प्रबलन (Reinforcement) का सिद्धांत किसने दिया?
Detailed Explanation
📌 मुख्य संकल्पना / सिद्धांत:
प्रबलन (Reinforcement) का सिद्धांत मुख्य रूप से क्लार्क एल. हल (C. L. Hull) द्वारा उनके 'व्यवस्थित व्यवहार सिद्धांत' (Systematic Behavior Theory) या 'अंतर्नोद न्यूनीकरण सिद्धांत' (Drive Reduction Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित किया गया था। हल के अनुसार, जैविक आवश्यकताएं शरीर में अंतर्नोद (Drive) उत्पन्न करती हैं और जब इन आवश्यकताओं की पूर्ति होती है, तो प्रबलन (Reinforcement) होता है, जो सीखने की प्रक्रिया को मजबूत बनाता है। हालांकि बी.एफ. स्किनर ने क्रियाप्रसूत अनुबंधन में प्रबलन का व्यापक प्रयोग किया, लेकिन सैद्धांतिक रूप से प्रबलन के गणितीय और व्यवस्थित स्वरूप का श्रेय सी. एल. हल को जाता है। अत: विकल्प (b) इस प्रश्न का बिल्कुल सही और प्रामाणिक उत्तर है।
📊 परीक्षा उपयोगी मुख्य बिंदु:
- सी. एल. हल: इन्होंने अंतर्नोद न्यूनीकरण का सिद्धांत दिया, जिसमें प्रबलन (Reinforcement) को प्राणी की आवश्यकता की संतुष्टि से जोड़ा गया है।
- जान ड्यूवी: ये 'प्रगतिशील शिक्षा' (Progressive Education) और 'करके सीखने' (Learning by Doing) के जनक माने जाते हैं।
- जीन पियाजे: इन्होंने 'संज्ञानात्मक विकास का सिद्धांत' (Cognitive Development Theory) दिया, जिसके चार प्रमुख चरण हैं।
- अल्फ्रेड बिने: इन्होंने पहले बुद्धि परीक्षण का निर्माण किया और बुद्धि मापने के लिए 'मानसिक आयु' (Mental Age) की अवधारणा दी।
📖 सैद्धांतिक संदर्भ: शिक्षा मनोविज्ञान में अधिगम के सिद्धांतों के अंतर्गत क्लार्क हल का योगदान अत्यधिक महत्वपूर्ण है। परीक्षा में अक्सर अधिगम और अभिप्रेरणा से जुड़े प्रश्न पूछे जाते हैं। अधिक जानकारी के लिए क्लार्क हल का सिद्धांत का अध्ययन करें।
🎯 परीक्षा दृष्टिकोण: CTET / UPTET / BPSC TRE हेतु महत्वपूर्ण विस्तृत हल ➔
गहन विश्लेषण एवं परीक्षा उपयोगी रणनीतियाँ:ः
शिक्षक पात्रता परीक्षाओं (जैसे CTET, UPTET, REET और बिहार शिक्षक भर्ती) में मनोवैज्ञानिकों और उनके सिद्धांतों का मिलान करने वाले प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं। छात्रों को यह स्पष्ट होना चाहिए कि यद्यपि बी.एफ. स्किनर ने क्रियाप्रसूत अनुबंधन में प्रबलन (Positive and Negative Reinforcement) को व्यावहारिक रूप से लोकप्रिय बनाया, परंतु 'प्रबलन का व्यवस्थित सिद्धांत' सी. एल. हल के नाम से जुड़ा हुआ है। कक्षा कक्ष शिक्षण में छात्रों को अभिप्रेरित करने और उनके वांछित व्यवहार को सुदृढ़ करने के लिए प्रबलन एक अत्यंत प्रभावशाली तकनीक है। शिक्षकों को सकारात्मक प्रबलन (जैसे प्रशंसा, पुरस्कार) का उपयोग विद्यार्थियों के अधिगम स्तर को ऊंचा उठाने के लिए करना चाहिए।