क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांत (1938) के प्रतिपादक कौन हैं?
Detailed Explanation
📌 मुख्य संकल्पना / सिद्धांत:
क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांत (Operant Conditioning Theory) के प्रतिपादक अमेरिकी मनोवैज्ञानिक बी. एफ. स्किनर (B.F. Skinner) हैं, जिसे उन्होंने वर्ष 1938 में प्रतिपादित किया था। इस सिद्धांत को 'नैमित्तिक अनुबंधन' (Instrumental Conditioning) या 'आर-एस थ्योरी' (R-S Theory) भी कहा जाता है। स्किनर के अनुसार, प्राणी अपनी इच्छा से सक्रिय होकर पर्यावरण में जो व्यवहार करता है, उसे क्रियाप्रसूत व्यवहार कहते हैं। यदि इस व्यवहार के पश्चात सकारात्मक या नकारात्मक पुनर्बलन (Reinforcement) प्राप्त होता है, तो उस व्यवहार के दोहराए जाने की संभावना बढ़ जाती है या घट जाती है। स्किनर ने अपने प्रयोग भूखे कबूतरों और चूहों पर 'स्किनर बॉक्स' (Skinner Box) के माध्यम से किए थे, जो शैक्षिक अधिगम, प्रोग्राम्ड लर्निंग और कक्षा प्रबंधन में अत्यधिक महत्वपूर्ण माने जाते हैं।
📊 परीक्षा उपयोगी मुख्य बिंदु:
- आर-एस थ्योरी (R-S Theory): इस सिद्धांत में रिस्पांस (Response) पहले होता है और स्टिमुलस (Stimulus) यानी पुनर्बलन बाद में मिलता है।
- पुनर्बलन का महत्व: स्किनर ने शिक्षा में सकारात्मक पुनर्बलन (जैसे प्रशंसा, ग्रेड, पुरस्कार) की वकालत की है।
- अन्य विकल्पों का विश्लेषण: सिगमंड फ्रायड ने मनोविश्लेषणवाद (Psychoanalysis) का प्रतिपादन किया, जबकि हैब तंत्रिका मनोवैज्ञानिक थे। विकल्प 'बी' और 'सी' दोनों एक ही व्यक्ति को दर्शाते हैं, किंतु परीक्षा बोर्ड द्वारा संक्षिप्त नाम 'स्किनर' (c) को सटीक माना गया है।
📖 सैद्धांतिक संदर्भ: स्किनर का क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांत व्यवहारवादी मनोविज्ञान की नींव को मजबूत करता है। शिक्षण अधिगम प्रक्रिया में पुनर्बलन की भूमिका को समझने के लिए अधिगम के सिद्धांतों का अध्ययन करना आवश्यक है, जो शिक्षक पात्रता परीक्षाओं में बार-बार पूछे जाते हैं।
🎯 परीक्षा दृष्टिकोण: CTET / UPTET / BPSC TRE हेतु महत्वपूर्ण विस्तृत हल ➔
गहन विश्लेषण एवं परीक्षा उपयोगी रणनीतियाँ:ः
सीटेट और अन्य शिक्षक भर्ती परीक्षाओं में स्किनर के सिद्धांत से जुड़े प्रश्न अक्सर 'पुनर्बलन के प्रकार', 'शaping तकनीक' और 'प्रोग्राम्ड इंस्ट्रक्शन' (Programmed Instruction) के संदर्भ में पूछे जाते हैं। शिक्षकों के लिए यह जानना जरूरी है कि कक्षा में छात्रों के वांछनीय व्यवहार को बढ़ाने के लिए निरंतर या आंतरायिक पुनर्बलन (Intermittent Reinforcement) का प्रयोग कैसे किया जाए। चूँकि इस प्रश्न में विकल्प 'सी' में सीधा नाम 'स्किनर' दिया गया है और यही बोर्ड की उत्तर कुंजी के अनुरूप सबसे उपयुक्त माना गया है, अतः उम्मीदवारों को विकल्पों की बारीकियों पर ध्यान देना चाहिए।