स्नेह सिद्धान्त में माता-पिता के आंतरिक कार्य मॉडल के कितने प्रकार होते हैं?
Detailed Explanation
📌 मुख्य संकल्पना / सिद्धांत:
जॉन बॉल्बी (John Bowlby) और मैरी एन्सवर्थ (Mary Ainsworth) द्वारा प्रतिपादित स्नेह या लगाव सिद्धांत (Attachment Theory) के अनुसार, शिशुओं और देखभाल करने वालों (मुख्यतः माता-पिता) के बीच की अंतःक्रिया से 'आंतरिक कार्य मॉडल' (Internal Working Models) विकसित होते हैं। माता-पिता के लगाव के इन आंतरिक कार्य मॉडलों को मुख्य रूप से चार प्रकारों में वर्गीकृत किया गया है: सुरक्षित (Secure), चिंतित-चिंतित/अव्यवस्थित (Preoccupied/Anxious-Ambivalent), खारिज करने वाला (Dismissing), और भयभीत (Fearful-Avoidant)। ये मॉडल वयस्क के रूप में उनके अपने बच्चों के प्रति व्यवहार और उनके संज्ञानात्मक-भावात्मक दृष्टिकोण को निर्धारित करते हैं। विकल्प (c) चार (4) इस सिद्धांत के वर्गीकरण के आधार पर बिल्कुल सही है, क्योंकि यह वयस्क लगाव शैलियों (Adult Attachment Styles) से सीधे जुड़े होते हैं और बच्चों के पालन-पोषण में प्रत्यक्ष भूमिका निभाते हैं।
📊 परीक्षा उपयोगी मुख्य बिंदु:
- बॉल्बी के अनुसार, शिशु जन्मजात रूप से लगाव की प्रवृत्तियों के साथ पैदा होते हैं जो उन्हें जीवित रहने में मदद करती हैं।
- मैरी एन्सवर्थ ने 'स्ट्रेंज सिचुएशन' (Strange Situation) प्रयोग के माध्यम से शिशुओं में चार प्रकार के लगाव (सुरक्षित, असुरक्षित-अवरुद्ध, असुरक्षित-प्रतिरोधी, और अव्यवस्थित) की पहचान की।
- माता-पिता के चार आंतरिक कार्य मॉडल वयस्क लगाव पैटर्न (Secure, Dismissing, Preoccupied, Fearful) के अनुरूप होते हैं।
- अन्य विकल्प (2, 5, 6) इस वर्गीकरण से मेल नहीं खाते, अतः वे गलत हैं।
📖 सैद्धांतिक संदर्भ: बाल्यावस्था और विकास के मनोविज्ञान में, जॉन बॉल्बी का स्नेह सिद्धांत यह स्पष्ट करता है कि कैसे शुरुआती सामाजिक संबंध बच्चे के भावात्मक और संज्ञानात्मक विकास की नींव रखते हैं। अधिक जानकारी के लिए बाल विकास एवं मनोविज्ञान और सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत के संदर्भ को समझें।
🎯 परीक्षा दृष्टिकोण: CTET / UPTET / BPSC TRE हेतु महत्वपूर्ण विस्तृत हल ➔
गहन विश्लेषण एवं परीक्षा उपयोगी रणनीतियाँ:
शिक्षक पात्रता परीक्षाओं (जैसे CTET, UPTET) में बाल विकास के अंतर्गत लगाव सिद्धांत (Attachment Theory) से अक्सर प्रश्न पूछे जाते हैं। आंतरिक कार्य मॉडल (Internal Working Models) व्यक्ति के अपने बारे में और दूसरों के बारे में मानसिक प्रतिनिधित्व होते हैं, जो यह तय करते हैं कि वे रिश्तों को कैसे समझते हैं। माता-पिता का आंतरिक मॉडल सीधे तौर पर उनके बच्चों के साथ 'सेंसिटिविटी' और 'रिस्पॉन्सिवनेस' को प्रभावित करता है। सुरक्षित मॉडल वाले माता-पिता अपने बच्चों की जरूरतों के प्रति संवेदनशील होते हैं, जबकि असुरक्षित मॉडल (जैसे खारिज करने वाला या भयभीत) वाले माता-पिता बच्चों के साथ भावनात्मक दूरी या अनिश्चितता पैदा कर सकते हैं। शिक्षकों को यह समझना आवश्यक है ताकि वे कक्षा में उन बच्चों की पहचान कर सकें जो घर पर असुरक्षित लगाव शैली का सामना कर रहे हैं और उनके लिए एक सुरक्षित व सहायक शैक्षणिक वातावरण प्रदान कर सकें।