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History of India
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अनाज की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए अलाउद्दीन ने किन व्यापारियों को दिल्ली में बसने के लिए मजबूर किया था?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
बंजारे व्यापारियों को अनाज ढोने के लिए विवश किया गया था।
Related Questions
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सिकंदर लोदी ने 1504 ई. में किस नए शहर की स्थापना की थी?
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बौद्ध धर्म और जैन धर्म के प्रारंभिक दार्शनिक तथा संघ के संगठन से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बौद्ध संघ में प्रवेश के लिए न्यूनतम आयु सीमा 15 वर्ष निर्धारित की गई थी, जबकि जैन संघ (महावीर स्वामी के अधीन) में श्रमण बनने के लिए कोई न्यूनतम आयु सीमा नहीं थी और किसी भी आयु का व्यक्ति प्रवेश पा सकता था।
2. जैन धर्म के 'स्यादवाद' (सप्तभंगीनय) सिद्धांत के अनुसार संसार का प्रत्येक सत्य अनेक कोणों से देखा जा सकता है, जो बौद्ध धर्म के मध्यम मार्ग और प्रतीत्यसमुत्पाद के दार्शनिक सिद्धांतों से भिन्न एक स्वतंत्र ज्ञानमीमांसा प्रस्तुत करता है।
3. बौद्ध धर्म के विपरीत जैन धर्म ने आत्मा के अस्तित्व को पूर्णतः स्वीकार किया तथा मोक्ष प्राप्ति के लिए कायक्लेश (शरीर को कष्ट देना) और संलेखना (संसार त्याग की अंतिम प्रक्रिया) को अनिवार्य साधन माना।
4. महात्मा बुद्ध ने अपने संघ में महिलाओं के प्रवेश का समर्थन अपनी अंतिम अवस्था में अपने प्रिय शिष्य आनंद के विशेष अनुरोध पर वैशाली में किया था, जबकि जैन धर्म में प्रथम तीर्थंकर ऋषभदेव के समय से ही संघ में नग्न दिगंबर मुनियों और आर्यिकाओं (महिला संन्यासियों) की बराबर संख्या रही थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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19वीं शताब्दी के सामाजिक-धार्मिक सुधार आंदोलनों के वैचारिक आधार, संस्थागत विकास तथा उनके सुधारवादी दृष्टिकोण के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. राजा राममोहन राय द्वारा स्थापित 'ब्रह्म समाज' ने मूर्तिपूजा, बहुदेववाद, पैतृक संपत्ति में महिलाओं के अधिकारों के विरोध और सती प्रथा जैसी कुप्रथाओं का पुरजोर खंडन किया, तथा केशव चंद्र सेन के नेतृत्व में ब्रह्म समाज के प्रथम विभाजन के पश्चात साधारण ब्रह्म समाज की स्थापना हुई जो अंतर-जातीय विवाह और बाल विवाह निषेध का प्रबल समर्थक था।
2. स्वामी दयानंद सरस्वती द्वारा वर्ष 1875 में स्थापित 'आर्य समाज' ने 'वेदों की ओर लौटो' का नारा दिया और मूर्तिपूजा, अवतारवाद, बाल विवाह तथा जाति-प्रथा का तीव्र विरोध करते हुए 'शुद्धि आंदोलन' का प्रारंभ किया, जिसका उद्देश्य उन हिंदुओं को पुनः हिंदू धर्म में दीक्षित करना था जिन्होंने किन्हीं कारणों से अन्य धर्मों को अपना लिया था।
3. ज्योतिराव फुले द्वारा वर्ष 1873 में स्थापित 'सत्यशोधक समाज' ने ब्राह्मणवादी वर्चस्व, धार्मिक पाखंड और सामाजिक असमानता को चुनौती देते हुए शूद्रों और अति-शूद्रों के अधिकारों, शिक्षा तथा आत्म-सम्मान के लिए संघर्ष किया, और उनकी प्रसिद्ध पुस्तक 'गुलामगिरी' ने इस वैचारिक संघर्ष को एक नई दिशा दी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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मराठा साम्राज्य में "सरनजामी प्रथा" (Saranjami System) का संबंध किससे था?
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1857 के विद्रोह के तात्कालिक कारण और बैरकपुर छावनी की घटना के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. जनवरी 1857 में बंगाल सेना में पुरानी ब्राउन बैस बंदूक के स्थान पर नई 'एनफील्ड राइफल' को शामिल किया गया, जिसके कारतूसों में गाय और सुअर की चर्बी होने की अफवाह ने सैनिकों की धार्मिक भावनाओं को आहत किया।
2. बैरकपुर छावनी (34वीं बंगाल नेटिव इन्फैंट्री) के सिपाही मंगल पांडे ने 29 मार्च 1857 को चर्बी वाले कारतूसों के प्रयोग के आदेश का विरोध करते हुए ब्रिटिश अधिकारियों सार्जेंट ह्यूग बास् और लेफ्टिनेंट बॉग पर हमला कर उनकी हत्या कर दी थी।
3. मंगल पांडे को इस कृत्य के लिए 8 अप्रैल 1857 को निर्धारित तिथि से पहले ही बैरकपुर में सरेआम फाँसी पर लटका दिया गया, जिसके परिणामस्वरूप ब्रिटिश सेना के भीतर भारी आक्रोश फैल गया और इस घटना ने विद्रोह की पृष्ठभूमि तैयार कर दी।
4. बैरकपुर की इस घटना के तुरंत बाद मेरठ छावनी में 10 मई 1857 को 3rd लाइट कैवलरी के सैनिकों ने सामूहिक रूप से खुलेआम विद्रोह का बिगुल बजा दिया और दिल्ली की ओर कूच कर गए।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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