समूह खंड (Group Factor) बुद्धि का सिद्धांत किसने दिया?
Detailed Explanation
📌 मुख्य संकल्पना / सिद्धांत:
बुद्धि के 'समूह खंड सिद्धांत' (Group Factor Theory of Intelligence) के प्रतिपादक प्रसिद्ध मनोवैज्ञानिक लुईस थर्स्टन (L.L. Thurstone) हैं। थर्स्टन ने स्पीयरमैन के द्व-कारक सिद्धांत का खंडन करते हुए यह प्रतिपादित किया कि बुद्धि किसी एक सामान्य कारक या दो कारकों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह कई प्राथमिक मानसिक योग्यताओं (Primary Mental Abilities) के समूहों या कारकों से मिलकर बनती है। उन्होंने अपने इस सिद्धांत को विकसित करने के लिए 'फैक्टर एनालिसिस' (Factor Analysis) सांख्यकीय तकनीक का प्रयोग किया था और आरंभ में 7 तथा बाद में 9 प्राथमिक योग्यताओं का उल्लेख किया जैसे- शाब्दिक अर्थ, स्थानिक योग्यता, संख्यात्मक क्षमता, तार्किक विचार, और स्मरण शक्ति आदि। इस प्रकार थर्स्टन का यह सिद्धांत बहु-कारक और समूह तत्वों पर आधारित दृष्टिकोण को स्पष्ट रूप से रेखांकित करता है।
📊 परीक्षा उपयोगी मुख्य बिंदु:
- थर्स्टन (Thurstone): समूह कारक सिद्धांत (Group Factor Theory) के जनक, जिन्होंने प्राथमिक मानसिक क्षमताओं (PMA) का प्रतिपादन किया।
- स्पीयरमैन (Spearman): इन्होंने बुद्धि का 'द्व-कारक सिद्धांत' (Two-Factor Theory - 'G' and 'S' factors) प्रतिपादित किया था, जो इस प्रश्न का गलत विकल्प है।
- अल्फ्रेड बिने (Alfred Binet): इन्होंने बुद्धि का पहला परीक्षण तैयार किया और 'एक-कारक सिद्धांत' (Unifactor Theory) के समर्थकों में गिने जाते हैं।
- पोंपोनोजी (Pomponazzi): शिक्षा और मनोविज्ञान के इतिहास में बुद्धि के किसी प्रमुख सिद्धांत से इनका सीधा संबंध नहीं है।
📖 सैद्धांतिक संदर्भ: बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र में बुद्धि के सिद्धांत (Theories of Intelligence) का अध्ययन करते समय थर्स्टन का समूह कारक सिद्धांत और स्पीयरमैन का सिद्धांत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अधिक जानकारी के लिए बुद्धि के सिद्धांत एवं मापन देखें।
🎯 परीक्षा दृष्टिकोण: CTET / UPTET / BPSC TRE हेतु महत्वपूर्ण विस्तृत हल ➔
गहन विश्लेषण एवं परीक्षा उपयोगी रणनीतियाँ:
शिक्षक पात्रता परीक्षाओं (जैसे CTET, UPTET, HTET, और BPSC TRE) में बुद्धि के विभिन्न सिद्धांतों, उनके प्रतिपादकों और उनमें निहित मनोवैज्ञानिक अवधारणाओं से सीधे प्रश्न पूछे जाते हैं। थर्स्टन के समूह कारक सिद्धांत के अनुसार, विभिन्न बौद्धिक कार्य कुछ खास प्राथमिक क्षमताओं के समूहों द्वारा संचालित होते हैं। परीक्षार्थियों को याद रखना चाहिए कि थर्स्टन ने 'G' फैक्टर को अस्वीकार करते हुए स्वतंत्र मानसिक योग्यताओं पर बल दिया। कक्षा शिक्षण के दौरान एक शिक्षक को बच्चों की विभिन्न प्राथमिक क्षमताओं (जैसे स्थानिक, संख्यात्मक या शाब्दिक) को पहचानकर उनके अनुसार शिक्षण पद्धतियों का चयन करना चाहिए, जिससे समावेशी कक्षा में प्रत्येक छात्र की विशिष्ट क्षमता का समुचित विकास हो सके।