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विकास के प्रमुख सिद्धांतकार सभी देखें (1928) जीन पियाजे519 लेव वाइगोत्स्की403 लॉरेंस कोहलबर्ग19 एरिक एरिक्सन37 जेरोम ब्रूनर76 अल्बर्ट बंडूरा134 सिगमंड फ्रायड278 मास्लो, रोजर्स एवं मानवतावाद406 अन्य सिद्धांतकार (गेसेल, ब्रोनफेनब्रेनर, हॉल, आदि)56
अधिगम (सीखना) सभी देखें (1410) अधिगम: अर्थ, प्रकृति एवं प्रकार21 शास्त्रीय अनुबंधन (पावलोव)90 क्रियाप्रसूत अनुबंधन (स्किनर)262 थॉर्नडाइक: प्रयास एवं त्रुटि191 गेस्टाल्ट एवं अंतर्दृष्टि अधिगम284 रचनावाद एवं अन्य अधिगम सिद्धांत44 अधिगम स्थानांतरण, वक्र एवं पठार266 स्मृति एवं विस्मृति123 ध्यान एवं रुचि5 अभिप्रेरणा एवं प्रेरक97 अधिगम शैलियाँ एवं रणनीतियाँ27
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बाल अधिकार एवं संरक्षण सभी देखें (44) बाल अधिकार (UNCRC)1 POCSO अधिनियम एवं बाल सुरक्षा0 शिक्षा का अधिकार (RTE Act 2009)33 किशोर न्याय एवं अन्य कानून0 बाल कल्याण योजनाएँ (ICDS, मध्याह्न भोजन आदि)10
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जीन पियाजे
Asked 4 महीने पहले · Viewed 4,233 times
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पियाजे के अनुसार, 'औपचारिक-संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) का मुख्य गुण क्या है?

Detailed Explanation

📌 मुख्य संकल्पना / सिद्धांत:

जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, 'औपचारिक-संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) बच्चों में लगभग 11 वर्ष की आयु से शुरू होकर वयस्कता तक चलती है। इस अवस्था का सबसे मुख्य और महत्वपूर्ण गुण **अमूर्त चिंतन (Abstract Thinking)** तथा निगमनात्मक तर्क (Deductive Reasoning) का विकास है। इस स्तर पर बालक बिना किसी मूर्त या प्रत्यक्ष सामग्री के केवल कल्पना, प्रतीकों और विचारों के आधार पर समस्याओं का तार्किक समाधान करने में सक्षम हो जाते हैं। वे भविष्य की संभावनाओं के बारे में सोच सकते हैं, वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपना सकते हैं और दार्शनिक या सैद्धांतिक मुद्दों पर विचार कर सकते हैं। अत: विकल्प (c) बिल्कुल सही और सटीक उत्तर है।

📊 परीक्षा उपयोगी मुख्य बिंदु:

  • वस्तु स्थायित्व (Object Permanence): यह पियाजे की पहली अवस्था यानी संवेदी-गामक अवस्था (Sensorimotor Stage: 0-2 वर्ष) का प्रमुख गुण है।
  • क्रमबद्धता (Seriation) और वर्गीकरण (Classification): ये दोनों विशेषताएं मूर्त-संक्रियात्मक अवस्था (Concrete Operational Stage: 7-11 वर्ष) से संबंधित हैं जहाँ बालक वस्तुओं को उनके आकार, भार आदि के आधार पर क्रमबद्ध और वर्गीकृत करते हैं।
  • अन्य विकल्प विश्लेषण: विकल्प a, b और d पूर्ववर्ती अवस्थाओं के मील के पत्थर हैं, इसलिए वे इस प्रश्न के संदर्भ में गलत हैं।

📖 सैद्धांतिक संदर्भ: जीन पियाजे के अनुसार बौद्धिक विकास गुणात्मक चरणों में होता है। औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था उच्चतम चरण है जहाँ उच्च-स्तरीय मानसिक संक्रियाएं परिपक्व होती हैं। अधिक जानकारी के लिए पढ़ें जीन पियाजे का संज्ञानात्मक विकास सिद्धांत।

🎯 परीक्षा दृष्टिकोण: CTET / UPTET / BPSC TRE हेतु महत्वपूर्ण विस्तृत हल ➔
गहन विश्लेषण एवं परीक्षा उपयोगी रणनीतियाँ:

शिक्षक पात्रता परीक्षाओं (जैसे CTET, UPTET, KVS, REET) में पियाजे के चरणों से जुड़े प्रश्न बार-बार पूछे जाते हैं। परीक्षार्थियों को चारों अवस्थाओं (संवेदी-गामक, पूर्व-संक्रियात्मक, मूर्त-संक्रियात्मक और औपचारिक-संक्रियात्मक) के विशिष्ट लक्षणों और उनकी आयु सीमा को अच्छी तरह याद रखना चाहिए। औपचारिक संक्रियात्मक चरण में 'परिकल्पित-निगमनात्मक तर्क' (Hypothetico-Deductive Reasoning) और 'अमूर्त विचार' मुख्य बिंदु हैं जो उच्च प्राथमिक और माध्यमिक स्तर के pedagogic planning के लिए अत्यंत आवश्यक होते हैं।

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अगला प्रश्न → पियाजे के अनुसार, 'संवेदी-पेशीय अवस्था' (Sensorimotor Stage) की अवधि क्या है? ← पिछला प्रश्न पियाजे के अनुसार 'मूर्त-संक्रियात्मक अवस्था' (Concrete…

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→ जीन पियाजे (Jean Piaget) के 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' (Theory of Cognitive Development) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'विकेंद्रण या डीसेंट्रेशन' (Decentration)—जिसे उस उन्नत संज्ञानात्मक क्षमता के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत बालक किसी वस्तु या परिस्थिति के केवल एक ही पहलू, आयाम या विशेषता पर अपना ध्यान केंद्रित करने (केंद्रण/Centration) के बजाय उसके एकाधिक पहलुओं या आयामों को एक साथ देखने, समझने और मानसिक रूप से समन्वित करने में सक्षम हो जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के बहुआयामी दृष्टिकोण, तार्किक संरक्षण (Conservation) और संज्ञानात्मक लचीलेपन के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? → जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत, 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) में प्रवेश करने वाले किशोरों में विकसित होने वाली 'परिकल्पित-निगमनात्मक तर्क' (Hypothetico-Deductive Reasoning) और 'संयोजनवादी विचार' (Combinatorial Thought) की क्षमताओं का सूक्ष्म विश्लेषण करते समय, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इस अवस्था की तात्विक एवं संज्ञानात्मक विशेषताओं को सबसे सटीक रूप से परिभाषित करता है? → पियाजे के अनुसार, संज्ञानात्मक विकास की किस अवस्था में बालक 'संरक्षण' (Conservation) की अवधारणा समझ जाता है? → जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' की आयु अवधि क्या है? → पियाजे के अनुसार, 'क्रमबद्धता' (Seriation) की क्षमता किस अवस्था में विकसित होती है? → पियाजे के अनुसार 'आत्मसात्करण' (Assimilation) क्या है? → पियाजे के अनुसार, 'वस्तु स्थायित्व' (Object Permanence) का गुण किस अवस्था में विकसित होता है? → पियाजे के अनुसार, 'अहमकेंद्रित' (Egocentrism) व्यवहार किस अवस्था की मुख्य विशेषता है?
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