अधिगम सोपानकी के प्रतिपादक कौन हैं?
Detailed Explanation
📌 मुख्य संकल्पना / सिद्धांत:
अधिगम सोपानकी (Learning Hierarchy) के प्रतिपादक रॉबर्ट गेने (Robert Gagné) हैं। अपनी प्रसिद्ध पुस्तक 'द कंडीशंस ऑफ लर्निंग' (The Conditions of Learning) में उन्होंने अधिगम के आठ प्रकारों को एक पदानुक्रमित यानी सोपानकी क्रम में व्यवस्थित किया है। गेne के अनुसार, अधिगम सरल से जटिल (Simple to Complex) की ओर बढ़ता है और निचले स्तर के अधिगम के कौशल उच्च स्तर के कौशलों को सीखने के लिए आधार का काम करते हैं। उनके इस सिद्धांत में संकेत अधिगम से लेकर समस्या समाधान अधिगम तक के विभिन्न चरण शामिल हैं, जो बाल मनोविज्ञान और शिक्षाशास्त्र में अत्यधिक महत्वपूर्ण माने जाते हैं।
📊 परीक्षा उपयोगी मुख्य बिंदु:
- रॉबर्ट गेने का अधिगम सोपानकी 8 स्तरों में बंटा है: संकेत अधिगम, उद्दीपन-अनुक्रिया अधिगम, श्रृंखला अधिगम, शाब्दिक साहचर्य, बहुभेद अधिगम, संप्रत्यय अधिगम, नियम अधिगम और समस्या समाधान अधिगम।
- विकल्प (a) जीन पियाजे संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के लिए जाने जाते हैं।
- विकल्प (b) इवान पावलाव शास्त्रीय अनुबंधन (Classical Conditioning) के जनक हैं।
- विकल्प (d) डेविड आसुबेल ने 'अग्रिम संगठन सिद्धांत' (Advance Organizer Theory) और अर्थपूर्ण मौखिक अधिगम प्रतिपादित किया है।
📖 सैद्धांतिक संदर्भ: शैक्षिक मनोविज्ञान में रॉबर्ट गेने का यह सिद्धांत बच्चों के मानसिक और कौशलात्मक विकास के क्रमिक चरणों को समझने में मदद करता है। अधिक जानकारी के लिए अधिगम सिद्धांत और रॉबर्ट गेने का सिद्धांत पढ़ें।
🎯 परीक्षा दृष्टिकोण: CTET / UPTET / BPSC TRE हेतु महत्वपूर्ण विस्तृत हल ➔
गहन विश्लेषण एवं परीक्षा उपयोगी रणनीतियाँ:
शिक्षक पात्रता परीक्षाओं (जैसे CTET, UPTET, HTET) में रॉबर्ट गेने की सोपानकी से अक्सर प्रश्न पूछे जाते हैं कि सबसे निचला स्तर या सबसे उच्च स्तर कौन सा है। सबसे निचला स्तर 'संकेत अधिगम' (Signal Learning) है और सबसे उच्चतम स्तर 'समस्या समाधान अधिगम' (Problem Solving Learning) है। अध्यापकों को कक्षा शिक्षण के दौरान पाठ योजना बनाते समय इसी सरल से जटिल क्रम का पालन करना चाहिए ताकि छात्रों का संज्ञानात्मक और व्यावहारिक विकास सुचारू रूप से हो सके।