिक्रिया (Triple response) को नियंत्रित करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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पादप जगत के वर्गीकरण, प्रकाश संश्लेषण के तंत्र और पादप हार्मोन्स की क्रियाविधि के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ब्रायोफाइट्स को पादप जगत का 'उभयचर' कहा जाता है क्योंकि ये मृदा में उगते हैं किंतु लैंगिक जनन के लिए जल की उपस्थिति अनिवार्य होती है, और इनमें मुख्य पादप शरीर गेमेटोफाइट (युग्मकोद्भिद्) होता है जो बीजाणुद्भिद (स्पोरोफाइट) पर पोषण के लिए आंशिक रूप से निर्भर रहता है।
2. C3 पौधों की तुलना में C4 पौधों में प्रकाश श्वसन (Photorespiration) की दर नगण्य होती है, जिसका मुख्य कारण यह है कि उनमें रुबिको (RuBisCO) एंजाइम बंडल शीथ कोशिकाओं में उच्च सांद्रता में पाया जाता है जहाँ कार्बन डाइऑक्साइड का सांद्रण मैलिक अम्ल के डीकार्बोक्सिलेशन द्वारा बढ़ जाता है।
3. ऑक्सिन (जैसे IAA) त्रेपोट्रॉपिज्म और फोटोट्रॉपिज्म की क्रियाओं को नियंत्रित करता है, जहाँ प्रकाश के विपरीत दिशा में ऑक्सिन का पार्श्व वितरण अधिक हो जाने के कारण त्रेपोट्रॉपिक वक्रता उत्पन्न होती है, जिसे डार्विन और उनके पुत्र द्वारा कैनरी ग्रास के कोलियोप्टाइल पर किए गए प्रयोगों से समझा गया था।
4. जिबरेलिन (Gibberellin) आनुवंशिक रूप से बौने पौधों में internode (पर्वान्तर) के दीर्घीकरण को प्रेरित करके उनकी लंबाई बढ़ाते हैं, और ये बीज अंकुरण के दौरान एल्यूरोन परत पर प्रभाव डालकर अल्फा-एमाइलेज जैसे हाइड्रोलिटिक एंजाइमों के संश्लेषण को उत्प्रेरित करते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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कोशिका का ऊर्जा गृह किसे कहा जाता है?
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